राजनीति

बंगाल और असम में दूसरे चरण का मतदान, हाईप्रोफाइल नंदीग्राम क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी

पश्चिम बंगाल चुनाव राउंड-अप: दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल की 30 और असम की 39 सीटों पर एक अप्रैल को मतदान होंगे. नंदीग्राम सीट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुक़ाबला टीएमसी से भाजपा में गए शुभेंदु अधिकारी से है. माकपा नेता बुद्धदेव भट्टाचार्य ने बंगाल में ‘अलोकतांत्रिक’ तृणमूल कांग्रेस और ‘सांप्रदायिक’ भाजपा को हराने की अपील की. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी पर द्रमुक नेता ए. राजा को नोटिस.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल और असम के दूसरे चरण के चुनाव बृहस्पतिवार एक अप्रैल को को होंगे. दूसरे चरण के तहत पश्चिम बंगाल में, जहां 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे, वहीं असम में 39 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोट पड़ेंगे.

बीते मंगलवार शाम को इन सीटों पर चुनाव प्रचार थम गया.

दूसरे चरण के तहत पश्चिम बंगाल की हाईप्रोफाइल सीट नंदीग्राम में भी बृहस्पतिवार को चुनाव होंगे, जहां से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी से होगा.

इस चरण में दक्षिण 24 परगना (पार्ट- वन), बांकुड़ा (पार्ट- टू), पश्चिम मेदिनीपुर (पार्ट- टू) और पूर्वी मेदिनीपुर (पार्ट- टू) जिलों में चुनाव होंगे.

बंगाल की 30 सीटों पर 171 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 7,595,549 मतदाता करेंगे.

निर्वाचन आयोग (ईसी) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. इस हाई प्रोफाइल सीट पर बृहस्पतिवार को मतदान होगा.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा आयोग ने एक हेलीकॉप्टर की मदद से इलाके में निगरानी भी शुरू कर दी है.

उन्होंने बताया कि निर्वाचन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए, जो लोग नंदीग्राम के मतदाता नहीं हैं, उन्हें क्षेत्र में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है.

अधिकारी ने बताया, ‘नंदीग्राम संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र है, जहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी जैसे हाई प्रोफाइल उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़े नहीं और लोग बिना किसी डर के मतदान कर सकें.’

उन्होंने कहा, ‘निषेधाज्ञा लगाने की यही वजह है, जो शुक्रवार आधी रात तक लागू रहेगी. जो व्यक्ति नंदीग्राम का मतदाता नहीं होगा, उसे मतदान खत्म होने तक इलाके में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा.’

उन्होंने बताया कि धारा 144 लागू होने से पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है.

अधिकारी ने बताया कि इस निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय बलों की 22 टुकड़ियों को तैनात किया जा रहा है. क्षेत्र में कुल 355 मतदान केंद्र हैं और इनमें से 75 प्रतिशत केंद्रों पर वेबकास्ट की सुविधा है.

उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस के साथ मिलकर केंद्रीय बलों ने इलाके में अहम स्थानों पर वाहनों की जांच शुरू कर दी है.

उन्होंने कहा, ‘नंदीग्राम में प्रवेश करने देने से पहले वाहनों की अच्छे से तलाशी ली जाएगी. बाहर के किसी वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.’

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बाधा डालने की कोशिश करता पाया गया तो ‘उससे सख्ती से निपटा जाएगा.’

अधिकारी ने बताया कि ईसी ने मतदान वाले दिन इलाके में 22 कर्मचारियों का त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) तैनात करने का भी फैसला किया है.

उन्होंने बताया कि ईसी ने अधिकारियों का एक दल भी गठित किया है जो मतदान वाले दिन नंदीग्राम में चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखेगा.

उन्होंने कहा कि ईसी ने स्थानीय अधिकारियों से बुधवार रात तक सभी लंबित गिरफ्तारी वारंट लागू करने को भी कहा है और विभिन्न मामलों में आरोपी लोगों को हिरासत में लेने को कहा है.

नंदीग्राम में वीरानी छाई हुई और केवल कुछ ही दुकानें खुली हुई हैं. ई-रिक्शा और ऑटो जैसे वाहन नहीं चल रहे हैं और लोग घरों में हैं.

राज्य विधानसभा की 294 सीटों के लिए आठ चरणों में मतदान होना है. पहले चरण का मतदान गत 27 मार्च को संपन्न हो चुका है.

