कोविड-19

बिहार: कोविड-19 मरीज़ को मृत बताकर परिजन को दूसरे का शव सौंपा, जांच का आदेश

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना संक्रमित जीवित व्यक्ति को मृत बताने के मामले में हेल्थ मैनेजर को बर्ख़ास्त कर दिया गया है. वहीं दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक कोविड-19 मरीज का शव शौचालय में मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ और हंगामा किया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

पटना: बिहार की राजधानी स्थित पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में कोरोना वायरस से संक्रमित एक जीवित व्यक्ति को मृत बताकर अस्पताल प्रशासन द्वारा उसके परिवार को एक अन्य व्यक्ति का शव सौंपे जाने का मामला रविवार को प्रकाश में आया.

पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है और पीएमसीएच के प्राचार्य एवं अधीक्षक को पत्र लिखकर उन्हें सख्त निर्देश दिया है.

उन्होंने उन्हें इस घटना में लापरवाही एवं कुप्रबंधन की जांच कर जवाबदेही तय करने तथा दोषी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और 24 घंटे के अंदर उसकी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

जिलाधिकारी ने भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृति रोकने की पुख्ता व्यवस्था करने का भी सख्त निर्देश दिया है.

दरअसल पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के महमदपुर गांव के निवासी चुन्नू कुमार के कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था.

पीएमसीएच प्रशासन द्वारा 11 अप्रैल को चुन्नू कुमार को मृत बताकर उनके भाई बृजबिहारी को दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया गया.

मामले के संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला नियंत्रण कक्ष के सिटी मजिस्ट्रेट को मामले को देखने का आदेश दिया.

तदनुसार सिटी मजिस्ट्रेट ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि चुन्नू कुमार जीवित हैं और पीएमसीएच में भर्ती हैं तथा उनके परिवार को किसी अन्य व्यक्ति का शव सौंप दिया गया है.

प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेन हैमरेज के बाद परिजनों ने चुन्नू को पीएमसीएच में नौ अप्रैल को भर्ती कराया था. रविवार को अस्पताल प्रशासन ने चुन्नू की पत्नी कविता देवी व भाई मनोज कुमार को फोन पर जानकारी दी कि उनके मरीज की कोरोना से मौत हो गई है और एक घंटा बाद शव सील पैक होकर परिजनों के सामने पहुंच गया. अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को चून्नू का डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया.

अंत्येष्टि के दौरान पत्नी ने मृतक का चेहरा देखा तो वह अवाक रह गईं. शव उvके पति का नहीं था. वह किसी दूसरे कोरोना मरीज का शव था. मामले की जानकारी होने पर पीएमसीएच प्रशासन ने हेल्थ मैनेजर अंजली कुमारी को बर्खास्त कर दिया.

कोरोना संक्रमित की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया

दरभंगा: बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में कोरोना वायरस संक्रमण से एक मरीज की मौत से आक्रोशित उसके परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार को डीएमसीएच में हंगामा और तोड़फोड़ किया.

डीएमसीएच के अधीक्षक मणि भूषण शर्मा ने बताया की उक्त मरीज की स्थिति सामान्य थी. शौचालय में उसकी मौत हो गई है. इसमें किसी प्रकार की लापवाही सामने नहीं आई है पर कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी.

मृतक के पिता, जो कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं, का कहना है कि रविवार की सुबह अपने पुत्र को ब्रश और खाद्य सामग्री सहित अन्य आवश्यक समान देने आए थे. इसी दौरान एक कर्मचारी ने उन्हें बताया कि उनका पुत्र शौचालय में कई घंटे से पड़ा हुआ है. यह सुनकर वह दौड़ते हुए शौचालय पहुंचे और कमोड पर पुत्र को मृत अवस्था में पाया.

इस घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों ने हंगामा और तोड़फोड़ किया, जिसके बाद अनुमंडल अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस की टीम डीएमसीएच पहुंची और अनुमंडल अधिकारी ने समझाकर लोगों को शांत कराया.

न्यूज़ 18 के मुताबिक, मरीज के परिजनों ने कोरोना वार्ड में जमकर तोड़फोड़ मचाई और अस्पताल में तैनात गार्ड के साथ भी मारपीट की, हंगामे के कारण वहां उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया था.

भारी संख्या में पुलिस बल पहुंची तब जाकर स्थिति को नियंत्रण किया गया. लेकिन तब तक लोगों ने अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा दिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)