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झारखंड: बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास 12 रोपवे ट्रॉली में टक्कर से एक की मौत

झारखंड के देवघर ज़िले में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर रविवार शाम में हुए इस हादसे में कम से कम 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. देवघर के उपायुक्त ने कहा कि प्रथमदृष्टया दुर्घटना का कारण तकनीकी ख़राबी लग रहा है.

देवघर जिले में केबल कार की टक्कर के बाद तार पर लटका हुआ एक व्यक्ति. (फोटो: पीटीआई)

देवघर: झारखंड के देवघर जिले में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकुट पहाड़ी पर 12 रोपवे ट्रॉली (केबल कार) आपस में टकरा गईं. हादसे में कम से कम एक शख्स की मौत हो गई और 48 अन्य ट्रॉलियों में फंस गए. एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

अधिकारी के मुताबिक, हादसा रविवार शाम करीब 4:30 बजे हुआ, जिसमें 10 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए और देर रात उनमें से एक की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पहुंचे.

देवघर के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री ने कहा, ‘सभी पर्यटकों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित निकालने की तमाम कोशिशें की जा रही हैं. एनडीआरएफ की टीम भी रविवार रात से काम पर लगी हुई है और 11 लोगों को उसने निकाला है. बचाव अभियान में स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं. घटना में 10 लोग जख्मी हुए हैं जिनमें से एक की देर रात मौत हो गई.’

हादसे के कारण के बारे में पूछने पर डीसी ने कहा कि फिलहाल जिले का पूरा अमला फंसे हुए लोगों को निकालने में लगा हुआ है और बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही जांच की शुरू की जाएगी.

उन्होंने कहा कि पहली नजर में लगता है कि तकनीकी खामी की वजह से हादसा हुआ. उनके मुताबिक, रोपवे का संचालन एक निजी कंपनी कर रही है.

इसे चला रहे परिचालक दुर्घटना के कुछ देर बाद ही इलाके से भाग गए.

प्रभात खबर के मुताबिक, रविवार को करीब 4:30 बजे रोपवे जैसे ही डाउन स्टेशन से चालू हुआ, पहाड़ की चोटी पर स्थित रोपवे के यूटीपी स्टेशन का रोलर अचानक टूट गया. इसके बाद रोपवे की 23 ट्रॉलियां सात फीट नीचे लटक गईं.

वहीं, सबसे पहले ऊपर की एक ट्रॉली 40 फीट नीचे खाई में गिर गई, जिसमें पांच लोग सवार थे. स्थानीय लोगों और रोपवे कर्मचारियों ने मिलकर उस ट्रॉली में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला था.

हादसे के दौरान इसमें सबसे नीचे की दो ट्रॉली पत्थर से टकरा गई. इन दोनों ट्रॉलियों में सवार सभी लोग बुरी तरह घायल हो गए. इस हादसे में देवघर जिले की सारठ तहसील की पथरड्डा की रहने वाली सुमंती देवी की मौत हो गई.

झारखंड पर्यटन विभाग के अनुसार, त्रिकुट रोपवे भारत का सबसे ऊंचा ऊर्ध्वाधर (Verticle) रोपवे है. बाबा बैद्यनाथ मंदिर से लगभग 20 किमी दूर स्थित रोपवे लगभग 766 मीटर लंबा है, जबकि पहाड़ी 392 मीटर ऊंची है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)