असम में दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार अभियान समाप्त

गुवाहाटी: असम विधानसभा के लिए दूसरे चरण के चुनाव में प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो गया. दूसरे चरण के तहत एक अप्रैल को 39 निर्वाचन क्षेत्रों में 345 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा.

Dibrugarh: Polling official board a boat as they travel to their respective centres, ahead of the first phase of Assam assembly polls, in Dibrugarh district, Friday, March 26, 2021. (PTI Photo)(PTI03 26 2021 000059B)

असम में संबंधित पोलिंग स्टेशनों की ओर नाव से रवाना होते चुनाव अधिकारी. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव प्रचार अभियान में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का मुद्दा सबसे ऊपर था और पहले चरण के चुनाव में भाजपा ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी. लेकिन इस दौरान पार्टी ने बराक घाटी में इस मुद्दे को उठाया जहां हिंदू बंगाली आबादी की खासी संख्या है और उनमें से कई की जड़ें बांग्लादेश में हैं.

असम चुनावों के लिए अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सीएए का जिक्र किया था और कहा था कि इसे समय पर लागू किया जाएगा.

केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह ने पथरकंडी और सिलचर में अपनी चुनावी रैलियों में पहली बार इस विवादास्पद कानून का जिक्र करते हुए आश्वासन दिया था कि शरणार्थियों को नागरिकता का अधिकार दिया जाएगा तथा भाजपा घुसपैठियों को राज्य में नहीं आने देगी.

भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में विशेष रूप से एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दिया जिससे कई समस्याएं पैदा हुईं. पार्टी ने एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन करने को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा.

फरवरी के अंत में चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बराक घाटी के करीमगंज से अपना अभियान शुरू किया था. बराक घाटी में 15 सीटें हैं. राज्य विधानसभा में 126 सीटें हैं.

भाजपा, असम गण परिषद और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) गठबंधन सहयोगी हैं.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को खराब मौसम होने के कारण चुनाव प्रचार के लिए नहीं आ सके, हालांकि उन्होंने एक वीडियो जारी कर राज्य के लोगों का आह्वान किया कि वे प्रदेश की पहचान, इतिहास एवं संस्कृति की रक्षा के लिए विपक्षी ‘महाजोत’ (महागठबंधन) को जीत दिलाएं.

उन्होंने कांग्रेस के पांच प्रमुख चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘असम में सीएए को लागू नहीं करने देंगे क्योंकि यह राज्य की पहचान, इतिहास और संस्कृति पर हमला है. हम राज्य की पहचान, इतिहास और संस्कृति की रक्षा करेंगे.’

कांग्रेस गठबंधन में एआईयूडीएफ, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, भाकपा, माकपा, राष्ट्रीय जनता दल शामिल हैं.

राज्य में छह अप्रैल को अंतिम चरण में 40 सीटों पर मतदान होगा.

चुनाव आयोग ने बंगाल के रिटर्निंग अधिकारी और दो अन्य को हटाया

कोलकाता: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कोलकाता के बल्लीगंज विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी सहित तीन अधिकारियों को हटा दिया. एक आदेश में यह जानकारी दी गई है.

इसमें कहा गया है कि दो अन्य अधिकारियों में हल्दिया के उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) और पूरबा मेदिनीपुर जिले में महिषादल के सर्कल इंस्पेक्टर (सीआई) शामिल हैं.

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को भेजे एक पत्र में कहा कि 10 से अधिक वर्षों से एक ही कार्यालय में पदस्थ और वर्तमान में बल्लीगंज सीट के रिटर्निंग अधिकारी अरिंदम मणि को तत्काल एक गैर-चुनाव पद पर स्थानांतरित किया जाए.

आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी का पद जल्द से जल्द भरने के लिए तीन अधिकारियों का एक पैनल भी मांगा.

आयोग ने साथ ही हल्दिया के एसडीपीओ बरुण बैद्य को भी हटा दिया और उनकी जगह उत्तम मित्र को नियुक्त किया. आयोग ने महिषादल के सर्कल इंस्पेक्टर बिचित्रा बिकास रॉय को भी हटा दिया और उनकी जगह सिरसेंदु दास को नियुक्त किया.

दास वर्तमान में जलपाईगुड़ी में सर्किट बेंच में निरीक्षक के पद पर तैनात हैं.

