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ओएनजीसी में 1.5 प्रतिशत हिस्सेदारी 3,000 करोड़ रुपये में बेचेगी सरकार

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन में सरकार की 60.41 प्रतिशत हिस्सेदारी है. कंपनी ने बताया कि बिक्री पेशकश के लिए मूल्य 159 रुपये प्रति शेयर रखा गया है. यह मूल्य बीएसई में मंगलवार को कंपनी के शेयर के बंद भाव 171.05 रुपये के मुक़ाबले सात प्रतिशत कम है.

ओएनजीसी संयंत्र. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सरकार देश की प्रमुख तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी में 1.5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी इस सप्ताह करीब 3,000 करोड़ रुपये में बेचेगी.

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि सरकार की बिक्री पेशकश 30 मार्च को खुलेगी और 31 मार्च को बंद होगी.

कंपनी ने कहा, ‘प्रवर्तक (सरकार) ने कंपनी के 9,43,52,094 शेयर (कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी की 0.75 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर) 30 मार्च, 2022 को गैर-खुदरा निवेशकों और 31 मार्च को खुदरा निवेशकों को बेचने का प्रस्ताव किया है. साथ ही अधिक बोली आने पर 9,43,52,094 अतरिक्ति इक्विटी शेयर बेचने का भी विकल्प रखा है.’

बिक्री पेशकश के लिए मूल्य 159 रुपये प्रति शेयर रखा गया है.

ओएनजीसी ने मंगलवार को शेयर बाजार से कहा कि यह मूल्य बीएसई में मंगलवार को कंपनी के शेयर के बंद भाव 171.05 रुपये के मुकाबले सात प्रतिशत कम है.

सरकार की ओएनजीसी में 60.41 प्रतिशत हिस्सेदारी है. कंपनी देश के आधे तेल एवं गैस का उत्पादन करती है.

बिक्री पेशकश में 25 प्रतिशत शेयर म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए जबकि 10 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के लिए निर्धारित है.

खुदरा निवेशक दो लाख रुपये मूल्य तक के शेयर के लिए बोली जमा कर सकते हैं.

ओएनजीसी के कर्मचारी 5-5 लाख रुपये तक मूल्य के शेयर के लिए आवेदन दे सकते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव तुहिन कांता पांडे ने कहा, ‘ओएनजीसी में 1.5 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए ‘ऑफर फॉर सेल’ कल खुलेगा, इसमें 0.75 फीसदी ग्रीनशू विकल्प भी शामिल हैं. खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकते हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)