भारत

दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत ख़राब’ श्रेणी में पहुंची

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक हवा की गति और धीमी पड़ने का अनुमान है, इसलिए दिल्ली की वायु गुणवत्ता के अगले दो दिन में और ख़राब होने तथा ‘ख़राब’ से ‘अत्यंत ख़राब’ के बीच बनी रहने की आशंका है.

New Delhi: Parliament building engulfed in smog post Diwali celebrations, in New Delhi, Sunday, Nov. 15, 2020. Delhis air quality turned severe on Diwali with stubble burning accounting for 32 percent of the citys PM2.5 pollution and calm winds worsening the situation as they allowed the accumulation of pollutants. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI15-11-2020 000064B)

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली में सोमवार को वायु गुणवत्ता ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई तथा तापमान के गिरने और हवा की गति मंद पड़ने के कारण इसके और खराब होने की आशंका है.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार मंगलवार सुबह दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत ही खराब श्रेणी में दर्ज किया गया.

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 307 दर्ज किया गया. रविवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 268 था, शनिवार को यह 231, शुक्रवार को 137, बृहस्पतिवार को 302 और बुधवार को एक्यूआई 413 दर्ज किया गया था.

उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘अत्यंत खराब’ और 401 से 500 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.

विभाग ने बताया कि रात के वक्त हवा की गति मंद थी. दिन के वक्त हवा की अधिकतम गति 10 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है.

विभाग ने बताया था कि हवा की गति और धीमी पड़ने का अनुमान है इसलिए दिल्ली की वायु गुणवत्ता के अगले दो दिन में और खराब होने तथा ‘खराब’ से ‘अत्यंत खराब’ के बीच बनी रहने की आशंका है.

उसने बताया कि रविवार को न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

हवा की मंद गति और कम तापमान के कारण प्रदूषक तत्व जमीन की सतह के निकट एकत्रित हो जाते हैं, जबकि हवा की अनुकूल गति होने पर उनके छितराव में मदद मिलती है.

दिल्ली के लिए केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने सोमवार को बताया था कि शहर का वेंटिलेशन इंडेक्स (वायु संचार सूचकांक) सोमवार को 2,500 वर्गमीटर प्रति सेकेंड और मंगलवार को 2,000 वर्गमीटर प्रति सेकेंड रहने का अनुमान है.

वायु संचार सूचकांक 6,000 वर्गमीटर प्रति सेकेंड से कम और वायु की औसत गति 10 किमी प्रति घंटे से कम रहने से प्रदूषक तत्वों के छितराव के लिए प्रतिकूल स्थितियां होती हैं.

फसल की कटाई का सीजन खत्म होने के साथ दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी भी कम हो गई है.

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के पीएम-2.5 स्तर में पराली जलाने की हिस्सेदारी छह प्रतिशत रही, शनिवार को यह चार प्रतिशत थी, शुक्रवार को दो प्रतिशत और बृहस्पतिवार को एक प्रतिशत थी.

दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में दिल्ली दूसरे स्थान पर

यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स् द्वारा सोमवार को जारी वायु प्रदूषण के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में पाकिस्तान का लाहौर शीर्ष पर रहा और भारत की राजधानी दिल्ली दूसरे स्थान पर रही.

यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में लाहौर शीर्ष पर रहा, जहां अतिसूक्ष्म कणों (पीएम) की रेटिंग 423 रही. वहीं, पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची एक्यूआई में सातवें स्थान पर रहा.

भारत की राजधानी नई दिल्ली 229 के एक्यूआई के साथ दूसरे स्थान पर रही. नेपाल की राजधानी काठमांडू सबसे प्रदूषित शहरों में तीसरे स्थान पर रही, जहां पीएम 178 दर्ज किया गया.

अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी 50 के भीतर एक्यूआई को ‘संतोषजनक’ मानती है. लाहौर का एक्यूआई 301 और इससे ऊपर की श्रेणी में रहा जिसे ‘खतरनाक’ माना जाता है.