मतदान का उच्च प्रतिशत बंगाल में परिवर्तन का संकेत: नड्डा

धनेखाली: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान का उच्च प्रतिशत पश्चिम बंगाल में आसन्न परिवर्तन का संकेत है, क्योंकि ‘भ्रष्ट’ तृणमूल कांग्रेस सरकार से लोगों का विश्वास उठ गया है.

जेपी नड्डा. (फोटो साभार: ट्विटर)

जेपी नड्डा. (फोटो साभार: ट्विटर)

नड्डा ने कहा कि ‘तृणमूल कांग्रेस के गुंडों’ के बावजूद ‘शांतिपूर्ण चुनाव’ कराने के लिए निर्वाचन आयोग प्रशंसा का पात्र है.

उन्होंने कहा, ‘खेल खत्म हो गया है. मतदान के उच्च प्रतिशत से लोगों की परिवर्तन की इच्छा का पता चलता है. ममता बनर्जी चिंतित हैं क्योंकि चुनाव शांतिपूर्ण है और तृणमूल कांग्रेस के गुंडे अपने इरादों में कामयाब नहीं हो पा रहे.’

राज्य में विधानसभा चुनाव के तहत 27 मार्च को पहले दौर का मतदान हुआ था, जिसमें 84.63 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

दूसरे राज्यों के गुंडे नंदीग्राम में दाखिल हो गए हैं, निर्वाचन आयोग कार्रवाई करे: ममता बनर्जी

नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में परेशानी खड़ी करने और मतदाताओं को धमकाने के लिए दूसरे राज्यों से कथित गुंडे आए हैं. उन्होंने बुधवार को निर्वाचन आयोग से इस मामले में कार्रवाई करने का आह्वान किया.

अगले दौर का चुनाव प्रचार करने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पूर्वी मेदिनीपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में स्थानीय लोगों को भगाया जा रहा है.

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘दूसरे राज्यों के गुंडे मतदाताओं को धमकाने के लिए नंदीग्राम में दाखिल हो गए हैं. बलरामपुर गांव और अन्य इलाके के ग्रामीणों को भगाया जा रहा है. वे मतदाताओं को धमका रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हम निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रहे हैं. निर्वाचन आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए.’

भाजपा नेता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि निर्वाचन आयोग को इन आरोपों को देखना है लेकिन लगता है कि मुख्यमंत्री को हार का आभास हो गया है, इसलिए पहले ही वह ऐसे दावे कर रही हैं.

‘अलोकतांत्रिक’ टीएमसी और ‘सांप्रदायिक’ भाजपा को हराएं: बुद्धदेव भट्टाचार्य 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में ‘अलोकतांत्रिक’ तृणमूल कांग्रेस और ‘सांप्रदायिक’ भाजपा को हराने की अपील करते हुए कहा कि राज्य इन दोनों दलों से बहुत गंभीर खतरे का सामना कर रहा है.

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य. (फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य. (फोटो: पीटीआई)

एक ऑडियो संदेश में वरिष्ठ माकपा नेता ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के दस साल के शासनकाल से राज्य के औद्योगिक एवं कृषि क्षेत्रों में अप्रत्याशित संकट आ गया है.

उन्होंने कहा, ‘अलोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस के शासन काल में अराजकता एवं सांप्रदायिक भाजपा की आक्रामक राजनीति ने मिलकर राज्य को एक नई संकटपूर्ण स्थिति में पहुंचा दिया है और बस वामदलों, कांग्रेस और आईएसएफ का संयुक्त मोर्चा ही उसे बचा सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘सिंगूर और नंदीग्राम को लेकर मरघट-सा सन्नाटा बना हुआ है .’

पूर्व मुख्यममंत्री ने दावा किया कि 2011 से एक भी उद्योग के राज्य में नहीं आने से युवक अनिश्चित भविष्य के भंवर में है और वे अन्य राज्यों में पलायन करने को बाध्य हैं.

नवनिर्वाचित विधायकों में से ही किसी का मुख्यमंत्री बनना जरूरी नहीं: दिलीप घोष

नई दिल्ली: भाजपा के पक्ष में ‘मजबूत लहर’ होने का दावा करते हुए पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंगलवार को विश्वास जताया कि राज्य में अगली सरकार भाजपा की बनेगी और कहा कि इस स्थिति में जरूरी नहीं कि कोई नवनिर्वाचित विधायक ही मुख्यमंत्री बने.

