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केरलः आईयूएमएल ने यौन उत्पीड़न आरोपों का समर्थन करने वाली छात्र इकाई की उपाध्यक्ष को हटाया

बीते जून में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के छात्र संगठन एमएसएफ की महिला इकाई हरिथा की नेताओं ने उनके तीन सहकर्मियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था. पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर हरिथा ने राज्य महिला आयोग का रुख़ किया, जिसके बाद पार्टी ने शिकायत वापस न लेने पर ‘अनुशासनहीनता’ का आरोप लगाते हुए हरिथा की राज्य समिति को भंग कर दिया था.

एमएसएफ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाई गईं फातिमा ताहिलिया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

तिरुवनंतपुरमः केरल में कांग्रेस की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने सोमवार को अपने छात्र संगठन मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को पद से हटा दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एमएसएफ की उपाध्यक्ष फातिमा ताहिलिया ने उन महिला नेताओं का समर्थन किया था, जिन्होंने संगठन में पुरुष नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

बता दें कि इससे पहले आईयूएमएल ने एमएसएफ की महिला शाखा ‘हरिथा’ की राज्य समिति को भंग कर दिया था.

आईयूएमल के महासचिव पीएम ए. सलाम ने सोमवार को कहा कि फातिमा को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटा दिया गया है. फातिमा को 2016 में उपाध्यक्ष बनाया गया था.

हरिथा की कुछ नेताओं ने पार्टी के पुरुष नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. आईयूएमएल के इन नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं करने पर महिलाओं ने राज्य के महिला आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी. इन महिलाओं को फातिमा पूरा सहयोग दे रही थीं.

बता दें कि महिलाओं ने जिन तीन नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, उनमें राज्य इकाई के अध्यक्ष पीके नवास भी हैं.

महिलाओं ने आरोप लगाया था कि इस साल जून में एमएसएफ की राज्य समिति की बैठक के दौरान नवास और एमएसएफ के दो अन्य नेताओं ने कथित तौर पर हरिथा की महिला नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस मामले को आईयूएमल नेतृत्व के संज्ञान में लाया गया.

हरिथा नेताओं द्वारा राज्य के महिला आयोग में शिकायत करने पर आईयूएमएल ने समझौता फॉर्मूला के तहत महिलाओं से इस शिकायत को वापस लेने को कहा था.

वहीं, आरोपी एमएसएफ पुरुष नेताओं से सोशल मीडिया पर माफीनामा पोस्ट कर पद पर बने रहने को कहा गया.

बीते हफ्ते नवास को उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया था लेकिन आईयूएमएल उनके साथ खड़ा रहा.

महिला नेताओं द्वारा शिकायत वापस लेने से इनकार करने के बाद आईयूएमएल ने हरिथा समिति को भंग कर दिया और पार्टी नेतृत्व के प्रति वफादार लोगों के साथ एक नई समिति का गठन किया.

बता दें कि जब आईयूएमएल ने हरिथा सदस्यों की नई सूची जारी की थी, उस समय फातिमा ने नाराजगी जताते हुए कहा था, ‘इस मामले को दोबारा आईयूएमएल के भीतर उठाया जाएगा. मैं हरिथा नेताओं का समर्थन करना जारी रखूंगी, जब तक कि उन्हें न्याय नहीं मिल जाए.’