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मणिपुरः विज्ञापनों का बकाया न चुकाने पर मीडिया ने राज्य सरकार और भाजपा का बहिष्कार किया

15 अप्रैल को एडिटर्स गिल्ड मणिपुर, ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन, मणिपुर हिल जर्नलिस्ट यूनियन और प्रकाशकों की संयुक्त बैठक में राज्य सरकार व मणिपुर भाजपा से शनिवार तक लंबित विज्ञापनों बिलों का भुगतान करने को कहा गया था लेकिन उनसे कोई प्रतिक्रिया न मिलने के बाद बहिष्कार का फ़ैसला किया गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

इम्फालः मणिपुर के मीडिया संस्थानों का कहना है कि बार-बार की गई अपील के बावजूद विज्ञापनों का बकाया भुगतान नहीं होने पर वे रविवार (24 अप्रैल) से राज्य सरकार और भाजपा की राज्य इकाई से जुड़ी हुई सभी खबरों का बहिष्कार कर चुके हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एडिटर्स गिल्ड मणिपुर (ईजीएम), ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) और मणिपुर हिल जर्नलिस्ट यूनियन (एमएचजेयू) के प्रतिनिधियों और प्रकाशकों की एक संयुक्त बैठक के एक दिन बाद यह बहिष्कार प्रभावी होगा.

एडिटर्स गिल्ड के एक सदस्य का कहना है कि मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और मुख्य सचिव राजेश कुमार द्वारा लगातार दिए गए आश्वासन के बाद भी सरकार द्वारा विज्ञापनों का लंबित भुगतान करने में असफल रहने पर यह कदम उठाया गया है.

उन्होंने बताया कि मीडिया संगठनों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के व्यक्तिगत हस्तक्षेप के बाद इससे पहले किए जा रहे बहिष्कार के आह्वान के फैसले को टाल दिया था.

एडिटर्स गिल्ड, एएमडब्ल्यूजेयू, एमएचजेयू और प्रकाशकों की 15 अप्रैल को हुई संयुक्त बैठक में राज्य सरकार और मणिपुर भाजपा से शनिवार तक लंबित विज्ञापनों के बिलों का भुगतान करने को कहा गया था लेकिन सरकार एवं भाजपा की मणिपुर इकाई से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद शनिवार को हुई बैठक में बहिष्कार का फैसला किया गया.

बहिष्कार के आह्वान पर सरकार और इसके विभागों एवं मणिपुर भाजपा से जुड़ी हुई खबरों और कार्यक्रमों को कवर करने वाले पत्रकारों ने इससे दूरी बना ली.

बहिष्कार के तहत मणिपुर सरकार, सत्तारूढ़ भाजपा और एनपीएफ से संबंधित खबरों को कवर नहीं किया जाएगा.

एडिटर्स गिल्ड, एएमडब्ल्यूजेयू और एमएचजेयू द्वारा जारी किए गए संयुक्त बयान के मुताबिक, इसमें सभी सरकारी विज्ञापनों को भी शामिल किया जाएगा.

हालांकि, बयान में कहा गया कि मीडिया बहिष्कार में राज्यपाल, स्पीकर के कार्यालय से जुड़ी खबरों, कोविड-19 एवं मेडिकल आपातकाल और अपराध से संबंधित खबरों को शामिल नहीं किया जाएगा.

यह बहिष्कार तब तक प्रभावी रहेगा, जब तक लंबित विज्ञापन बिलों का भुगतान नहीं किया जाता या संबंधित पक्षों के बीच में किसी तरह की सहमति नहीं बन जाती.

बता दें कि सरकार को करोड़ो रुपयों के विज्ञापनों के बकाये का भुगतान करना है जबकि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव से जुड़े लाखों रुपये के विज्ञापनों का सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा भुगतान किया जाना है.

बयान के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के प्रसार और न्यूज प्रोडक्शन की बढ़ती लागत की वजह से मणिपुर के मीडिया संस्थान वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं.

बयान में सरकार से इस स्थिति पर सहानूभूतिपूर्वक विचार करने और किसी भी तरह के टकराव से बचने की अपील की है.