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पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइन की उड़ान को अपने हवाई क्षेत्र से गुज़रने देने से इनकार किया

पाकिस्तान ने मंगलवार को भारतीय एयरलाइन गो फर्स्ट की श्रीनगर-शारजाह उड़ान को उसके हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते विमान को गुजरात के ऊपर से गुज़रना पड़ा और यात्रा में 40 मिनट की देर हुई. अगर आगे भी ऐसा होता रहा, तो सफ़र लगभग एक घंटे लंबा होगा, जिससे ईंधन और टिकट की लागत बढ़ जाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि उसने एक भारतीय एयरलाइन को कश्मीर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए उड़ानों का परिचालन करने में अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है.

भारत में अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने मंगलवार को गो फर्स्ट की श्रीनगर-शारजाह उड़ान को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी, जिसके चलते उसे लंबे वायु मार्ग का विकल्प चुनना पड़ा.

यह उड़ान गुजरात होते हुए संयुक्त अरब अमीरात में अपने गंतव्य तक पहुंची. उल्लेखनीय है कि गो फर्स्ट को पहले गोएयर के नाम से जाना जाता था.

गोएयर ने बीते महीने 23 अक्टूबर से श्रीनगर और शारजाह के बीच सीधी उड़ानें शुरू की थीं और इस सेवा का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने उनके घाटी के दौरे के दौरान किया था.

एक सूत्र ने बताया, ‘पाकिस्तानी अधिकारियों ने 23, 24, 26 और 28 अक्टूबर को श्रीनगर-शारजाह सेक्टर पर गोफर्स्ट उड़ान के परिचालन को मंजूरी दी थी.’

सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पाकिस्तान ने उस उड़ान को 31 अक्टूबर से 30 नवंबर की अवधि के लिए मंजूरी को रोक दिया.

सूत्र ने कहा, ‘इस मामले को राजनयिक माध्यमों से तत्काल पाकिस्तान के समक्ष उठाया गया है और हमने पाकिस्तान से अनुरोध किया है कि जिन लोगों ने टिकट बुक करवाए हैं, उन आम लोगों के हित को देखते हुए इस उड़ान को पाकिस्तानी हवाईक्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी जाए.’

अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ने मंगलवार को इसकी अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विमान को गुजरात के ऊपर से होकर गुजरना पड़ा और इस वजह से यात्रा में 40 मिनट की देर हुई. वापसी में भी विमान को इतनी देर हुई.

अधिकारियों ने कहा कि उड़ान सेवा को अनुमति देने से मना करने का पाकिस्तानी सरकार ने कोई कारण नहीं बताया है.

उन्होंने कहा कि उक्त उड़ान सेवा सप्ताह में चार बार परिचालित होती है और 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच पाकिस्तानी हवाईक्षेत्र का उपयोग करते हुए किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा. हालांकि, गो-फर्स्ट ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

मालूम हो कि अगर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग किया जाए, तो श्रीनगर-शारजाह के बीच फ्लाइट की अवधि लगभग तीन घंटे है, लेकिन पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते यह लगभग एक घंटे लंबा होगा, जिससे ईंधन और टिकट की लागत बढ़ जाएगी.

जम्मू-कश्मीर और यूएई के बीच  11 साल बाद यह पहली सेवा है. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने फरवरी 2009 में श्रीनगर-दुबई उड़ान शुरू की थी लेकिन कम मांग के कारण कुछ समय बाद इसे बंद कर दिया गया था.

पाकिस्तान की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने इसे ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया. एक ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘… पाकिस्तान ने 2009-2010 में श्रीनगर से दुबई के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान के साथ भी ऐसा ही किया था. मुझे उम्मीद थी कि गोफर्स्ट को पाक हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने की अनुमति देना संबंधों की बेहतरी का संकेत था, लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हुआ.’

उधर, पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए  ट्वीट किया, ‘हैरानी की बात है कि भारत सरकार ने श्रीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के लिए उससे अनुमति लेने की भी जहमत नहीं उठाई. बिना किसी जमीनी काम के केवल शोशेबाजी!’

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने मुफ्ती के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पाकिस्तान से अनुमति मांगी गई थी.

इस अख़बार के मुताबिक, 23, 24, 26, 28 और 30 अक्टूबर को फ्लाइट ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से उड़ान भरी थी, केवल 2 नवंबर की उड़ान को लंबा रास्ता लेना पड़ा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि पाकिस्तान हवाई क्षेत्र से इनकार करना जारी रखता है, तो एयरलाइन्स के लिए को सीधी उड़ान को बंद करने के बजाय दिल्ली में एक स्टॉप जोड़ने अधिक व्यवहार्य हो सकता है.

इस फ्लाइट सेवा का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि श्रीनगर-शारजाह सेवा के शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष उड़ान को अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी.

अधिकारियों ने बताया कि इटली से उनकी वापसी की फ्लाइट को भी बुधवार को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति मिली थी.

उधर, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता आसीम इफ्तिखार अहमद से गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में सवाल किया गया कि जब पाकिस्तान ने इन (श्रीनगर-शारजाह) उड़ानों की इजाजत दी थी तो क्या विदेश कार्यालय से पूछा गया था और इस अनुमति को कब रद्द कर किया गया था.

उन्होंने कहा कि ऐसी उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की इजाजत देने से इनकार कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि नागरिक विमानन प्राधिकरण (सीएए) के पास तकनीकी विवरण होगा.

अहमद ने कहा कि इस मुद्दे के विभिन्न पहलू हैं और संबंधित प्राधिकारियों को इसकी पूरी जानकारी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)