दुनिया

बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे भारतीय राजनयिक

भारत सरकार ने घोषणा की कि बीजिंग में भारतीय दूतावास का कोई भी राजनयिक 2022 शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह में हिस्सा नहीं लेगा, क्योंकि चीन ने गलवान घाटी में हुई झड़प में शामिल एक सैन्य कमांडर को इन खेलों का मशालवाहक बनाया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन के इस क़दम को ‘खेदजनक’ क़रार दिया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली/बीजिंग/वॉशिंगटन: भारतीय राजनयिक शुक्रवार (4 फरवरी) को बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के भव्य उद्घाटन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे, जिसे चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के कारण अमेरिका और उनके सहयोगियों के राजनयिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है.

एक पखवाड़े तक चलने वाले शीतकालीन ओलंपिक की शुरुआत की घोषणा राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे. अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और कई पश्चिमी देशों ने उद्घाटन समारोह के राजनयिक बहिष्कार का फैसला किया है. इस बीच कोविड-19 संक्रमण का खतरा भी बरकरार है.

चीन द्वारा गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ साल 2020 हुई में झड़प में शामिल एक सैन्य कमांडर को इन खेलों का मशालवाहक बनाया जाने खबर सामने आने के बाद भारत सरकार की ओर से यह फैसला किया गया है.

नई दिल्ली में भारत ने गुरुवार को घोषणा की कि बीजिंग में भारतीय दूतावास के मामलों के प्रमुख 2022 शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन या समापन समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे, क्योंकि चीन ने गलवान घाटी झड़प में शामिल सैन्य कमांडर को इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता का मशाल धारक बनाकर सम्मानित किया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चीन के इस कदम को ‘खेदजनक’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘यह वास्तव में खेदजनक है कि चीन ने ओलंपिक जैसे आयोजन का राजनीतिकरण करना चुना है.’

उन्होंने घोषणा की कि दूतावास में भारत के शीर्ष राजनयिक कर्मचारी मेजबान के निमंत्रण का सम्मान नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं यह सूचित करना चाहता हूं कि बीजिंग में भारतीय दूतावास के चार्ज डी’ अफेयर्स (Charge d’Affaires) बीजिंग 2022 शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन या समापन समारोह में शामिल नहीं होंगे.’

बीजिंग में आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया गया है कि भारतीय दूतावास से कोई भी समारोह में हिस्सा नहीं लेगा. हालांकि शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा ले रहा भारत का छह सदस्यीय दल अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ उद्घाटन समारोह का हिस्सा होगा.

जम्मू कश्मीर के स्की खिलाड़ी आरिफ खान भारत के एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया है, जिसमें अमेरिका और यूरोपीय यूनियस सहित 91 देशों के 2,871 खिलाड़ी 109 स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे.

शुक्रवार को होने वाले उद्धाटन समारोह से पहले जिनपिंग ने कहा कि चीन सुरक्षित और शानदार शीतकालीन ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा.

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के 139वें सत्र के उद्घाटन समारोह के दौरान वीडियो संबोधान में जिनपिंग ने कहा, ‘चीन दुनिया के सामने सुरक्षित और शानदार खेलों के आयोजन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा और ओलंपिक सिद्धांत ‘सबसे तेज, उच्चतम, सबसे मजबूत-एक साथ’ पर काम करेगा.’

चीन के अधिकारियों को उम्मीद है कि भारतीय राजनयिक शीतकालीन खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह में हिस्सा होंगे, क्योंकि रूस, भारत और चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों ने पिछले साल छह नवंबर को संयुक्त बयान में कहा था कि मंत्री बीजिंग में 2022 शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए चीन का समर्थन करते हैं.

चीन ने हालांकि उकसाने वाला काम करते हुए बीते दो फरवरी को अपने एक सैन्य कमांडर की फबाओ (Qi Fabao) को खेलों की मशाल रिले में मशाल धारक के रूप में पेश किया था. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के रेजीमेंटल कमांडर फबाओ जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में घायल हो गए थे.

गलवान घाटी संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे. आठ महीने की चुप्पी के बाद पिछले वर्ष फरवरी में चीन ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया था कि उसके पांच सैन्य अधिकारी तथा जवान झड़प में शहीद हुए थे.

गलवान में हुई इस मुठभेड़ के बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य वार्ताएं हो चुकी हैं, जिसके कारण गलवान और अन्य क्षेत्रों में सेना हटाई गई हैं. हालांकि, हॉट स्प्रिंग्स और डेपसांग जैसे कुछ बिंदुओं में दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध जारी है. बीजिंग ने पूर्वी लद्दाख में घुसपैठ किए गए सभी बिंदुओं से हटने के कोई संकेत नहीं दिखाए हैं.

फबाओ के मशाल रिले में हिस्सा लेने को चीन की आधिकारिक मीडिया ने प्रमुखता से प्रसारित किया था.

सार्वजनिक समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स की खबर के अनुसार, बीते 2 फरवरी को विंटर ओलंपिक पार्क में फबाओ ने वैंग मेंग से मशाल ली, जो चीन की चार बार की ओलंपिक शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियन हैं. मशाल पास करते समय वांग और फबाओ ने एक दूसरे को सैन्य सलामी दी.