मेदिनीपुर से सांसद घोष ने दावा किया पार्टी के पक्ष में पैदा हुई मजबूत लहर विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान तक रहेगी.

एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘पहले चरण के मतदान के बाद सिर्फ भाजपा ही अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है, जबकि तृणमूल कांग्रेस और उसके नेता हताश हैं. जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ेगा, भाजपा के पक्ष में बना माहौल और मजबूत होता जाएगा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हार का एहसास होता चला जाएगा.’

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री बाबूल सुप्रियो सहित लोकसभा के तीन सदस्यों और एक राज्यसभा सदस्य स्वप्न दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन घोष इनमें शामिल नहीं हैं. पार्टी के जीतने की स्थिति में घोष मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में से एक हैं.

यह पूछे जाने पर कि भाजपा के चुनाव जीतने की स्थिति में क्या नवनिर्वाचित विधायकों में से ही कोई मुख्यमंत्री होगा, उन्होंने कहा, ‘इस बारे में कोई भी फैसला पार्टी ही करेगी लेकिन यह जरूरी नहीं कि नवनिर्वाचत विधायकों में से ही कोई मुख्यमंत्री बने. जब ममताजी मुख्यमंत्री बनी थीं तब वह विधायक नहीं थीं.’

सांसदों को विधानसभा के चुनाव मैदान में उतारे जाने के बारे में पूछने पर घोष ने कहा कि यह फैसला दर्शाता है कि वह चुनावों को लेकर कितनी गंभीर है और जनता के लिए कितनी प्रतिबद्ध.

भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए जाने संबंधी एक सवाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह बंगाल के जनमानस का नारा है और तृणमूल कांग्रेस के अत्याचार के खिलाफ लोगों में गुस्से की भावना है.’

असम में राहुल गांधी ने कहा, कांग्रेस का चुनावी वादे पूरे करने का इतिहास रहा है

गुवाहाटी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी हमेशा अपने वादे पूरे करती है और उसका राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद वादे पूरे करने का इतिहास रहा है.

गुवाहाटी में प्रख्यात कामाख्या मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा जैसी नहीं है, कांग्रेस चुनावों के दौरान लोगों से किए गए वादे निभाती है.

तमिलनाडु में एक रोड शो के दौरान राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/कांग्रेस)

तमिलनाडु में एक रोड शो के दौरान राहुल गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/कांग्रेस)

यह पूछे जाने पर कि अगर उनकी पार्टी राज्य में चुनाव जीतती है तो वह क्या करेगी, उन्होंने कहा, ‘हमने पांच गारंटी का वादा किया है.’

उन्होंने कहा कि इनमें विवादित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को असम में लागू नहीं करना, पांच लाख युवकों को रोजगार मुहैया कराना, सभी घरों को हर महीने 200 यूनिट बिजली नि:शुल्क उपलब्ध कराना, प्रत्येक गृहणी को 2,000 रुपये की मासिक सहायता देना और साथ ही चाय बागान कामगारों की न्यूनतम दिहाड़ी 193 रुपये से बढ़ाकर 365 रुपये करना शामिल हैं.

राहुल ने कहा, ‘हम भाजपा की तरह नहीं हैं, हम जो वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में उनकी पार्टी ने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था और सत्ता में आने के बाद इसे पूरा किया.

उन्होंने पांच वादों में से एक का जिक्र करते हुए कहा, ‘असम में हमने चाय बागान कामगारों की दिहाड़ी बढ़ाकर 365 रुपये करने का वादा किया है.’

गांधी ने छायगांव और बर्खेत्री में चुनावी रैलियां करने से पहले नीलांचल पहाड़ी पर स्थित शक्तिपीठ में पूजा अर्चना की. इन जगहों पर छह अप्रैल को अंतिम चरण में चुनाव होंगे.

गांधी भारी बारिश और खराब मौसम के कारण मंगलवार को सिलचर, हफलॉन्ग और बोकाजन में होने वाली रैलियां नहीं कर पाए.

उन्होंने ट्वीट किया कि उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आने पर अपने सभी ‘पांच वादे’ पूरा करेगी.

पलानीस्वामी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर ए. राजा को नोटिस 

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग (ईसी) ने चुनाव प्रचार के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर मंगलवार को द्रमुक नेता ए. राजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी (फोटोः पीटीआई)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी (फोटोः पीटीआई)

आयोग ने कहा कि जमीनी रिपोर्टों के आधार पर उसका मानना है कि ‘आपके भाषण की सामग्री न केवल अपमानजनक है, बल्कि अश्लील और महिलाओं के मातृत्व की गरिमा को भी कमतर करती है, यह आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होता है.’

