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मेघालयः पूर्व उग्रवादी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद भड़की हिंसा, गृहमंत्री ने इस्तीफ़ा दिया

मेघालय के गृहमंत्री लहकमन रिम्बुई ने 2018 में समर्पण में करने वाले पूर्व उग्रवादी चेरिस्टरफील्ड थांगखियु के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर शिलांग में हुई हिंसा के बीच रविवार को इस्तीफ़ा दे दिया. मौत को लेकर रविवार को प्रदर्शनों के दौरान आगज़नी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच मेघालय सरकार ने राजधानी शिलांग में कर्फ्यू लगा दिया और कम से कम चार ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी है.

लहकमन रिम्बुई. (फोटो साभार: फेसबुक)

शिलांग: मेघालय के गृहमंत्री लहकमन रिम्बुई ने पूर्व उग्रवादी के दो दिन पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने को लेकर शिलांग में हुई हिंसा के बीच रविवार को इस्तीफा दे दिया.

पूर्व उग्रवादी चेरिस्टरफील्ड थांगखियु की मौत की वजह से उपजीं कानून और व्यवस्था के गंभीर स्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा शिलांग सहित चार जिलों में 48 घंटे के लिए मोबाइल और डेटा इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने के कुछ घंटों बाद गृहमंत्री ने इस्तीफा आया है.

पुलिस के अनुसार, 2018 में समर्पण करने के बाद थांगखियु ने आईईडी विस्फोटकों से किए गए कई हमलों की साजिश रची थी. पिछले हफ्ते हुई ऐसी एक घटना में शिलांग में दो लोग घायल हो गए थे. इसके बाद 13 अगस्त को तड़के शिलांग के मवलाई में एक ऑपरेशन में ‘जवाबी गोलीबारी’ में अपने घर पर थांगखियु मारा गया था.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, थांगखियु के परिवार ने उनकी मौत को ‘नृशंस हत्या’ बताया और स्थानीय निवासियों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया था. इस घटना के बाद से ही राज्य में तनाव बढ़ गया था.

रिम्बुई ने मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा से चेरिस्टरफील्ड थांगखियु के समर्पण करने के बाद पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले की न्यायिक जांच गठित करने का भी अनुरोध किया है.

मुख्यमंत्री को संबोधित त्याग-पत्र में उन्होंने कहा, ‘मैं उस घटना को लेकर आश्चर्य व्यक्त करता हूं, जहां कानून के सिद्धांतों को लांघते हुए चेरिस्टरफील्ड थांगखियु के आवास पर पुलिस की छापेमारी के बाद उसे मार गिराया गया.’

रिम्बुई ने कहा, ‘मैं आपसे खुद को गृह (पुलिस) विभाग की जिम्मेदारी से तत्काल मुक्त किए जाने का आग्रह करता हूं. इससे सरकार द्वारा घटना के पीछे का सच सामने लाने के लिए गठित जांच निष्पक्ष एवं स्वतंत्र तरह से हो सकेगी. मैं इस मामले की न्यायिक जांच का प्रस्ताव करता हूं.’

रिम्बुई ने कहा कि उनकी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी उनके पद छोड़ने के निर्णय का समर्थन किया है.

उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने दल के नेतृत्व से विचार-विमर्श करने के बाद ही इस्तीफा दिया है, ताकि थांगखियु की मौत के मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके.’

वहीं, मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि सरकार ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, क्योंकि गृह मंत्री रिम्बुई घटना से अवगत थे.

रिपोर्ट के अनुसार, हैनियोट्रैप यूथ काउंसिल एचवाईसी ने शनिवार को शिलांग में बैनर लगाकर मारे गए पूर्व उग्रवादी को न्याय दिलाने की मांग की थी. रविवार को सैकड़ों लोग शिलांग में थांगखियु के अंतिम संस्कार में शामिल हुए और स्थानीय संगठनों ने उनकी हत्या के विरोध में ‘ब्लैक फ्लैग डे’ का आह्वान किया था.

थांगखियु के शव को रविवार को दफनाया गया, जिसके बाद कई क्षेत्रों से हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं. आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच रविवार को शिलांग में कर्फ्यू लगा दिया गया और कम से कम चार जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.

मेघालय के सबसे खूंखार उग्रवादियों में से एक के रूप में माने जाने वाले 54 वर्षीय थांगखियु अलगाववादी संगठन हैनियोट्रैप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) के संस्थापक महासचिव थे और उन्होंने अक्टूबर 2018 में शिलांग में उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.

एचएनएलसी, जो मेघालय में एक संप्रभु खासी मातृभूमि की मांग करता है, हैनियोट्रैप अचिक लिबरेशन काउंसिल (एचएएलसी) का एक अलग गुट है, जो राज्य का पहला उग्रवादी आदिवासी संगठन है, जिसका थांगखियु एक संस्थापक सदस्य थे.

उनकी मौत के बाद पुलिस ने कहा था कि उनके पास स्पष्ट संकेत हैं कि थांगखियु 10 अगस्त के विस्फोट में शामिल थे. मेघालय के डीजीपी आर. चंद्रनाथन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि थांगखियु जुलाई में पूर्वी जयंतिया हिल्स के खलीहरियात में पहले आईईडी विस्फोट में भी शामिल था.

बीते 13 अगस्त को जारी एक बयान में सहायक आईजीपी जीके इंगराई ने कहा था कि पुलिस ने 13 अगस्त को सबूत के आधार पर एक ऑपरेशन शुरू किया था. हालांकि, जब पुलिस टीम ने किंटन मस्सार में उनके घर के अंदर घुसने की कोशिश की, तो आत्मसमर्पण करने वाले कैडर ने बचने के प्रयास के रूप में टीम पर चाकू से हमला किया.

मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा ने शनिवार को कहा था कि पुलिस को धमाकों में थांगखियु की संलिप्तता की विश्वसनीय और ठोस जानकारी मिली थी. उनके अनुसार, पुलिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेशानुसार 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंप दी थी.

संगमा ने कहा था, ‘मजिस्ट्रियल जांच होगी, जो प्रक्रियाधीन है.’

इससे पहले रविवार को पूर्वी खासी हिल्स जिले के डीसी इसावंदा लालू के एक आदेश में कहा गया था कि शिलांग में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कर्फ्यू रविवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 5 बजे तक पत्थरबाजी की घटनाओं के कारण लागू रहेगा. आगजनी, लूटपाट के कारण शिलांग शहर के कुछ हिस्सों में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति है.

वहीं, गृह विभाग के सचिव सीवीडी डिएंगदोह द्वारा जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्वी खासी हिल्स, वेस्ट खासी हिल्स, साउथ वेस्ट खासी हिल्स और री-भोई में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है.

मेघालय के मुख्यमंत्री के निजी आवास पर पेट्रोल बम फेंका गया

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा के आवास पर रविवार रात अज्ञात बदमाशों ने पेट्रोल बम फेंक दिया. पुलिस ने यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि घटना रात करीब सवा दस बजे हुई, जब वाहन पर सवार होकर आए उपद्रवियों ने ऊपरी शिलांग के थर्ड माइल में स्थित मुख्यमंत्री के निजी आवास के परिसर में पेट्रोल से भरी दो बोतलें फेंक दीं.

जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है.

अधिकारी ने कहा कि पहली बोतल परिसर के अगले हिस्से में, जबकि दूसरी बोतल पिछले हिस्से में फेंकी गई. हालांकि, चौकीदार ने आग तुरंत बुझा दी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)