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राजस्थान के जोधपुर शहर में सांप्रदायिक तनाव के बाद 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा

जोधपुर शहर के जालौरी गेट इलाके में हुई घटना. एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर झंडा फहराने और हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच सोमवार देर रात हुई झड़प के कुछ घंटे बाद ही पथराव हो गया था, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. मंगलवार को सुबह की नमाज़ के बाद इस इलाके में फ़िर से संघर्ष शुरू हो गए थे, जिसके बाद कर्फ्यू लगा दिया गया.

जोधपुर जालौरी गेट इलाके में दो समुदायों के बीच मंगलवार को फिर झड़प शुरू होने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर- बितर किया. (फोटो: पीटीआई)

जोधपुर/जयपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में सांप्रदायिक तनाव के बाद मंगलवार को 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की. मुख्यमंत्री ने ऐसी घटनाओं के जिम्मेदार असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

मिली जानकारी के अनुसार, जोधपुर के जालौरी गेट इलाके में स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा पर झंडा फहराने और हटाने को लेकर दो समुदायों के सदस्यों के बीच सोमवार देर रात हुई झड़प के कुछ घंटे बाद ही पथराव हो गया था, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. मंगलवार को सुबह की नमाज के बाद इस इलाके में फिर से ताजा संघर्ष शुरू हो गया.

गहलोत ने राजधानी जयपुर में उच्चस्तरीय बैठक के बाद हालात पर निगरानी के लिए गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव सहित आला अधिकारियों को तत्काल जोधपुर जाने के निर्देश दिए.

जोधपुर के कार्यपालक मजिस्ट्रेट राजकुमार चौधरी ने हालात पर काबू पाने के लिए मंगलवार दोपहर शहर के 10 थाना क्षेत्रों- उदयमंदिर, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागोरी गेट, खांडा फलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर, देवनगर, सूरसागर व सरदारपुरा में मंगलवार दोपहर एक बजे से बुधवार (चार मई) की मध्यरात्रि तक कर्फ्यू के आदेश जारी किए.

आदेश के अनुसार, शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने व जनजीवन व्यवस्थित रखने के लिए कर्फ्यू लगाया जाना आवश्यक है. इसके अलावा शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, ताकि अफवाहें न फैलाई जा सके.

जयपुर में मुख्यमंत्री गहलोत ने पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की. उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए.

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जोधपुर में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश में कहीं भी सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली घटना से समाज में शांति एवं कानून व्यवस्था को क्षति पहुंचती है.

उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे किसी धर्म, जाति या वर्ग का हो अपराध में उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उसे बख्शा नहीं जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राजस्थान में सभी समाज और धर्मों के लोग सभी त्योहारों को प्रेम और भाईचारे से मनाते आए हैं और विशेषकर जोधपुर अपनी अपनायत के लिए जाना जाता है. यह परंपरा बनी रहनी चाहिए.’

उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

मुख्यमंत्री ने गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव, जोधपुर के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) हवासिंह घुमरिया को हेलीकॉप्टर से तत्काल जोधपुर जाने के निर्देश दिए.

इस बीच, गहलोत ने जोधपुर और हाल में हुई इस प्रकार की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए पुलिस और प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए.

पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, सोमवार रात विवाद शुरू होने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए.

नियंत्रण कक्ष की ओर से कहा गया है कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी.

पुलिस ने बताया कि हालात काबू में कर लिए गए, लेकिन मंगलवार सुबह जालौरी गेट के पास ईदगाह पर ईद की नमाज अदा करने के बाद कुछ लोगों ने वहां खड़े वाहनों पर पथराव किया, जिसमें कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और इसके बाद 10 थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लगाया गया.

उल्लेखनीय है कि जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह नगर भी है. ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर उनके जन्मदिन पर मुख्यमंत्री निवास पर प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए.

वहीं इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर इस्लामिक झंडा लगाने की निंदा की.

उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ‘जोधपुर में स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा जी की प्रतिमा से भगवा ध्वज उतारकर इस्लामिक झंडा लगाया गया और जिस तरीके से वहां हिंसा की गई, उससे साफ तौर पर यह जाहिर होता है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार का तुष्टीकरण रवैया उसके डूबने का सबसे बड़ा कारण बनेगा.’

पूनिया ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, ‘आप सभी से निवेदन है कि शांति बनाए रखें. राज्य सरकार से मांग है कि अराजक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो, राज्य में कानून का राज स्थापित हो.’

उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौती बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाओं के लिए राज्य सरकार का संरक्षण जिम्मेदार है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) हवा सिंह घूमरिया ने कहा, ‘जिस क्षेत्र में नमाज अदा की जाती है, उसके पास भगवान परशुराम के झंडे लगे थे. झंडे को हटाने को लेकर विवाद हुआ था, क्योंकि स्थानीय मुस्लिम समुदाय ईद के मौके पर यहां झंडा लगाता है.’

ईदगाह से सटा इलाका होने और ईद पर इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के नमाज अदा करने की संभावना को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को उस ​जगह के पास नहीं आने दिया गया.

घूमरिया ने बताया, ‘लेकिन भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान तनाव बढ़ गया और पथराव हो गया. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जोधपुर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.’

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

गहलोत ने मंगलवार की सुबह ट्वीट किया, ‘जोधपुर के जालौरी गेट के निकट दो गुटों में झड़प से तनाव पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशासन को हर कीमत पर शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.’

गहलोत ने लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, ‘जोधपुर, मारवाड़ की प्रेम एवं भाईचारे की परंपरा का सम्मान करते हुए मैं सभी पक्षों से मार्मिक अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं कानून-व्यवस्था बनाने में सहयोग करें.’

उल्लेखनीय है कि दो अप्रैल को करौली में नवसवंत्सर पर हिंदू संगठनों द्वारा निकाली जा रही बाइक रैली पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया था, उसके बाद आगजनी की घटना हुई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)