भारत

पैगंबर बयान विवाद​: हिंसा के सिलसिले में यूपी में 255 लोग गिरफ़्तार, रासुका के तहत होगी कार्रवाई

निलंबित भाजपा नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर के ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. बंगाल के हावड़ा में हिंसा के बाद धारा 144 लागू और इंटरनेट सेवाएं बाधित. रांची के पड़ोसी रामगढ़ ज़िले में भी धारा 144 लागू. महाराष्ट्र के औरंगाबाद में 100 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज. दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन के संबंध में एफ़आईआर दर्ज की.

इलाहाबाद में हिंसक प्रदर्शन के दौरान भीड़ को तितर-बितर करते आरएएफ के जवान. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: निलंबित भाजपा नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद के ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए उनकी गिरफ़्तारी की मांग पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीते 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 13 एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने 255 लोगों को गिरफ्तार किया है.

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने राजधानी लखनऊ में बयान जारी कर बताया, ‘इस संबंध में राज्य में 255 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें इलाहाबाद से 68, हाथरस से 50, सहारनपुर से 64, आंबेडकरनगर से 28, मुरादाबाद से 27, अलीगढ़ से तीन, जालौन से दो और फिरोजाबाद से 13 लोग शामिल हैं.’

कुमार ने शनिवार रात आठ बजे तक की कार्रवाई का ब्योरा देते हुए बताया कि इलाहाबाद और सहारनपुर में तीन-तीन एफआईआर दर्ज करने के अलावा फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, आंबेडकरनगर, खीरी और जालौन में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है.

पुलिस ने बताया कि सहारनपुर और इलाहाबाद में कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

इस बीच, हिंसा करने वालों को परोक्ष चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, ‘उपद्रवी याद रखें, हर शुक्रवार के बाद एक शनिवार ज़रूर आता है.’

कुमार ने अपने ट्वीट के साथ एक इमारत को ध्वस्त करते हुए एक बुलडोजर की तस्वीर भी ट्वीट की.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा, ‘विगत दिनों प्रदेश के विभिन्न शहरों में माहौल बिगाड़ने के लिए हुए अराजक प्रयासों में शामिल समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी. ऐसे असामाजिक लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है. यह ध्यान रखें कि किसी भी निर्दोष का उत्पीड़न न हो, लेकिन दोषी एक भी न बचे.’

निलंबित भाजपा नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी को लेकर उनकी गिरफ्तारी की मांग पर बीते 10 जून को देश भर के कई शहरों और कस्बों में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

झारखंड की राजधानी रांची में हिंसक प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भी विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था. श्रीनगर में बंद के अलावा दिल्ली और मध्य प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, बिहार और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे.

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और सहारनपुर समेत कई जिलों में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद लोगों ने नारेबाजी और पथराव किया था .

लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर और लखनऊ जिलों से नमाज के बाद नारेबाजी की सूचना मिली थी.

उन्होंने कहा कि सहारनपुर, मुरादाबाद और रामपुर में जुमे की नमाज के बाद लोगों ने सड़कों पर नारेबाजी की थी. पुलिस के मुताबिक लखनऊ के चौक इलाके में स्थित टीले वाली वाली मस्जिद के अंदर भी कुछ देर के लिए नारेबाजी हुई थी.

सहारनपुर से मिली सूचना के अनुसार नमाज के बाद कुछ लोगों ने हाथों मे तख्तियां लेकर नारेबाजी की थी. पुलिस ने बताया कि नेहरू बाजार इलाके में कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जबकि देवबंद में भी नमाज के बाद मदरसे के कुछ छात्रों ने पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी की थी.

इससे पहले बीते तीन जून को जुमे की नमाज के बाद कानपुर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क गई थी, क्योंकि दो समुदायों के सदस्यों ने एक टीवी बहस के दौरान भाजपा की तत्कालीन प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी किए जाने के विरोध में दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया था और इस दौरान ईंट-पत्थर फेंके गए थे.

पैगंबर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी के लिए भाजपा ने बीते पांच जून को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित और दिल्ली इकाई के प्रवक्ता नवीन जिंदल को निष्कासित कर दिया था. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणियों का कतर, ईरान और कुवैत समेत खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों ने विरोध किया है.

