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त्रिपुरा में कथित घोटाले की ख़बर को लेकर अख़बार की 6,000 प्रतियां नष्ट की गईं

त्रिपुरा से प्रकाशित होने वाले दैनिक ‘प्रतिबादी कलम’ के संपादक ने बताया कि उन्होंने कृषि विभाग में हुए कथित 150 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में रिपोर्ट्स की एक शृंखला प्रकाशित की और यह उसी का परिणाम है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

(फोटो साभार: ट्विटर)

अगरतला: त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर में शनिवार को कुछ लोगों के एक समूह द्वारा बसों पर लदे अखबार की तकरीबन छह हजार प्रतियां छीनकर नष्ट कर दी गईं. उस समाचार पत्र में राज्य के कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थीं.

पुलिस अधीक्षक (गोमती) लकी चौहान ने कहा कि उदयपुर के राधाकिशोरपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है और अपराधियों की पहचान के लिए जांच की जा रही है.

दैनिक ‘प्रतिबादी कलम’ के संपादक अनोल रॉय चौधरी ने कहा, ‘सुबह बसों से विभिन्न जिलों में भेजी जा रही करीब 6,000 प्रतियां छीन ली गईं. उनमें से आधे को जला दिया गया और शेष को फाड़कर फेंक दिया गया.’

रॉय चौधरी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 11 लोगों ने समाचार पत्रों के बंडलों को जबरदस्ती बसों से उतार दिया और उन्हें नष्ट कर दिया.

उन्होंने कहा कि दैनिक समाचार पत्र ने कृषि विभाग में कथित रूप से 150 करोड़ रुपये के घोटाले के संबंध में पिछले तीन दिनों से रिपोर्ट की एक शृंखला प्रकाशित की और यह उसी का परिणाम है.

चौहान ने कहा कि जांच जारी है और दोषी लोगों को गिरफ्तार करने में कोई कसर नहीं रखी जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये अखबार त्रिपुरा के तीन जिलों में बांटने के लिए भेजे गए थे. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अखबार के संपादक अनोल रॉय चौधुरी ने बताया, ‘हमने रिपोर्ट के एक शृंखला प्रकाशित की है, जिसमें कृषि मंत्री प्रणजीत एस. राय का नाम अन्य लोगों के साथ सामने आया है.’

बहरहाल कृषि विभाग के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

अपनी शिकायत में चौधरी ने राजू मजूमदार नाम के व्यक्ति समेत 11 लोगों को अखबार की प्रतियां फाड़ने और जलाने की इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने बताया कि शनिवार को अन्य जगहों पर जा रहीं अखबारों की प्रतियां भी रोकी गई हैं.

उधर, अगरतला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पुलिस उप-महानिरीक्षक सौमित्र धर से मुलाकात की और इस घटना के लिए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

राज्यों के पत्रकारों के एक संगठन ‘एसेंबली ऑफ जर्नलिस्ट्स (एओजे) ने अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है. इसके बाद वे पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)