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जामिया के छात्रों को बॉलीवुड की कई हस्तियों का समर्थन, परिणीति ने कहा- देश को अब लोकतंत्र न कहें

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की बॉलीवुड की कई हस्तियों ने निंदा की और सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि यह छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास है.

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परिणीति चोपड़ा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

मुंबई: नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोगों को पीटने के खिलाफ बॉलीवुड से आवाज उठाने वालों में परिणीति चोपड़ा का भी नाम जुड़ गया है.

उन्होंने ट्वीट कर जामिया छात्रों के खिलाफ पुलिस बर्बरता की निंदा की और कहा कि हमें एक विधेयक पारित कर ये घोषित कर देना चाहिए कि हमारा देश अब लोकतंत्र नहीं रहा.

चोपड़ा ने लिखा, ‘अगर अपनी बात रखने के लिए नागरिकों के साथ हर बार ऐसा ही होता है तो, सीएबी को छोड़िए, हमें एक विधेयक पारित कर ये घोषित कर देना चाहिए कि अब हमारे देश को लोकतंत्र न कहा जाए. अपनी बात रखने के लिए निर्दोष लोगों की पिटाई? बर्बर है.’

परिणीति चोपड़ा के अलावा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की बॉलीवुड की कई हस्तियों ने निंदा की और सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि यह छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास है.

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद जामिया में रविवार को युद्ध मैदान में तब्दील हो गया था क्योंकि पुलिस ने परिसर में प्रवेश कर बल प्रयोग किया था.

सोशल मीडिया पर जहां इस मामले में बॉलीवुड के शीर्ष कलाकार, निर्देशक और निर्माता चुप रहे वहीं कई ऐसे भी कलाकार एवं फिल्म जगत से जुड़े लोग थे जिन्होंने विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया.

इस साल अगस्त में ट्विटर छोड़ने वाले निर्देशक अनुराग कश्यप अपनी आवाज मुखर करने के लिए वापस सोशल मीडिया पर लौटें. छात्रों के विरोध को जिस प्रकार से रोका गया उसका उन्होंने विरोध किया.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह बहुत आगे चला गया है. (मैं) अब और चुप नहीं बैठ सकता हूं. यह सरकार स्पष्ट रूप से फासीवादी है.’ अभिनेत्री तापसी पन्नू ने कहा कि परिसर के अंदर पुलिस कार्रवाई का वीडियो व्यथित करने वाला है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘आश्चर्य है कि यह एक शुरुआत या अंत है. चाहे जो भी हो, निश्चित तौर पर इससे कानून के नए नियम लिखे जा रहे हैं, जो इसमें फिट नहीं है वह बहुत अच्छे से इसका परिणाम देख सकता है. इस वीडियो ने सबका दिल और उम्मीद एक साथ तोड़ा है. अपरिवर्तनीय क्षति, और मैं सिर्फ जीवन और संपत्ति के बारे में बात नहीं कर रही हूं.’

निर्देशक सुधीर मिश्रा ने ट्वीट किया, ‘1987 में मैने एक फिल्म बनाई थी. उसका नाम ‘ये वो मंजिल तो नहीं’ था. यह फिल्म छात्र पृष्ठभूमि पर आधारित थी. क्लाइमेक्स में, पुलिस परिसर में प्रवेश करती है और छात्रों की जमकर पिटाई करती है. कुछ नहीं बदला है. यह भयानक है कि अब हम जानते हैं कि फूल का क्या हुआ. कुचल दिया गया.’

फिल्म निर्मात्री कोंकणा सेन शर्मा ने कहा, ‘हम लोग छात्रों के साथ हैं. दिल्ली पुलिस आपको शर्म आनी चाहिए.’ हालीवुड स्टार जान क्यूसैक ने भी सोशल मीडिया पर वायरल परिसर के अंदर के वीडियो का संज्ञान लिया.

उन्होंने पहले प्रदर्शन का संदर्भ पूछा और लिखा, ‘दिल्ली से खबरे हैं- कल रात यह युद्ध क्षेत्र था- फासीवाद कोई मजाक नहीं है. हम समझ के साथ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, यह घातक है.’

‘न्यूटन’ स्टार राजकुमार राव ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अपील करते हुए छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की. लेखक-कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने कहा कि जामिया में जो कुछ हुआ, उसे इतिहास नहीं भुलाएगा.

अभिनेता अली फजल ने कहा कि अब चुप रहने का समय नहीं है, किसी के वैचारिक मतभेद के बावजूद, किसी को चुप रहना चाहिए. अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने छात्रों के साथ व्यवहार किया वह ‘चौंकाने वाला और शर्मनाक’ है.

अभिनेता मनोज वाजपेयी ने छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा की. इसके अलावा अभिनेता आयुष्मान खुराना, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, लेखक चेतन भगत, अभिनेत्री सयानी गुप्ता, सिद्धार्थ, अभिनेता मोहम्मद जीशान अयूब, रिचा चड्ढा, विक्रांत मेस्सी, निर्देशक अनुभव सिन्हा, रीमा कागती समेत कई लोगों ने इसकी आलोचना की.