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इमैनुएल मैक्रों दोबारा बने फ्रांस के राष्ट्रपति

इमैनुएल मैक्रों ने अपनी प्रतिद्वंद्वी धुर दक्षिणपंथी नेता मरिन ले पेन को मात दी. देश में 20 वर्षों में दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने वाले मैक्रों पहले नेता हैं. उन्होंने जीत पर लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कई लोगों ने उन्हें सिर्फ़ ले पेन को सत्ता से बाहर रखने के लिए वोट किया.

इमैनुएल मैक्रों. (फोटो: रॉयटर्स)

पेरिस: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रविवार को दोबारा देश के राष्ट्रपति चुन लिए गए. उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी धुर दक्षिणपंथी नेता मरिन ले पेन को कड़ी टक्कर दी और उनकी इस जीत के साथ ही फ्रांस के सहयोगियों ने राहत की सांस ली है कि यूक्रेन में छिड़े युद्ध के बीच परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा तथा यूरोपीय संघ और नाटो के प्रयासों को समर्थन जारी रखेगा.

मैक्रों ने एक बार फिर राष्ट्रपति चुने जाने पर देश की जनता को धन्यवाद कह कर उनका आभार व्यक्त किया तथा उन्हें पांच और साल के लिए सत्ता सौंपने वाले लोगों की प्रशंसा की.

मैक्रों ने उन लोगों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने न केवल उनके विचारों से प्रभावित होकर बल्कि धुर-दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी ले पेन को सत्ता से दूर रखने के लिए उन्हें वोट दिया.

उन्होंने कहा, ‘मैं अब किसी एक खेमे का उम्मीदवार नहीं रहा, बल्कि सभी का राष्ट्रपति बन गया हूं.’

चुनाव में जीत मिलने के बाद वह अपनी पत्नी ब्रिगिट के हाथों में हाथ डाले एफिल टॉवर के नीचे एक स्थान पर पहुंचे, जहां उनके समर्थक मौजूद थे. इस दौरान यूरोपीय संघ का गीत बजाया गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमैनुएल मैक्रों को दोबारा फ्रांस का राष्ट्रपति चुने जाने के लिए सोमवार को बधाई दी और कहा कि वह भारत तथा फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक हैं.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘फ्रांस का दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के लिए मेरे मित्र इमैनुएल मैक्रों को बधाई. मैं भारत तथा फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ करने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक हूं.’

राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में रविवार को मैक्रों को विजेता घोषित किया गया. 44 वर्षीय मैक्रों ने धुर दक्षिणपंथी नेता मरिन ले पेन को चुनाव में मात दी है.

मैक्रों की जीत पर दुनिया भर के नेताओं ने उन्होंने बधाई दी. देश में 20 वर्षों में दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने वाले मैक्रों पहले नेता हैं. चुनाव हारने वाली नेता ले. पेन ने परिणाम आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘इस हार पर मैं कुछ नहीं कर सकती, लेकिन उम्मीद नहीं खोई है.’

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इस दौरान मैक्रों ने अपने पहले कार्यकाल से असंतोष जाहिर किया और कहा कि वे बदलाव करना चाहते हैं.

गिने गए 97 प्रतिशत मतों में से मैक्रों को 57.4 प्रतिशत मत मिले हैं. अपने विजयी भाषण में उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उन्हें सिर्फ ले पेन को सत्ता से बाहर रखने के लिए वोट किया.

उन्होंने कहा, ‘देश में बहुत से लोगों ने मुझे वोट किया तो इसलिए नहीं कि वे मेरे विचारों को पसंद करते थे, बल्कि इसलिए वोट किया क्योंकि वे धुर-दक्षिणपंथियों को सत्ता से दूर रखना चाहते थे.’

उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं और आने वाले वर्षों के लिए मुझ पर उनका कर्ज है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)