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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स की कार दुर्घटना में मौत

आक्रामक बल्लेबाज़ के अलावा मध्यम गति और स्पिन गेंदबाजी करने में सक्षम एंड्रयू साइमंड्स बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 1998 से 2009 के बीच 26 टेस्ट, 198 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 14 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबले खेल चुके थे. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत के लिए पिछले दो महीनों में यह तीसरा बड़ा झटका है. बीते चार मार्च को कुछ घंटों के भीतर ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न और दिग्गज विकेटकीपर रोड मार्श का निधन हो गया था.

एंड्रयू साइमंड्स. (फोटो: रॉयटर्स)

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और दो बार विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स की कार दुर्घटना में मौत हो गई. साइमंड्स 46 बरस के थे और उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं.

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत के लिए पिछले दो महीनों में यह तीसरा बड़ा झटका है, जिसने बीते चार मार्च को कुछ घंटों के भीतर महान लेग स्पिनर शेन वार्न और दिग्गज विकेटकीपर रोड मार्श को भी गंवा दिया था.

क्वीन्सलैंड पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह दुर्घटना उत्तर-पूर्व ऑस्ट्रेलिया के टाउंसविले से लगभग 50 किमी दूर हार्वे रेंज मार्ग पर शनिवार रात हुई.

बयान में कहा गया, ‘पुलिस टाउंसविले से लगभग 50 किमी दूर हार्वे रेंज पर एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच कर रही है, जिसमें पिछली रात 46 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई.’

पुलिस के बयान के अनुसार, ‘शुरुआती सूचना से संकेत मिले हैं कि रात 11 बजे के बाद कार हार्वे रेंज रोड पर चलाई जा रही थी और एलिस नदी के पुल के समीप यह सड़क से उतरकर पलट गई.’

इसमें कहा गया, ‘आपात सेवा कर्मचारियों ने 46 साल के चालक को बचाने का प्रयास किया जो गाड़ी में अकेला व्यक्ति था. हालांकि चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.’

बाद में उनकी पहचान एंड्रयू साइमंड्स के रूप में की गई.

आक्रामक बल्लेबाज के अलावा मध्यम गति और स्पिन गेंदबाजी करने में सक्षम साइमंड्स बेहतरीन क्षेत्ररक्षक भी थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 1998 से 2009 के बीच 26 टेस्ट, 198 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 14 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले.

वह 2003 और 2007 में एकदिवसीय विश्व कप जीतने वाले ऑस्ट्रेलिया की टीम के अहम सदस्य थे.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के अध्यक्ष लाकलेन हेंडरसन ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने एक और सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खो दिया. एंड्रयू पीढ़ी में एक बार मिलने वाली प्रतिभा था, जिसने विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की सफलता में अहम भूमिका निभाई और क्वीन्सलैंड के समृद्ध क्रिकेट इतिहास का हिस्सा रहा.’

उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की ओर से हमारी सहानुभूति एंड्रयू के परिवार, टीम के साथियों और मित्रों के साथ है.’

साइमंड्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करिअर में 165 विकेट चटकाए. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 24, एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 133, जबकि टी-20 मुकाबलों में आठ विकेट हासिल किए.

उन्होंने 198 एकदिवसीय मैचों में छह शतक और 30 अर्धशतक बनाए थे. साथ ही अपने आसान ऑफ स्पिन और मध्यम गति से अधिक के साथ 133 विकेटों का योगदान दिया था.

साइमंड्स ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 14 टी 20 मैचों में आठ विकेट लेने के अलावा 337 रन बनाए थे.

विश्व कप 2003 के पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की टीम जब 86 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद संकट में थी, तो उन्होंने 125 गेंद में 143 रन की तूफानी पारी खेली, जो उनके करिअर की सबसे यादगार पारी रही.

साइमंड्स ने 1998 में पदार्पण करने के बाद एकदिवसीय मुकाबलों में छह शतक की मदद से 5,088 रन बनाए. वह इंडियन प्रीमियर लीग में अब भंग हो चुके डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस की ओर से खेले.

