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हिंदू महासभा ने गोडसे को श्रद्धांजलि दी, गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपी कालीचरण सम्मानित

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर हिंदू महासभा ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे और इसमें एक अन्य आरोपी नारायण आप्टे को श्रद्धांजलि दी. हिंदू महासभा ने इस दिन को गोडसे-आप्टे स्मृति दिवस के रूप में मनाया. ऐसा ही एक कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से भी आयोजित किया गया.

नाथूराम गोडसे. (फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स)

भोपाल/ग्वालियर/मेरठ: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर बीते रविवार को हिंदू महासभा ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे और गांधी की हत्या मामले में एक अन्य आरोपी नारायण आप्टे को श्रद्धांजलि दी.

हिंदू महासभा ने इस दिन को गोडसे-आप्टे स्मृति दिवस के रूप में मनाया.

इस अवसर पर हिंदू महासभा ने ग्वालियर के दौलतगंज स्थित अपने दफ्तर में आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले हिंदू धर्म गुरु कालीचरण महाराज सहित पांच कार्यकर्ताओं को ‘गोडसे-आप्टे स्मृति भारत रत्न सम्मान’ दिया.

कालीचरण ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में धर्म संसद के दौरान गांधी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने कालीचरण को 19 जनवरी को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया था.

इस मौके पर हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. जयवीर भारद्वाज ने बताया, ‘हमने पाकिस्तान का भारत के साथ एकीकरण करने यानी अखंड भारत का संकल्प लेते हुए भारत माता की आरती की. हम 30 जनवरी 1948 को उनकी गिरफ्तारी पर गुस्सा जाहिर करने के लिए इस दिन को गोडसे-आप्टे स्मृति दिवस के रूप में मना रहे हैं.’

भारद्वाज ने बताया, ‘हिंदू महासभा ने देश की आजादी के लिए कई बलिदान दिए. लोग भ्रम में नहीं रहें कि चरखे के कारण देश को आजादी मिली.’

उन्होंने कहा, ‘आज के दिन दिल्ली के बिड़ला भवन से नाथूराम गोडसे व आप्टे को गिरफ्तार किया था, इसलिए आज से हिंदू महासभा पांच लोगों को गोडसे-आप्टे स्मृति भारत रत्न सम्मान दे रही है. यह सम्मान संत कालीचरण के साथ किशोर माहौर, पवन, आनंद माहौर व नरेश बाथम को दिया गया है.’

भारद्वाज ने बताया कि कालीचरण जेल में हैं, इसलिए उन तक यह सम्मान पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रमोद लोहपात्रे को दी गई है.

उन्होंने 1947 में भारत के विभाजन के लिए महात्मा गांधी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि विभाजन की वजह से लाखों हिंदुओं की हत्याएं हुईं और उन्हें विस्थापित होना पड़ा.

ग्वालियर में महासभा के कार्यालय में इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने दावा किया कि हिंदू महासभा ने स्वतंत्रता संग्राम में बहुत बड़ा योगदान दिया है.

उन्होंने कहा, ‘लोग भ्रम में नहीं रहें कि चरखे की वजह से देश को आजादी मिली.’

उन्होंने कहा, ‘चाहे भाजपा सरकार हो या कांग्रेस दोनों ने लोगों को ग्वालियर में 750 से ज्यादा साधु-संतों के बलिदान के बारे में नहीं बताया. इसी प्रकार देश की आजादी में सात लाख से ज्यादा लोगों की जानें गईं, उनका जिक्र भी नहीं किया गया.’

उन्होंने कहा, ‘महासभा सभी क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देती है और उनका सम्मान करती है.’

बता दें कि पिछले साल नवंबर में हिंदू महासभा ने कहा था कि वह हरियाणा के अंबाला सेंट्रल जेल से लाई गई मिट्टी से नाथूराम गोडसे की प्रतिमा तैयार करेंगे. इसी जेल में 1949 में गोडसे को फांसी दी गई थी.

मेरठ में हिंदू महासभा ने मनाया शौर्य दिवस, गोडसे को बताया अराध्य

इसी तरह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बीते रविवार को जहां पूरा देश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के शारदा रोड स्थित अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यालय में न सिर्फ गांधी के राष्ट्रपिता होने पर सवाल उठाया गया, बल्कि इन लोगों ने गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का गुणगान करते हुए 30 जनवरी का दिन शौर्य दिवस के रूप में मनाया.

महासभा ने शांति के दूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को दरकिनार कर दिया. गौरतलब है कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकार हत्या कर दी थी.

महासभा के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस मौके पर कुछ लोगों को नाना आप्टे नाथूराम गोडसे भारत रत्न पुरस्कार दिया गया है.

उन्होंने बताया कि इसमें प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ निवासी माता महाकाली के परम भक्त महाराज कालीचरण, बेंगलुरु निवासी उत्तर भारत के प्रमुख हिंदूवादी नेता शशिकांत शर्मा, डॉ. पूजा शकुन पांडे, हिंदू डिफेंस के राष्ट्रीय संयोजक दिल्ली निवासी निशांत जिंदल, हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दिल्ली निवासी विष्णु गुप्ता, सावरकर टाइम्स के संपादक नई दिल्ली निवासी रामनाथ लूथरा सहित सात लोगों को इस सम्मान से सम्मानित किया गया.

अशोक शर्मा के अनुसार, पूरे भारतवर्ष में 108 लोगों को यह नाथूराम गोडसे नाना आप्टे भारत रत्न दिया जाएगा. प्रमुख रूप से भारत के गृह मंत्री अमित शाह, भारत की वित्त मंत्री सीतारमण, फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत सहित अन्य लोग इस सम्मान से सम्मानित किए जाएंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)