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सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में अव्वल: सरकार

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसों पर चिंता जताई और कहा कि सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या में भारत पहले नंबर पर है और घायलों की संख्या के मामले में तीसरे नंबर पर है. उनके अनुसार, वर्ष 2020 में सड़क हादसे में मरने वालों में 18 से 45 वर्ष के लोगों का प्रतिशत 69.80 प्रतिशत था.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार (छह अप्रैल) को सड़क हादसों पर चिंता जताई और कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में सबसे ऊपर है.

गडकरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि जिनेवा स्थित अंतरराष्ट्रीय सड़क महासंघ द्वारा प्रकाशित विश्व सड़क सांख्यिकी (डब्ल्यूआरएस) 2018 के नवीनतम अंक के आधार पर दुर्घटनाओं की संख्या के अनुसार भारत तीसरे स्थान पर है.

गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या में भारत पहले नंबर पर है और घायलों की संख्या के मामले में तीसरे नंबर पर है.

संसद को सूचित किया गया कि इसके अलावा वर्ष 2020 में सड़क हादसे में मरने वालों में 18 से 45 वर्ष के लोगों का प्रतिशत 69.80 प्रतिशत था.

एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि कुल 22 नई राजमार्ग परियोजनाओं के विकास की परिकल्पना की गई है. इसमें 1,63,350 करोड़ रुपये की लागत के साथ 2,485 किलोमीटर लंबे पांच एक्सप्रेसवे और 1,92,876 करोड़ रुपये की लागत से 5,816 किलोमीटर लंबे 17 ‘एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे’ शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के तीन खंड यानी दिल्ली-दौसा-लालसोत (जयपुर) (214 किमी), वडोदरा-अंकलेश्वर (100 किमी) और कोटा-रतलाम- झाबुआ (245 किमी) को 23 मार्च तक पूरा करने की योजना है.

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि वाहन उपयोगकर्ताओं को वाहन पंजीकरण संख्या/चेसिस संख्या के आधार पर फास्टैग जारी किया जाता है.

गडकरी ने कहा कि 30 मार्च, 2022 तक, विभिन्न बैंकों द्वारा जारी किए गए फास्टैग की कुल संख्या 4,95,20,949 थी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर शुल्क प्लाजा पर फास्टैग की पहुंच लगभग 96.5 प्रतिशत थी.