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दिल्ली: मंत्री सत्येंद्र जैन पांच साल पुराने मामले में गिरफ़्तार, सिसोदिया बोले- फ़र्ज़ी केस

ईडी ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और आगामी हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के प्रभारी सत्येंद्र जैन को पांच साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ़्तार किया है. एजेंसी ने इस मामले में जैन से 2018 में पूछताछ की थी, लेकिन अगले तीन साल तक इसमें कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को पांच साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

एजेंसी ने पिछले महीने कहा था कि जैन के परिवार और जैन से संबंधित कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को उनके खिलाफ एक धनशोधन मामले की जांच के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया गया है.

वर्ष 2018 में ईडी ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता जैन से पूछताछ की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 2017 में आप नेता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज सीबीआई की पहली सूचना रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें जैन और अन्य पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया था.

उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब जैन आप के हिमाचल प्रदेश के प्रभारी के रूप में पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक मामलों में व्यस्त हैं.

हालांकि ईडी ने इस मामले में जैन से 2018 में पूछताछ की थी, लेकिन अगले तीन साल तक इसमें कोई खास प्रगति नहीं हुई.

इस साल की शुरुआत में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें सूत्रों द्वारा सूचित किया गया है कि ईडी पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जैन को गिरफ्तार कर सकती है.

केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘हमारे सूत्रों से हमें पता चला है कि आने वाले कुछ दिनों में पंजाब चुनाव से ठीक पहले ईडी सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने जा रहा है. उनका बहुत स्वागत है. पहले भी केंद्र सरकार ने सत्येंद्र जैन पर छापे मारे थे, लेकिन कुछ नहीं मिला.’

जैन ने भी इस मामले को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि, ‘जब भी वे चाहें, उनका स्वागत है. इससे पहले भी वे दो बार मुझ पर छापा मार चुके हैं लेकिन सब व्यर्थ गया है. यह सब राजनीति है और उन्होंने पिछले पंजाब चुनाव के दौरान भी ऐसा किया था. ईडी, सीबीआई सभी का स्वागत है. मैं तैयार हूं, अगर वे मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं तो मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं.’

अप्रैल में एजेंसी ने कहा कि जैन के परिवार से संबंधित 4.81 करोड़ रुपये की संपत्ति और उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व और नियंत्रित कंपनियों को उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है.

एक बयान में ईडी ने तब कहा था कि उसने संपत्ति की कुर्की के लिए मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया है.

इसमें आगे कहा गया है कि ‘कुर्क की गई अचल संपत्ति 4.81 करोड़ रुपये की है जो अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, पर्यास इंफोसोल्यूशंस प्रा. लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्रा. लिमिटेड, जेजे आइडियल एस्टेट प्रा. लिमिटेड की है. इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति के मामले में स्वाति जैन, सुशीला जैन, अजीत प्रसाद जैन और इंदु जैन की संपत्तियों को कुर्क किया गया है.’

ईडी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जांच से पता चला था कि 2015-16 की अवधि के दौरान जब सत्येंद्र कुमार जैन एक लोक सेवक थे, उनके स्वामित्व और नियंत्रण वाली उपर्युक्त कंपनियों को हवाला के जरिये कोलकाता के एंट्री ऑपरेटरों को ट्रांसफर किए गए कैश के बदले शेल (shell) कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपये की एकोमोडेशन एंट्रीज़ यानी एक बड़ी राशि का छोटा हिस्सा मिला था.

केंद्रीय एजेंसी ने कहा था कि इन राशियों का उपयोग जमीन की सीधी खरीद या दिल्ली और उसके आसपास कृषि भूमि की खरीदने के लिए लिए गए ऋण की अदायगी के लिए किया गया था.

शकूर बस्ती से विधायक 57 वर्षीय जैन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह, शहरी विकास और जल मंत्री हैं.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने हैं और आम आदमी पार्टी (आप) इस साल की शुरुआत में पंजाब में अपनी शानदार जीत के बाद राज्य में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है.

आप का कहना है कि गिरफ्तारी आगामी हिमाचल प्रदेश चुनाव से जुड़ी है जैन की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि यह एक ‘फर्जी मामला’ है.

उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश में आगामी चुनावों से जोड़ा और लिखा, ‘सत्येंद्र जैन के खिलाफ 8 साल से एक फर्जी मामला चलाया जा रहा है. अब तक ईडी को कई बार बुलाया जा चुका है. बीच में ईडी ने कई सालों तक फोन करना बंद कर दिया क्योंकि उन्हें कुछ नहीं मिला. अब वे फिर से शुरू हो गए हैं क्योंकि सत्येंद्र जैन हिमाचल के चुनाव प्रभारी हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हिमाचल में भाजपा बुरी तरह से हार रही है. इसीलिए सत्येंद्र जैन को आज गिरफ़्तार किया गया है ताकि वो हिमाचल न जा सकें. वे कुछ दिनों में छूट जाएंगे क्योंकि केस बिलकुल फ़र्ज़ी है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)