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तमिलनाडु के चार ज़िलों में 19 से 30 जून तक लॉकडाउन लगाया गया

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगालपेट और कांचीपुरम ज़िलों में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है. देश में महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक मामले पाए गए हैं.

Chennai: Few vehicles are seen on a deserted road during nationwide lockdown amid coronavirus pandemic, in Chennai, Wednesday, March 25, 2020. (PTI Photo)(PTI25-03-2020 000191B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तमिलनाडु में फिर से लॉकडाउन लगने जा रहा है. मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने सोमवार को घोषणा किया कि चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगालपेट और कांचीपुरम जिले में 19 जून से 30 जून तक लॉकडाउन लगेगा.

हालांकि किराने की दुकानें, होटल (केवल टेक-अवे) और आवश्यक वस्तुओं को बेचने वाली अन्य दुकानें लॉकडाउन के दौरान सुबह छह से दोपहर दो बजे के बीच खुली रहेंगी.

मालूम हो कि देश में महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पलानीस्वामी ने कहा, ‘वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर 19 जून से लेकर 30 जून तक कठोर लॉकडाउन लागू रहेगा.’

ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सीमा, तिरुवल्लूर नगर पालिका, गुम्मिदीपूंडी, पोन्नेरी और मिंजुर नगर पंचायतों और पूनमल्ली, एक्काडू और चोलावरम पंचायत यूनियनों की सभी पंचायतों में लॉकडाउन लागू रहेगा.

अस्पताल, लैब्स, फार्मेसी, एंबुलेंस जैसे जरूरी चीजों का कामकाज चालू रहेगा. किराए वाले ऑटो, टैक्सी और प्राइवेट गाड़ियों को इजाजत नहीं दी जाएगी. हालांकि आपातकालीन स्थिति में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.

राज्य एवं केंद्रीय ऑफिसों में 33 फीसदी स्टाफ काम करेगा. हालांकि आवश्यक सेवाओं वाले विभाग जैसे कि सचिवालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पुलिस, रेवेन्यू तथा आपदा प्रबंधन विभाग, बिजली, जल आपूर्ति जैसे विभाग पर्याप्त कर्मचारियों के साथ काम करते रहेंगे.

इसके अलावा बैंकों को 29 और 30 जून को 33 फीसदी स्टाफ के साथ खोलने की इजाजत दी गई है. हालांकि एटीएम पहले की ही तरह काम करते रहेंगे.

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस संक्रमण के हालात पर चर्चा के लिए सोमवार को दिल्ली के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की. यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर की गई है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शाह ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में चार मुख्य राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को जानकारी दी और इस मामले में उनके सुझाव मांगे.

भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और बसपा के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया. दिल्ली में 41,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं और 1,300 से अधिक लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है. संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली तीसरे नंबर पर है.