नॉर्थ ईस्ट

असम: ‘उग्रवादियों के हमले’ के बाद पुलिस हिरासत में रहे दो कथित पशु तस्कर मारे गए

पुलिस ने कहा है कि असम के कोकराझार ज़िले जामदुआर इलाके में बीते 18 अप्रैल की देर रात उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में पशु तस्कर अकबर बंजारा और सलमान बंजारा मारे गए और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए. एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने असम पुलिस की कहानी पर संदेह जताते हुए कहा कि विधि-शासन पर बंदूक-शासन हावी हो चुका है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोकराझार/दिफू: असम के कोकराझार जिले में सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात ‘उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले’ में दो कथित पशु तस्कर मारे गए और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

दोनों कथित पशु तस्कर पुलिस की हिरासत में थे, जब यह हमला हुआ.

कोकराझार जिले में भारत-भूटान सीमा के पास उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर पुलिस टीम पर किए गए हमले के एक दिन बाद राज्य पुलिस ने उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बुधवार को तलाशी अभियान शुरू किया है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर होने की शर्त पर बताया कि जिस जामदुआर इलाके में घात लगाकर हमला किया गया, उस पूरे इलाके की तलाशी ली जा रही है.

उन्होंने कहा, ‘यह बहुत दुर्गम इलाका है जहां एक तरफ पश्चिम बंगाल और दूसरी तरफ भूटान है. हम हमले को अंजाम देने वाले उग्रवादियों की तलाश कर रहे हैं. हमें एक सप्ताह के भीतर सफलता मिलने का भरोसा है और इसके बाद हम अधिक विवरण साझा कर पाएंगे.’

अधिकारी के अनुसार, हमला सोमवार (18 अप्रैल) रात करीब 1:30 बजे उस समय हुआ, जब पुलिसकर्मी तस्करों को जोमदुआर क्षेत्र में संकोश नदी के किनारे तस्करी के मार्गों की पहचान के लिए ले जा रहे थे.

अधिकारी ने दावा किया कि दोनों को ले जा रही पुलिस की गाड़ी ‘उग्रवादियों की गोलीबारी की चपेट में आ गई’ जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने कार से बाहर कूदकर मोर्चा संभाल लिया.

उन्होंने यह भी कहा कि घटनास्थल पर पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गई थीं.

अधिकारी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालने के बाद जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच 10-12 मिनट तक गोलीबारी जारी रही.

उन्होंने कहा, ‘उग्रवादियों के हमले के दौरान दोनों पशु तस्करों को गोलियां लगीं. सरायबील प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.’

अधिकारी ने बताया कि घायल हुए चार पुलिसकर्मियों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल से एक एके-47 राइफल, दो मैगजीन और 28 कारतूस बरामद हुए.

उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान अकबर बंजारा और सलमान बंजारा के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. अधिकारी ने कहा कि उन्हें पशु तस्करी में कथित संलिप्तता के लिए मेरठ से गिरफ्तार किया गया था.

अधिकारी ने कहा, ‘पूछताछ के दौरान, उन्होंने खुलासा किया था कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और असम से मवेशियों की तस्करी मेघालय के रास्ते बांग्लादेश में की जा रही थी.’

पुलिस ने कहा, ‘दोनों ने खुलासा किया था कि बांग्लादेश में स्थित कट्टरपंथी आतंकवादी संगठन इस रैकेट में शामिल हैं और इस व्यापार के पैसे का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है. कुछ पैसे असम और मेघालय में उग्रवादी संगठनों के लिए भेजे जा रहे थे.’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने असम पुलिस की कहानी पर संदेह जताते हुए कहा कि यह ‘बंदूक से शासन’ और कानून के शासन का उल्लंघन है.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘विधि-शासन पर बंदूक-शासन हावी हो चुका है. अब कोर्ट में इल्ज़ाम साबित करने की क्या जरूरत? सरकार किसी को भी दोषी करार देकर सज़ा-ए-मौत सुना देगी. उसके बाद एक कहानी बना दी जाएगी कि दोषी फरार होने की कोशिश कर रहे थे या पुलिस वालों पर हमला कर रहे थे. अकबर और सलमान हिरासत में मारे गए हैं.’

हिरासत से भागने की कोशिश में संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर गोली लगने से घायल

इस बीच, असम के कार्बी आंगलोंग जिले में कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा एक संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर गोली लगने से घायल हो गया. पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि खटखटी थाना क्षेत्र में सोमवार (18 अप्रैल) को संदिग्ध तस्कर और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था जिनके पास से 100 ग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ था.

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक के द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस की टीम तस्कर को पड़ोसी नगालैंड के दीमापुर से उसके सहयोगी को पकड़ने के लिए ले जा रही थी.

पुलिस ने कहा कि जब वाहन कुछ देर के लिए रुका तो आरोपी ने पुलिसकर्मियों को एक तरफ धक्का दिया और पास के जंगल की ओर भाग गया.

इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘उसे दी गई रुकने की चेतावनी के अनसुना करने पर हमें उस पर गोली चलानी पड़ी और पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया.’

उन्होंने कहा कि घायल तस्कर का इलाज दिफू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है.

गौरतलब है कि पिछले साल मई में हिमंता बिस्वा शर्मा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से असम सरकार ‘एनकाउंटर’ की कई घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रही है. कथित तौर पर ड्रग तस्करों, मवेशी तस्करों, हत्यारों, अपहरणकर्ताओं, बलात्कारियों और अन्य अपराधियों के हिरासत से भागने की कोशिश में या पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के बाद पुलिस फायरिंग में कम से कम 46 लोग मारे गए और 108 घायल हो गए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)