राजनयिक बहिष्कार के कारण खेलों को कोविड-19 संक्रमण से भी खतरा है. दो फरवरी को ओलंपिक खेलों से जुड़े लोगों के बीच संक्रमण के 55 नए मामले पाए गए. बीजिंग 2022 चिकित्सा विशेषज्ञ पैनल ने यह जानकारी दी.

खेलों में हिस्सा ले रहे भारतीय दल ने हालांकि उस समय राहत की सांस ली जब मैनेजर मोहम्मद अब्बास वानी कोविड-19 निगेटिव पाए गए. भारतीय दल प्रमुख हरजिंदर सिंह ने यह जानकारी दी.

बीजिंग पहुंचने पर पॉजिटिव पाए गए वानी को दो बार निगेटिव पाए जाने के बाद खेलों के दौरान मौजूद रहने की स्वीकृति दे दी गई है.

भारत ने मानवाधिकार चिंताओं को लेकर पश्चिमी देशों के शीतकालीन ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार में शामिल होने से अब तक इनकार किया था. अमेरिका के साथ डेनमार्क, कनाडा, जापान, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने घोषणा की थी कि वे उद्घाटन समारोह में अपने किसी भी राजनयिक कर्मचारी को नहीं भेजेंगे.

अमेरिका की अगुआई में राजनयिक बहिष्कार के बावजूद दुनिया के 32 नेता बीजिंग से एकजुटता दिखाते हुए उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस समारोह का हिस्सा होंगे.

ओलंपिक 2008 की मेजबानी करने वाला बीजिंग इसके साथ ही दोनों ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाले दुनिया का पहला शहर बन जाएगा.

शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन चार से 20 फरवरी तक होगा, जबकि शीतकालीन पैरालंपिक खेल चार से 13 मार्च तक होंगे.

डीडी स्पोर्ट्स उद्घाटन और समापन समारोह का सीधा प्रसारण नहीं करेगा

प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशि शेखर वेमपति ने बीते गुरुवार को कहा कि डीडी स्पोर्ट्स चैनल बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों के उद्घाटन और समापन समारोह का सीधा प्रसारण नहीं करेगा.

वेमपति ने ट्वीट किया, ‘विदेश मंत्रालय की घोषणा के परिणामस्वरूप डीडी स्पोर्ट्स चैनल बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक के उद्घाटन और समापन समारोह का सीधा प्रसारण नहीं करेगा.’

पीएलए सैनिक को मशाल धारक चुनने को अमेरिकी सांसदों ने ‘शर्मनाक’ कहा

अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने 2020 में गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमला करने वाली सैन्य कमान का हिस्सा रहे एक पीएलए सैनिक को चीन द्वारा बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक का मशाल धारक चुनने को बृहस्पतिवार को ‘शर्मनाक’ करार दिया है.

अमेरिकी सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सदस्य व रिपब्लिकन सीनेटर जिम रिस्च ने कहा कि अमेरिका, भारत की संप्रभुता का समर्थन जारी रखेगा.

जिम ने ट्वीट किया, ‘यह शर्मनाक है कि बीजिंग ने ओलंपिक 2022 मशाल धारक ऐसे व्यक्ति को चुना, जो उस सैन्य कमान का हिस्सा था, जिसने 2020 में भारत पर हमला किया था और जो उइगर मुस्लिमों का नरसंहार कर रहा है. अमेरिका उइगर की स्वतंत्रता और भारत की संप्रभुता का समर्थन जारी रखेगा.’

एक अन्य ट्वीट में सीनेटर मार्को रुबियो ने कहा कि यह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा बीजिंग शीतकालीन खेल 2022 के राजनीतिकरण का एक और अपमानित करने वाला उदाहरण है. उन्होंने कहा कि चीन द्वारा, 2020 में गलवान झड़प में शामिल रहे सैनिक को मशाल धारक के रूप में चुनना जान-बूझकर उकसाने वाला कदम है.

अमेरिका ने चीन की आक्रामकता के खिलाफ भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की

अमेरिका ने कहा है कि वह चीन की आक्रामकता के खिलाफ भारत के प्रति एकजुट है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बृहस्पतिवार को एक दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘जहां तक बात भारत-चीन सीमा विवाद की है, हम सीधे संवाद और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करना जारी रखेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘हमने पहले भी अपने पड़ोसियों को डराने-धमकाने के चीन के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की है. जैसा कि हम हमेशा करते हैं, हम दोस्तों के साथ खड़े हैं. हम हिंद-प्रशांत में अपनी साझा समृद्धि, सुरक्षा तथा मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए भागीदारों और सहयोगियों के साथ खड़े हैं.’

इससे पहले दिन में शीर्ष अमेरिकी सांसद जिम रिश ने भी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के रेजिमेंटल कमांडर क्वी फबाओ को ओलंपिक मशाल वाहक बनाने के फैसले के लिए चीन की आलोचना की थी.

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने भी आरोप लगाया कि चीन की सरकार और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा ओलंपिक का इस्तेमाल किया जा रहा है और चीन में मानवाधिकारों के हनन से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)