राजनीति

ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार को असफल बताया

बीते कुछ दिनों से भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना करते हुए नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था और सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में विफल रही है. महंगाई पर स्वामी के एक ट्वीट पर एक उपयोगकर्ता ने कहा था कि यह पूरी तरह से ‘मोदीनॉमिक्स’ है. इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि या ये ‘मोदीकॉमिक्स’ है, क्योंकि वह अर्थशास्त्र नहीं जानते हैं.

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि यह शासन के लगभग हर पहलू में विफल रही है. उनका यह बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात के ठीक एक दिन बाद आया है.

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने बीते बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और इससे कुछ दिन पहले वह कोलकाता में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से भी मिले थे.

गुरुवार सुबह एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अर्थव्यवस्था और सीमा सुरक्षा के क्षेत्र में विफल रही है. उन्होंने अफगानिस्तान संकट से निपटने के लिए केंद्र के रुख को ‘असफलता’ बताया.

साथ उन्होंने पूछा है कि एनएसओ समूह के पेगासस स्पायपेयर से नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने फोन की संभावित निगरानी और कश्मीर से जुड़े आतंरिक सुरक्षा को लेकर कौन जिम्मेदार है.

इससे पहले बीते बुधवार को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद स्वामी ने कहा था कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य के बारे में चर्चा की. दोनों नेताओं ने बैठक के बाद इसकी तस्वीरें भी साझा कीं.

भाजपा नेता से जब यह पूछा गया कि क्या वह टीएमसी में शामिल होंगे तो उन्होंने कहा, ‘मैं पहले ही उनके साथ हूं. पार्टी में शामिल होने की मुझे जरूरत नहीं है.’

स्वामी ने ट्वीट किया, ‘मैं जितने भी राजनेताओं से मिला या उनके साथ काम किया, उनमें से ममता बनर्जी; जेपी (जयप्रकाश नारायण), मोरारजी देसाई, राजीव गांधी, चंद्रशेखर, और पीवी नरसिंह राव से मेल खाती हैं. इन नेताओं की कथनी और करनी समान थी. भारतीय राजनीति में यह दुर्लभ गुण है.’

बाद में बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पश्चिम बंगाल से संबंधित मुद्दों तथा राज्य में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने का आदेश वापस लेने पर चर्चा की थी.

हाल ही में सुब्रमण्यम स्वामी सोशल मीडिया पर मोदी सरकार की आलोचना करते दिखे हैं.

बीते 23 नवंबर को एक ट्वीट में उन्होंने कहा था, ‘अगर चीन हमारे परमाणु हथियारों से नहीं डरता तो हम उनके परमाणु हथियारों से क्यों डरते हैं?’

बीते 22 नवंबर को एक ट्वीट में उन्होंने कहा था, ‘मुझे कई वेतनभोगी मध्यम वर्ग के लोगों ने बताया है कि सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं. मुझे उम्मीद है कि लोगों को जल्द राहत मिलेगी.’

इस पर एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने टिप्पणी की थी, ‘यह पूरी तरह से मोदीनॉमिक्स है.’ इसके जवाब में स्वामी ने कहा था, ‘या मोदीकॉमिक्स है, क्योंकि वह अर्थशास्त्र नहीं जानते हैं.’

उन्होंने एक अन्य यूजर के ट्वीट के जवाब में कहा था, ‘विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के संबंध में भारत की स्थिति खराब है. जब चीन हमारे इलाकों का हथिया रहा था तो वे सो रहे थे. भारत माता का सिर झुकाने वाले ये लोग गलत को गलत कहने के लिए भी तैयार नहीं हैं.’

उन्होंने आगे कहा था, ‘चीन आक्रामक और हमला करने में आगे रहा है. मोदी सरकार ऐसे अनाड़ियों से भरी है जो 18 बार आमने-सामने मिलने के बावजूद शी (जिनपिंग) के इरादों का अंदाजा नहीं लगा सके.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)