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सांप्रदायिक तनाव: जम्मू कश्मीर में कहीं कर्फ्यू तो कहीं इंटरनेट सेवाएं बंद

जम्मू कश्मीर के डोडा ज़िले के भद्रवाह में भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. जम्मू कश्मीर में डोडा और किश्तवाड़ ज़िलों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जबकि कश्मीर के कुछ हिस्सों में बंद जैसी स्थिति रही. रामबन ज़िले सहित शेष चिनाब घाटी में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू/श्रीनगर: पैगंबर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी के बाद उत्पन्न तनाव के मद्देनजर जम्मू कश्मीर में डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जबकि कश्मीर के कुछ हिस्सों में बंद जैसी स्थिति रही. वहीं, भद्रवाह तथा किश्तवाड़ शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी.

मालूम हो कि पैगंबर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी के लिए भाजपा ने बीते पांच जून को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया और दिल्ली इकाई के प्रवक्ता नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया था. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणियों का कई देशों ने विरोध किया है.

इससे पहले कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में भाजपा नेता की विवादित टिप्पणियों को लेकर बीते पांच जून को भारतीय राजदूतों को तलब किया था. खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी.

अधिकारियों ने बताया कि शहर के संवेदनशील इलाकों और घाटी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

डाउनटाउन श्रीनगर में शुक्रवार को सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे. हालांकि, लाल चौक, बटमालू और आसपास के इलाकों में कार्यालय तथा स्कूल खुले होने के कारण सड़कों पर अन्य वाहन नजर आए.

अधिकारियों ने किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने के लिए कुछ क्षेत्रों में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. अधिकारियों के मुताबिक, घाटी में फिलहाल किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है.

केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद जितेंद्र सिंह ने बुजुर्गों और समुदाय के प्रमुखों से इस मुद्दे को सुलझाने तथा सद्भाव बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपील की.

अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषणबाजी से बृहस्पतिवार शाम भद्रवाह इलाके में तनाव फैल गया था.

भड़काऊ भाषणों के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और लोगों को आगाह किया है कि कानून अपने हाथ में न लें.

जम्मू क्षेत्र के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने कहा, ‘स्थिति अभी शांतिपूर्ण है. हालांकि, एहतियाती तौर पर डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है.’’

अधिकारियों के मुताबिक, अफवाह फैलने से रोकने के लिए भद्रवाह और किश्तवाड़ में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.

उन्होंने बताया कि इससे पहले सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर एहतियाती तौर पर भद्रवाह में बृहस्पतिवार रात कर्फ्यू लगा दिया गया था.

नूपुर शर्मा के खिलाफ भड़काऊ भाषण कथित तौर पर एक मस्जिद से दिया गया था. वहीं, एक अन्य घटना में किसी ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा किया था, जिससे तनाव और बढ़ गया. दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने आगाह किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘भड़काऊ भाषण मामले में कार्रवाई की गई है. भद्रवाह थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295ए और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है. कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.’

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह भद्रवाह में अप्रिय स्थिति से बेहद दुखी हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं दोनों समुदायों के बुजुर्गों और प्रमुखों से विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं कि वे पारंपरिक सद्भाव बनाए रखने के लिए एक साथ आएं, जिसके लिए खूबसूरत शहर भद्रवाह को हमेशा से जाना जाता है.’

सिंह ने कहा, ‘मैं लगातार डोडा के उपायुक्त (डीसी) विकास शर्मा और जम्मू के मंडलायुक्त (एसएसपी) रमेश कुमार के संपर्क में हूं. दोनों अभी भद्रवाह में मौजूद हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.’

इस बीच, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘उम्मीद करता हूं कि शांति कायम होगी. जम्मू कश्मीर में भद्रवाह और उसके आसपास फैले सांप्रदायिक तनाव के अलावा पहले से ही कई समस्याएं हैं. मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं. मैं अपने पार्टी सहयोगियों से स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने में मदद देने का आग्रह करता हूं.’

मालूम हो कि जम्मू कश्मीर में डोडा जिले के भद्रवाह में बृहस्पतिवार शाम को सांप्रदायिक तनाव फैलने के बाद एहतियातन कर्फ्यू लगा दिया गया और फ्लैग मार्च करने के लिए सेना बुलाई गई है. एक मस्जिद में दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के बाद इलाके में तनाव फैला. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

पुलिस ने कथित भड़काऊ भाषण को लेकर मामला दर्ज कर लिया है और लोगों को कानून हाथ में लेने के खिलाफ चेतावनी दी है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, भद्रवाह में बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों द्वारा एक विरोध रैली के दौरान कथित तौर पर एक विशेष समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद तनाव पैदा हो गया.

रैली का आयोजन भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक नेता सहित उन लोगों की गिरफ्तारी की मांग के लिए किया गया था, जिन्होंने कथित फेसबुक पोस्ट में निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद और उनकी पत्नी के खिलाफ टिप्पणी के लिए समर्थन दिया था.

भद्रवाह शहर के खाखल इलाके के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पैगंबर मोहम्मद और उनकी पत्नी की टिप्पणियों के साथ एक तस्वीर पोस्ट की थी. इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट भद्रवाह शहर में जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद बहुसंख्यक समुदाय के सदस्य सड़कों पर उतर आए और सोशल मीडिया पोस्ट करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग की. इसके बाद भद्रवाह में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने प्रदर्शन किया.

स्थिति को भांपते हुए प्रशासन ने पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात किया और कस्बे में कर्फ्यू लगा दिया.

हालांकि, भद्रवाह जामा मस्जिद के परिसर के अंदर अंजुमन-ए-इस्लामिया के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन जारी रहा, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अधिकारियों के पास आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए शनिवार सुबह तक का समय है.

किश्तवाड़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है.

एक अधिकारी ने बताया, ‘सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगा दिया गया है.’ उन्होंने कहा कि इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

अधिकारियों के अनुसार, भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कथित भड़काऊ भाषण दिया गया. भड़काऊ भाषण के कथित वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.

अधिकारी ने बताया, ‘(भड़काऊ भाषण पर) कार्रवाई की गई है. भद्रवाह थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए (किसी भी धर्म के अपमान के इरादे से उपासना स्थलों का अपमान करना) और 506 (आपराधिक धमकी के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया है.’

उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, भद्रवाह शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और रामबन जिले सहित शेष चिनाब घाटी में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

एहतियात के तौर पर किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों की चिनाब घाटी में सभी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और दोनों समुदायों के नेताओं के साथ बातचीत जारी है, ताकि गुस्सा शांत किया जा सके.

किश्तवाड़ के उपायुक्त अशोक शर्मा ने कहा कि भद्रवाह की घटनाओं के संभावित नतीजों को देखते हुए गुरुवार रात करीब 11 बजे कर्फ्यू लगा दिया गया.

डोडा के उपायुक्त विकास शर्मा ने कहा कि भद्रवाह में कर्फ्यू को छोड़कर, जिले के बाकी हिस्सों में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर चार या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है.

इससे पहले, पुलिस ने भद्रवाह में कैलाश कुंड के पास एक मंदिर में तोड़फोड़ की कथित घटना के लिए कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)