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लखीमपुर हिंसा: भाजपा कार्यकर्ता सहित चार गिरफ़्तार, आशीष मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

बीते तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी ज़िले में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समूह पर कथित तौर पर वाहन चढ़ा दिए जाने के बाद चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले में भाजपा कार्यकर्ता सुमित जायसवाल, शिशुपाल, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नंदन सिंह बिष्ट को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

लखीमपुर खीरी हिंसा. (फोटो: पीटीआई)

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में भाजपा कार्यकर्ता सहित चार और लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित मामले में अन्य आरोपियों को भी सोमवार को पुलिस हिरासत से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में गत तीन अक्टूबर को किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी. चार किसानों की मौत चार पहिया वाहन से कुचले जाने से हुई थी.

इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा तथा 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.

मारे गए किसानों के परिवारों ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि आशीष मिश्रा उस मुख्य एसयूवी के अंदर थे, जिसने किसानों को कुचल दिया था. उनकी गिरफ्तारी 12 घंटे की पुलिस पूछताछ और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुई थी.

हिंसा के बाद छठे दिन आशीष को नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. विपक्षी दल इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘लखीमपुर खीरी पुलिस की अपराध शाखा ने स्वाट टीम के साथ मिलकर सोमवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया है. एसआईटी के जांचकर्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं. आगे की जांच जारी है.’

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित जायसवाल, शिशुपाल, सत्यप्रकाश त्रिपाठी उर्फ सत्यम और नंदन सिंह बिष्ट के रूप में हुई है. सत्य प्रकाश के पास से एक लाइसेंसी रिवाल्वर और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं.

विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा, अंकित दास, आशीष पांडेय, लवकुश राणा, शेखर भारती और लतीफ उर्फ काले सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है.

एनडीटीवी के मुताबिक, भाजपा नेता सुमित जायसवाल, जो एक वायरल वीडियो में किसानों को कुचलने वाले वाहनों के काफिले में मुख्य एसयूवी से भागते हुए दिखाई दे रहे थे, ने पहले अज्ञात किसानों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया गया था कि भारी पथराव के बीच उनके वाहनों पर नियंत्रण खो देने के बाद गलती से किसानों को टक्कर मारने के कारण उनके ड्राइवर, दोस्त और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.

वायरल वीडियो में जायसवाल को (महिंद्रा) थार एसयूवी से भागते हुए देखा गया, जो प्रदर्शनकारी किसानों को पीछे से टक्कर मारते हुए आगे निकल रही थी. तीन अक्टूबर को कथित तौर पर तीन वाहनों के काफिले ने चार किसानों और एक पत्रकार को कुचल दिया था, जिनमें से एक वाहन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का है.

ये वही सुमित जायसवाल हैं, जिनकी शिकायत के आधार पर उसी पुलिस स्टेशन में- जहां किसानों की शिकायत के आधार पर हिंसा के संबंध में 3 अक्टूबर को प्रारंभिक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, एक काउंटर-एफआईआर दर्ज की गई थी.

भाजपा नेता सुमित जायसवाल एक वायरल वीडियो में किसानों को कुचलने वाले वाहनों के काफिले के प्रमुख एसयूवी से भागते हुए देखे गए थे.

अपनी शिकायत में जायसवाल ने- वीडियो फुटेज में जो देखा गया था, उसके विपरीत दावा किया था कि किसान प्रदर्शनकारियों ने आशीष मिश्रा के काफिले पर हमला किया. साथ ही यह भी दावा किया था कि कार नहीं चल रही थी, प्रदर्शनकारियों ने काफिले पर हमला किया था.

बता दें कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहा किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, जब कथित तौर पर लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी गाड़ी ने चार किसानों को कुचल दिया गया था.

लखीमपुर खीरी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के विरोध में बीते तीन अक्टूबर को वहां के आंदोलित किसानों ने उनके (टेनी) पैतृक गांव बनबीरपुर में आयोजित एक समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध किया था. इसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी.

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में करीब दस महीने से आंदोलन कर रहे किसानों की नाराजगी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के उस बयान के बाद और बढ़ गई थी, जिसमें उन्होंने किसानों को ‘दो मिनट में सुधार देने की चेतावनी’ और ‘लखीमपुर खीरी छोड़ने’ की चेतावनी दी थी.

गाड़ी से कुचल जाने से मृत किसानों की पहचान- गुरविंदर सिंह (22 वर्ष), दलजीत सिंह (35 वर्ष), नक्षत्र सिंह और लवप्रीत सिंह (दोनों की उम्र का उल्लेख नहींं) के रूप में की गई है.

बीते तीन अक्टूबर को भड़की हिंसा में भाजपा के दो कार्यकर्ता- शुभम मिश्रा और श्याम सुंदर निषाद, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के ड्राइवर हरिओम मिश्रा और एक निजी टीवी चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हो गई थी.

किसानों का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा ने किसानों को अपनी गाड़ी से कुचला. हालांकि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने इस बात से से इनकार किया है.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)