चार्जर्स की ओर से उन्होंने 2008 में पहले टूर्नामेंट में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 53 गेंद में नाबाद 117 रन की पारी खेली.

श्रीलंका के खिलाफ 2004 में पदार्पण के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो शतक और 10 अर्धशतक की मदद से 1462 रन बनाए.

साइमंड्स ने इंग्लैंड के खिलाफ 2006-07 एशेज शृंखला के बॉक्सिंग-डे टेस्ट में 156 रन बनाए और फिर सिडनी में 2008 में भारत के खिलाफ करिअर की सर्वश्रेष्ठ 162 रन की पारी खेली.

सिडनी टेस्ट हालांकि ‘मंकीगेट’ प्रकरण के कारण उनके करिअर का सबसे विवादास्पद लम्हा रहा. उन्होंने तब आरोप लगाया था कि भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने उन्हें ‘बंदर’ कहा था.

‘रॉय’ के रूप में पहचाने जाने वाले साइमंड्स हालांकि विवादों का भी हिस्सा रहे.

बांग्लादेश के खिलाफ मैच के लिए नशे की हालत में पहुंचने के बाद उन्हें 2005 में ऑस्ट्रेलिया के इंग्लैंड दौरे पर दो एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से बाहर कर दिया गया.

तीन साल बाद साइमंड्स ने टीम बैठक में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि वह डार्विन में मछली पकड़ने गए थे. इस घटना के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था.

एक और अनुशासनात्मक मुद्दा इंग्लैंड में 2009 टी-20 विश्व कप की पूर्व संध्या पर हुआ, जिसके कारण उन्हें ऑस्ट्रेलिया की टीम से बाहर कर दिया गया. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ उनका करिअर खत्म हो गया, क्योंकि तुरंत बाद उनका अनुबंध रद्द कर दिया.

साइमंड्स को हालांकि मैदान पर उनके प्रदर्शन के लिए भी याद किया जाता है. उन्होंने 2004 में केंट के लिए 34 गेंद में शतक जड़ा. काउंटी चैंपियनशिप मुकाबले में पारी में सर्वाधिक 16 छक्के जड़ने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से साइमंड्स के नाम रहा. उन्होंने ग्लेमोर्गन के खिलाफ 1995 में ग्लोस्टरशर की ओर से खेलते हुए यह उपलब्धि हासिल की. यह रिकॉर्ड 27 साल तक कायम रहा, जिसे पिछले महीने इंग्लैंड के बेन स्टोक्स ने तोड़ा.

साइमंड्स ने 2012 में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया और लोकप्रिय कमेंटेटर बने.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एलेन बॉर्डर उन लोगों में शामिल रहे, जिन्होंने रविवार को साइमंड्स को श्रद्धांजलि दी. बॉर्डर ने कहा, ‘साइमंड्स गेंद को दूर तक मारते थे और सिर्फ मनोरंजन करना चाहते थे.’

उन्होंने ‘नाइन नेटवर्क’ से कहा, ‘वह एक तरह से कुछ हद तक पारंपरिक क्रिकेटर थे. वह साहसी थे, उन्हें मछली पकड़ना, हाइकिंग, कैंपिंग करना पसंद था. लोगों को उनका स्टाइल पसंद था.’

भारतीय क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ियों ने एंड्रयू साइमंड्स के निधन पर हैरानी जताते हुए शोक जताया है.

सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर कहा, ‘एंड्रयू साइमंड का निधन हम सभी के लिए चौंकाने वाली खबर है. वह न केवल एक शानदार ऑलराउंडर थे, बल्कि मैदान पर एक ऊर्जावान व्यक्ति भी थे. मुंबई इंडियंस में हमने एक साथ बिताए समय की मुझे बहुत अच्छी यादें हैं. उनकी आत्मा को शांति मिले, उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना.’

हरभजन सिंह ने कहा, ‘एंड्रयू साइमंड्स के आकस्मिक निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं. आप बहुत जल्दी चले गए. परिवार और दोस्तों के प्रति हार्दिक संवेदना. दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना.’

विराट कोहली ने कहा, ‘एंड्रयू साइमंड्स के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हूं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस कठिन घड़ी में शक्ति प्रदान करें.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)