नोटिस में कहा गया है, ‘आयोग आपको इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए 31 मार्च को शाम छह बजे या उससे पहले का समय देता है, इसमें असफल रहने पर आयोग आपके बिना किसी और संदर्भ के फैसला करेगा.’

नोटिस में कहा गया है कि चुनाव आयोग को अन्नाद्रमुक की ओर से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के जरिये एक शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राजा ने 26 मार्च को थाउजेंड लाइट्स विधानसभा क्षेत्र में एक चुनाव कार्यक्रम के दौरान पलानीस्वामी के खिलाफ अपमानजनक एवं निंदनीय बयान दिया था.

नोटिस में कहा गया है कि द्रमुक सांसद के खिलाफ केंद्रीय अपराध शाखा ने भारतीय दंड संहिता और जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत एक मामला दर्ज किया है.

आयोग ने राजा द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ की गयी कुछ अन्य टिप्पणियों का भी जिक्र किया है.

केरल: डीएसई पर चुनाव आयोग के निष्कर्ष को लेकर चेन्निथला ने हैरत जताई

हरिपाद: वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने बुधवार को चुनाव आयोग के इस निष्कर्ष पर आश्चर्य जताया कि केरल में मतदाता सूचियों में एक ही मतदाता की एक से अधिक प्रविष्टियों के मामले (डीएसई) बस 38,586 ही हैं.

उनकी इस प्रतिक्रिया से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने केरल उच्च न्यायालय को बताया था कि उसके सघन विश्लेषण से मतदाता सूचियों में 316,671 प्रविष्टियों में से केवल 38,586 डीएसई की पहचान हुई.

चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों से मिले आंकड़ों के विश्लेषण के बाद उसे 38,586 डीएसई मिले.

चेन्निथला ने संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव आयोग ने अदालत में कहा कि केवल 38,586 डीएसई ही हैं. यह बड़ी चौंकाने वाली बात है. फर्जी मतदाता राज्यभर में मतदाता सूचियों में जोड़े गए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘140 निर्वाचन क्षेत्रों में मैंने फर्जी मतदाताओं के बारे में 434,000 शिकायतें दर्ज कराई हैं. मैं उस पर अडिग हूं ’

उच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया कि जिन मतदाताओं के नाम विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अलग-अलग मतदाता सूचियों में हैं, वे मतदाता छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव में एक-एक वोट ही डालें.

अदालत ने चेन्निथला के आवेदन पर यह निर्देश दिया. इस आवेदन में फर्जी और बहुप्रविष्टियां वाले मतदाता पर चुनाव में हिस्सा लेने से रोक लगाने का अनुरोध किया गया था.

पुदुचेरी: नारायणसामी ने अपने और पूर्व सरकार पर प्रधानमंत्री के आरोपों को निराधार बताया

पुदुचेरी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. नारायणसामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके तथा उनकी अगुवाई वाली पूर्व सरकार पर लगाए गए आरोपों को ‘निराधार’ बताया है.

वी. नारायणसामी. (फोटो साभार: फेसबुक)

वी. नारायणसामी. (फोटो साभार: फेसबुक)

नारायणसामी ने यहां पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए हैं, उनका कोई आधार नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘अगर मेरे शासनकाल में या पूर्व की कांग्रेस सरकार में कोई भ्रष्टाचार हुआ हो तो प्रधानमंत्री रैली में आरोप लगाने के बजाय जांच के आदेश दे सकते हैं.

गौरतलब है कि मंगलवार को राजग के लिए चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने कहा था कि नारायणसामी के नेतृत्व वाली पूर्व की कांग्रेस सरकार ‘आपदा’ साबित हुई और सभी मोर्चों पर विफल रही है.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नारायणसामी ने कहा कि मोदी के भाषण से लोगों को निराशा हुई है, क्योंकि आम धारणा थी कि प्रधानमंत्री पुदुचेरी को राज्य का दर्जा देने का कोई ठोस आश्वासन देंगे.

उन्होंने कहा कि एआईएनआरसी के नेता एन रंगासामी ने भाषण के दौरान पुदुचेरी को राज्य का दर्जा देने का मुद्दा उठाया था लेकिन प्रधानमंत्री ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)