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जम्मू कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों को पासपोर्ट के लिए अब सतर्कता मंज़ूरी लेनी होगी

जम्मू कश्मीर सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि मौजूदा प्रणाली में ऐसी व्यवस्था नहीं है, जो ऐसे कर्मचारियों को पासपोर्ट से वंचित करने में मदद करे जो या तो निलंबित हैं या गंभीर आरोपों के कारण विभागीय जांच का सामना कर रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: जम्मू और कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों को पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए अब सतर्कता विभाग की मंजूरी लेनी पड़ेगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों के प्रमुखों से कहा है कि यदि कोई कर्मचारी पासपोर्ट के लिए आवेदन करता है, तो उसके लिए ‘नवीनतम सतर्कता मंजूरी प्राप्त करना’ अनिवार्य होगा.

जम्मू कश्मीर सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा गुरुवार को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा किए गए सत्यापन के आधार पर सरकारी कर्मचारियों सहित नागरिकों को पासपोर्ट जारी किए जाते हैं.

उन्होंने कहा, ‘हालांकि मौजूदा प्रणाली में ऐसा कोई तंत्र शामिल नहीं है, जो ऐसे कर्मचारियों को पासपोर्ट से वंचित करने में मदद करे जो या तो निलंबित हैं या गंभीर आरोपों के कारण विभागीय जांच का सामना कर रहे हैं.’

सर्कुलर में कहा गया है कि वर्तमान में सरकारी कर्मचारी को पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के लिए केवल अपने नियोक्ता को सूचित करना होता है.

पासपोर्ट प्राप्त करने के दिशा-निर्देशों की समीक्षा भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा केंद्रीय सतर्कता आयोग और विदेश मंत्रालय (एमईए) के परामर्श से की गई है और सरकारी कर्मचारियों को पासपोर्ट प्रदान करने पर विचार करते समय नई सतर्कता मंजूरी प्राप्त करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं.

विभाग ने आगे कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी सरकार को बताया है कि सरकारी कर्मचारियों को आवश्यक सतर्कता मंजूरी प्राप्त किए बिना पासपोर्ट जारी करने के लिए मौजूदा तंत्र के कारण उन कर्मचारियों को भी पासपोर्ट जारी किया जाता है, जिनके खिलाफ सतर्कता मामले लंबित हैं.

उन्होंने कहा, ‘इस प्रकार सभी विभागों को सतर्कता मंजूरी के आधार पर ही पासपोर्ट जारी करने के लिए एनओसी जारी करने के निर्देश देने की तत्काल आवश्यकता है.’