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पुलिस ने कहा- स्टैंडअप कॉमेडियन द्वारा हिंदू देवताओं के अपमान करने का कोई वीडियो सबूत नहीं

मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक मेयर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ के बेटे ने स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी पर हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. फारूकी समेत पांच लोगों को गिरफ़्तार कर 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

भोपाल: कथित तौर पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने के कारण स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी और चार अन्य की गिरफ्तारी के दो दिन बाद उस स्टैंडअप कॉमेडी एक्ट की ऑडियंस का हिस्सा होने का दावा करते हुए एक महिला ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि फारूकी ने कोई अपमानजनक बयान नहीं दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऐसा कोई वीडियो सबूत नहीं है कि वह कोई आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे.

बता दें कि इंदौर से भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत के बाद शुक्रवार को इंदौर पुलिस ने फारूकी और चार अन्य- एडविन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव, को गिरफ्तार किया था.

पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 269 (ऐसा लापरवाही भरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है.

इससे पहले बीते दो जनवरी को जिला अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था और पांचों आरोपियों को 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया था.

एकलव्य सिंह गौड़ ने मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं.

पुलिस स्टेशन के बाहर गौड़ ने कहा था, ‘वह बार-बार ऐसा करते रहते हैं और अक्सर हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक मजाक करते हैं.’

एकलव्य ने संवाददाताओं को बताया था, ‘जब मैंने मुनव्वर के कार्यक्रम के बारे में सुना तो मैंने टिकट खरीदा और कार्यक्रम में पहुंच गया. जैसा कि अपेक्षित था, वह हिंदू देवी-देवताओं का अपमान कर रहे थे और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नाम गोधरा कांड से जोड़ते हुए उनका भी मजाक उड़ाया.’

हालांकि, तुकोगंज पुलिस स्टेशन के टाउन इंस्पेक्टर कमलेश शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि सीधे फारूकी के खिलाफ उनके पास कोई सबूत नहीं है और उनके खिलाफ मामला आयोजक होने के कारण दर्ज किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘उनके खिलाफ हिंदू आराध्यों या केंद्रीय मंत्री अमित शाह के अपमान का कोई सबूत नहीं है.’

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा जमा किए गए दो अन्य वीडियो उनके साथ के अन्य कॉमेडियनों के हैं, जो कि कथित तौर पर भगवान गणेश का मजाक उड़ा रहे थे.’

घटना के एक दिन (दो जनवरी) बाद एकलव्य सिंह गौड़ गौड़ और फारूकी के बीच बहस के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए थे. एक वीडियो में दोनों मंच पर थे और गौड़, फारूकी पर हिंदुओं की भावनाओं को भड़काने का आरोप लगा रहे थे, जबकि दूसरे वीडियो में फारूकी उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे. काफी देर तक बहस के बाद गौड़ मंच से चले जाते हैं.

वहीं, रविवार को ऑडियंस में से एक होने का दावा करते हुए जिनोशा एग्नेश ने इंस्टाग्राम पर घटना को साझा किया.

उन्होंने कहा, ‘जैसे ही मुनव्वर स्टेज पर आए, राजनीतिक संपर्कों वाले कुछ लोग भी स्टेज पर चढ़ गए. माइक छीन लिया और कहने लगे कि हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, गोधरा कांड पर जोक किया, हमारे देवी-देवता का मजाक उड़ाया, इस्लाम पर जोक क्यों नहीं करता है.’

उन्होंने कहा, ‘मुनव्वर ने विनम्रता से सफाई दी कि उनका इरादा किसी को भी दुख पहुंचाने का नहीं था. उन्होंने स्थिति को बहुत ही अच्छी तरह से संभाला और वे चले गए.’

एग्नेश ने आगे कहा, ‘कुछ मिनट बाद एक भीड़ हॉल में घुसी और आयोजक पीछे हट गए. तक पुलिस भी आ गई और और फारूकी तथा अन्य को गिरफ्तार कर लिया.’

उन्होंने कहा, ‘इंदौर शो में मुनव्वर फारूकी द्वारा कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया गया.’

वरुण ग्रोवर और वीर दास ने गिरफ्तारी की आलोचना की

वरुण ग्रोवर, वीर दास और रोहन जोशी सहित कई स्टैंडअप कॉमेडियनों ने मुनव्वर फारूकी की गिरफ्तारी की आलोचना की है. गीतकार और लेखक ग्रोवर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि फारूकी के साथ ‘मारपीट’ भी की गई है.

वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ के लेखक ग्रोवर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें फारूकी भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ से बातचीत करते नजर आए रहे हैं. यह शिकायत एकलव्य ने दर्ज कराई है.

उन्होंने लिखा, ‘एक साथी भारतीय, एक साथी कॉमेडियन जेल में हैं और उन्हें अपने शब्दों के कारण भीड़ द्वारा पीटा गया. यहां वह तर्क और शांति से अपनी बात कहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी व्यवस्था सिर्फ जोर जबरदस्ती से सबकी आवाज मौन करना चाहती है.’

ग्रोवर ने लिखा, ‘वे लोग सुनना नहीं चाहते, वे बहस भी नहीं करना चाहते, वे सिर्फ व्यक्तिगत सोच के हर पहलू को मिटा देना चाहते हैं.’

स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने ट्वीट कर कहा कि हास्य को रोकना और काबू करने की कोशिश करना बेवकूफी है. उन्होंने लिखा, ‘आप चुटकुलों और हास्य को नहीं रोक सकते. इसलिए नहीं कि कॉमेडियन इसे पेश कर रहे हैं, बल्कि लोगों को हास्य की जरूरत है. आप जितनी भी कोशिश करेंगे, आप पर उतना ही ज्यादा लोग हंसेंगे.’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘जिसने भी आज तक हास्य को नियंत्रित करने की कोशिश की है, उनके ऊपर चुटुकलों की बारिश हो जाती है.’

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2017 के एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘मुझे लगता है कि हमें और व्यंग्य तथा हास्य की जरूरत है. हास्य हमारे जीवन में खुशी लाता है. हास्य सबसे अच्छी दवा है.’

कॉमेडियन रोहन जोशी ने फारूकी का वीडियो साझा किया जहां वह अपने चुटकुलों से नाराज लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं.

कॉमेडियन कनीज सुरका और अबीष मैथ्यू ने भी फारूकी की क्लिप को इंस्टाग्राम पर साझा किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)