भारत

यूपी: कथित जातिसूचक टिप्पणी कर दलित फूड डिलीवरी बॉय की पिटाई की गई, केस दर्ज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके का मामला. ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ज़ोमैटो के लिए काम करने वाले पीड़ित विनीत कुमार रावत ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति के यहां जब वे खाना पहुंचाने गए तो उसने दलित होने के कारण उनके हाथों से खाना लेने से इनकार कर दिया और उसके चेहरे पर तंबाकू थूक दिया. इसके बाद क़रीब 12 अन्य लोगों के साथ उन्हें लाठियों से पीटा गया.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में ऑनलाइन ऑर्डर पर खाद्य सामग्री पहुंचाने वाली एक कंपनी के डिलीवरी बॉय (खाना पहुंचाने वाले युवक) को एक व्यक्ति और उसके सहयोगियों द्वारा जातिसूचक शब्द कहने और उसकी पिटाई करने का मामला सामने आया है.

मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, युवक के दलित होने की वजह से उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया.

पीड़ित की ओर से दी गई तहरीर के हवाले से एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशियाना क्षेत्र के निवासी विनीत कुमार रावत एक कंपनी में खाना पहुंचाने का काम करते हैं. रावत ने पुलिस में शिकायत की कि शनिवार (18 जून) देर रात ‘सेक्टर-एच’ से अजय सिंह के नाम से ऑनलाइन खाने की मांग की गई थी.

आरोप है कि विनीत जब दिए गए पते पर खाना लेकर पहुंचे तो घर से एक व्यक्ति बाहर आया और उसने नाम पूछा और फिर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पिटाई की. पुलिस ने बताया कि इस मामले में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ‘जोमैटो’ के लिए काम करने वाले पीड़ित विनीत कुमार रावत ने आरोप लगाया कि एक घर के मालिक ने दलित होने के कारण उनके हाथों से खाना लेने से इनकार कर दिया और उसके चेहरे पर तंबाकू थूक दिया.

आशियाना पुलिस के मुताबिक, इस मामले में विनीत की तहरीर पर अजय सिंह और अभय सिंह के अलावा 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, अजय सिंह एक कारोबारी हैं, जो पेट्रोल पंप चलाता है. इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

एडीसीपी, पूर्व (लखनऊ), एसएम कासिम आबिदी ने कहा, ‘हम मामले में सबूत इकट्ठा करने के लिए घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र कर रहे हैं. मामले की जांच जारी है.’

उन्होंने कहा कि कथित घटना के समय अजय का परिवार घर में मौजूद था.

पुलिस के मुताबिक, कुमार ने आरोप लगाया कि 18 जून को वह आशियाना कॉलोनी के ‘सेक्टर-एच’ में खाने का ऑर्डर देने गए थे. जब वे घर पहुंचे, तो ग्राहक ने दरवाजा खोला और उनसे उनका नाम पूछा.

कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने ग्राहक को अपना नाम बताया तो उस व्यक्ति ने जातिसूचक टिप्पणी कर गाली गलौज की और हाथ से खाना लेने से इनकार कर दिया.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘कुमार ने आरोप लगाया कि इस पर जब उन्होंने उस व्यक्ति से ऑर्डर रद्द करने के लिए कहा तो वह नाराज हो गए और उनके चेहरे पर तंबाकू थूक दिया.’

पुलिस के मुताबिक, कुमार ने आरोप लगाया कि करीब 12 अन्य लोगों ने घर से बाहर आकर उसे लाठियों से पीटा. कुमार ने कहा कि वह अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से भाग निकले और पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया. उन्होंने कहा कि वह एक पुलिस टीम के साथ लौटे और तब अपना वाहन वापस लिया.

पुलिस ने कहा कि कुमार की मेडिकल जांच से पता चला है कि उन्हें चोटें आई हैं.

आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (दंगा), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान) के साथ-साथ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

लखनऊ के पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने सोमवार को बताया कि मामले की जांच की जा रही है और इसमें उचित कार्रवाई होगी.

इस बीच समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे रिट्वीट किया, जिसमें कहा गया है, ‘दशकों बाद फिर से भाजपा सरकार में दलितों के साथ जातिवाद और दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ गई हैं. मुख्यमंत्री योगी जी के स्वजातीय मनबढों ने एक दलित फूड डिलिवरी बॉय के साथ न सिर्फ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उसके आत्मसम्मान और नागरिक अधिकार के साथ खिलवाड़ किया और उसके मुंह पर थूका!’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार की नाक के नीचे लखनऊ में एक फूड डिलीवरी बॉय को जातिगत कारणों से अपमानित व उत्पीड़ित करने का मामला बेहद गंभीर है. हर नागरिक के मान-सम्मान और गरिमा को सुनिश्चित करना सरकारों का दायित्व होता है. ऐसे दबंगों के खिलाफ बुलडोजर की चौपहिया कार्रवाई कब होगी?’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)