इस बीच बीते नौ जून को दिल्ली पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रवक्ताओं- नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी संत यति नरसिंहानंद समेत 31 लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर सार्वजनिक शांति भंग करने और लोगों को भड़काने वाले संदेश पोस्ट तथा साझा करने के लिए एफआईआर दर्ज की हैं.

बंगाल के हावड़ा में स्थिति शांतिपूर्ण, धारा 144 लागू और इंटरनेट सेवाएं बाधित

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में शनिवार सुबह स्थिति शांतिपूर्ण रही जहां शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे. इस बीच, हिंसा प्रभावित इलाकों समेत संपूर्ण जिले में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू रही और इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं.

बंगाल के हावड़ा में प्रदर्शन के दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. (फोटो: पीटीआई)

पैगंबर मोहम्मद के बारे में निलंबित भाजपा नेताओं द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को नमाज के बाद बंगाल के हावड़ा समेत देश के कई इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे.

अधिकारियों के मुताबिक, हावड़ा के उलुबेरिया, पंचला और जगतबल्लभपुर क्षेत्रों में तथा इसके अलावा इन क्षेत्रों के रेलवे स्टेशनों और राष्ट्रीय राजमार्ग के आस-पास पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, सभा करने अथवा कोई खतरनाक हथियार रखने या ऐसा कोई भी कार्य करना प्रतिबंधित है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग हो. ये प्रतिबंध 10-15 जून तक लागू रहेंगे.

संपूर्ण जिले में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित रहीं और ये सेवाएं 13 जून तक निलंबित रहेंगी.

पश्चिम बंगाल सरकार ने हावड़ा में हिंसा के बाद गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में मंगलवार तक इंटरनेट सेवाओं को रोकने का फैसला किया है.

प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क मार्ग और रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हिंसा के कारण कई स्थानीय और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई थीं.

इसके अलावा विरोध प्रदर्शनों के एक दिन बाद शनिवार को जिला पुलिस के अधिकारियों का तबादला कर दिया.

एक आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रवीण त्रिपाठी को हावड़ा शहर का नया पुलिस आयुक्त बनाया है. कोलकाता पुलिस की डीसीपी (दक्षिण पश्चिम) स्वाति भंगालिया को हावड़ा (ग्रामीण) का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.

आदेश के अनुसार, हावड़ा सिटी पुलिस आयुक्त सी. सुधाकर को कोलकाता पुलिस का संयुक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है, जबकि हावड़ा (ग्रामीण) की पुलिस अधीक्षक सौम्या रॉय को कोलकाता पुलिस का डीसीपी (साउथ वेस्ट) बनाया गया है.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘हावड़ा जिले में स्थिति शांतिपूर्ण है. शुक्रवार रात से विरोध प्रदर्शन या हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है. हमने संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.’

उन्होंने कहा कि हिंसा, विरोध प्रदर्शन या सड़कों को अवरुद्ध करने या सामान्य जनजीवन में बाधा डालने की किसी भी घटना से बहुत ही सख्ती से निपटा जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘हम किसी को भी जिले में अशांति पैदा करने की अनुमति नहीं देंगे. हम स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और जिले में शांति सुनिश्चित करेंगे.’

पुलिस अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर वाहनों की आवाजाही तथा ट्रेन सेवाएं सामान्य हैं, जबकि बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हुए हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम सभी एहतियाती कदम उठा रहे हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि हावड़ा जिले में हुई हिंसक घटनाओं के पीछे कुछ राजनीतिक दलों का हाथ है. उन्होंने राज्य में दंगे भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया.

उन्होंने टिप्पणी के संदर्भ में भाजपा के दो नेताओं पर कार्रवाई और इस मामले में शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि पार्टी द्वारा किए गए ‘पाप’ का खामियाज़ा आम लोगों को क्यों भुगतना चाहिए.

बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले कहा है पिछले दो दिनों में हावड़ा में हिंसक घटनाओं से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है. इसके पीछे कुछ राजनीतिक दल शामिल हैं, जो कि दंगा भड़काना चाहते हैं, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. भाजपा द्वारा किए गए पाप का खामियाजा आम लोगों को क्यों भुगतना चाहिए.’

रांची में हिंसा के बाद पड़ोसी रामगढ़ जिले में भी धारा-144 लागू

रांची: भाजपा के दो निलंबित प्रवक्ताओं की टिप्पणियों को लेकर झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर शानिवार को पड़ोसी रामगढ़ जिले में भी एहतियातन निषेधाज्ञा लागू कर दी गई.

रांची में शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की जान चली गई थी. (फोटो: पीटीआई)

रामगढ़ के अनुमंडलीय अधिकारी मोहम्मद जावेद हुसैन ने जिले में धारा 144 लागू कर निषेधाज्ञा का पालन कराने का आदेश जारी किया है. रामगढ़ जिला रांची से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

उपायुक्त माधवी मिश्रा ने जिले के सभी लोगों से शांति बनाए रखने और आ‍वश्यक न होने पर घरों से बाहर न निकलने की अपील की है.

मालूम हो कि रांची में शुक्रवार को हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 11 पुलिसकर्मियों सहित दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे.

महाराष्ट्र: औरंगाबाद में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

औरंगाबाद: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में भाजपा के निलंबित प्रवक्ताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी.

बेगमपुरा थाने के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) और मोटर वाहन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस के अनुसार कि जब संभागीय आयुक्त कार्यालय के पास एआईएमआईएम का विरोध प्रदर्शन चल रहा था, तब कम से कम 50-60 लोग मोटरसाइकिल पर आए और 100 से अधिक लोग पैदल वहां पहुंचे, जिससे दंगे जैसी स्थिति पैदा हो गई.

नासिक में पैगंबर के बारे में पोस्ट करने के विरोध में प्रदर्शन

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक शहर में शनिवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित रूप से अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया.

एक व्यक्ति द्वारा इंस्टाग्राम पर पैगंबर के बारे में कथित रूप से अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के कुछ घंटे बाद भद्रकाली पुलिस थाने के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.

पोस्ट के वायरल होते ही ओल्ड नासिक, वडालागांव और अन्य क्षेत्रों के मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में थाने के सामने जमा हो गए और इस कृत्य के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी.

पुलिस आयुक्त जयंत नायकनवरे सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया.

साइबर पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया.

दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन के संबंध में एफआईआर दर्ज की

नई दिल्ली: पैगंबर मोहम्मद पर दिए गए बयान को लेकर नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करते हुए राजधानी दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के बाहर शुक्रवार को किए गए प्रदर्शन के सिलसिले में पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी.

शुक्रवार की नमाज के बाद मस्जिद की सीढ़ियों पर भारी मात्रा में लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी और शर्मा तथा दिल्ली भाजपा के पूर्व मीडिया प्रमुख नवीन जिंदल के विरोध में तख्तियां प्रदर्शित की गई थीं. पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्वेता चौहान ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध शुक्रवार को एक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.

डीसीपी ने शुक्रवार को कहा था, ‘शुक्रवार की नमाज के लिए मस्जिद पर लगभग डेढ़ हजार लोग एकत्र हुए थे. नमाज पूरी होने के बाद कुछ लोग बाहर आए और तख्तियां प्रदर्शित करने लगे तथा नारे लगाने लगे. बाद में कुछ और लोग जुड़ गए और संख्या तीन सौ के करीब पहुंच गई.’

चौहान ने कहा था, ‘शुक्रवार की नमाज के दौरान जामा मस्जिद पर हमेशा पुलिस तैनात रहती है. प्रदर्शनकारियों को 10 से 15 मिनट के भीतर तितर-बितर कर दिया गया और स्थिति शांतिपूर्ण है. घटना के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हमने कुछ शरारती तत्वों की पहचान की है और हमारे दल अन्य की पहचान कर रहे हैं.’

जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने विरोध विरोध प्रदर्शन से किनारा कर लिया है. उन्होंने कहा, ‘किसी को नहीं पता कि प्रदर्शन करने वाले लोग कौन थे.’ उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)