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हिमाचल प्रदेश: अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से छह महिला श्रमिकों की मौत, 14 घायल

घटना हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले की हरोली तहसील के बाथू औद्योगिक क्षेत्र में हुई. विस्फोट में जिन महिलाओं की मौत हुई वे सभी प्रवासी श्रमिक हैं. घायलों में भी नौ महिलाएं शामिल हैं. घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. ऊना के उपायुक्त ने कहा कि अवैध फैक्टरी को अनुमति देने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

ऊना जिले में मंगलवार को एक पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद स्थानीय लोगों के साथ पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

शिमला: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में छह प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए. मरने वाले लोगों में सभी महिलाएं हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि घायलों में नौ महिलाएं शामिल हैं. 11 घायलों को पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ में स्थानांतरित कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संभागायुक्त को घटना की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों में अख्तरी (45 वर्ष) पत्नी अनवर हुसैन, अनवता पुत्री अनवर हुसैन निवासी डाकघर बिलासपुर जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) मौजूदा रिहायश संतोषगढ़, शाईन पुत्री नैन डाकघर फतेहगंज डाकघर मरिगंज जिला बरेली (उत्तर प्रदेश), मोनिका (37 वर्ष) पत्नी दीपक निवासी बाथड़ी तहसील हरोली जिला ऊना, रजनी पुत्री करतार चंद डाकघर डल्लेवाल गढ़शंकर पंजाब और सुनीता (32 वर्ष) पत्नी करतार चंद डाकघर भंगला तहसील नंगल पंजाब शामिल हैं.

अधिकारियों ने बताया कि घायलों की पहचान- नरसाला, लसरत, हसगिरी, जुशी, नसरीन, शकीला, इशरत, अस्मा, नतीशा, मुस्कान, जाफरी, फरहा, जशील के रूप में हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त किया और कहा कि घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे. प्रत्येक घायल को 50-50 हजार दिए जाएंगे.

ऊना के उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि घटना ऊना जिले की हरोली तहसील के बाथू औद्योगिक क्षेत्र में हुई और पीड़ित दूसरे राज्यों के प्रवासी मजदूर हैं.

उन्होंने कहा कि अवैध फैक्टरी को अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस अधीक्षक अरिजीत सेन ने संवाददाताओं को बताया कि कारखाना मालिकों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं. उपायुक्त शर्मा ने कहा कि पुलिस और उद्योग विभाग द्वारा कारखाने से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है.

इससे पहले राज्य आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने कहा था कि सात लोग मारे गए, लेकिन बाद में उन्होंने मरने वालों की संख्या छह बताई.

उन्होंने कहा कि वे फिलहाल ऊना जिले में विभिन्न स्थानों में रह रहे थे, जबकि उनके स्थायी पते का पता लगाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने जनहानि पर दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मुहैया कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की. उन्होंने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ अनुकरणीय कार्रवाई की मांग की.

इस दौरान ग्राम प्रधान सुरेखा राणा ने मीडिया को बताया कि ग्राम पंचायत से अनुमति न मिलने के कारण पटाखा फैक्टरी अवैध रूप से चलाई जा रही थी.

उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार फैक्टरी मालिकों और अन्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

स्थानीय लोगों ने दावा किया कि फैक्टरी में करीब एक साल पहले तौल की मशीनें बनाई जा रही थीं और पटाखों के निर्माण के बारे में किसी को पता नहीं था.

एसपी अरिजीत सेन ने मीडिया को बताया कि उन्हें ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला है जिससे पता चलता हो कि फैक्ट्री वैध है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, इसी बीच, डिप्टी कमिश्नर राघव शर्मा ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी अध्यक्षता हरोली के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट करेंगे.

पुलिस ने मौके से पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)