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उदयपुर हत्याकांड के अभियुक्त के साथ संबंध के आरोप पर रुख़ स्पष्ट करे भाजपा: मुख्यमंत्री गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया कि उदयपुर हत्याकांड के एक आरोपी के उसके मकान मालिक से हुए विवाद की शिकायत के संबंध में भाजपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई से पहले ही थाने में फोन कर दिया था कि वह (आरोपी) उनका कार्यकर्ता है, इसलिए उसे तंग न किया जाए.

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या के अभियुक्त के उनकी पार्टी के साथ संबंध होने के आरोपों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

गहलोत ने इस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त के भाजपा नेताओं के साथ कथित संबंधों की मीडिया रिपोर्ट की ओर इशारा करते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त के किनसे संबंध हैं.. उसके भाजपा के साथ किस रूप में और किस स्तर के संबंध रहे हैं, सबको यह मालूम है.’

गहलोत ने जयपुर में विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के संवाददाता सम्मेलन के दौरान उदयपुर की घटना से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए उक्त बात कही.

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि हाल में खबर आई कि इस कांड का मुख्य अभियुक्त जिस किराये के कमरे में रहता था, उसके मकान मालिक ने पुलिस में शिकायत की थी कि वह (आरोपी) उसे तंग करता है.

गहलोत ने कहा कि मकान मालिक ने शिकायत की थी कि ‘पता नहीं कौन-कौन लोग मेरे (मकान मालिक के) घर पर आते हैं… धमकाते हैं और वे किराया नहीं दे रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से पहले ही भाजपा नेताओं ने थाने में फोन कर दिया कि वह (आरोपी) उनका कार्यकर्ता है, इसलिए उसे तंग न किया जाए.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जब उनसे मीडिया द्वारा पूछा गया कि उनकी कांग्रेस सरकार के अंतर्गत आने वाली राजस्थान पुलिस विपक्षी भाजपा की बात कैसे मान रही थी, तो गहलोत ने कहा, ‘मैंने आपको घटना बताई है कि फोन गया वहां पे. ज़रूरी नहीं कि उनकी बात मानी गई हो. जो ख़बरें मेरे पास आ रही हैं, मैंने बस वो साझा की हैं.’

गहलोत ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि भाजपा नेताओं को इन आरोपों पर अपना जवाब देना चाहिए और स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘… जिस व्यक्ति ने इतना जघन्य अपराध किया है, वह किन लोगों की गोद में बैठा हुआ था… उसके किन लोगों के साथ संबंध थे, यह बात जगजाहिर हो चुकी है.’

इन आरोपों को लेकर इंडियन एक्सप्रेस द्वारा संपर्क करने पर भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री को ‘बेबुनियाद’ आरोप नहीं लगाने चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘अगर मुख्यमंत्री के पास इस तरह के सबूत हैं कि आरोपी भाजपा के किसी नेता से जुड़े हैं तो वे चुप क्यों बैठे हैं? उनके पास एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी हैं. इस तरह के बेबुनियाद बयान मामले की गंभीरता को कम करते हैं.’

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट को लेकर उदयपुर में 28 जून को कन्हैयालाल की उसकी दुकान में दो लोगों ने निर्मम हत्या कर दी थी. आरोपी रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद को घटना के कुछ घंटों बाद पकड़ लिया गया था.

इस मामले में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और वर्तमान में सभी सातों आरोपी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में हैं.

घटना के कुछ दिन बाद राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद्र कटारिया और रवींद्र श्रीमाली के साथ कन्हैया लाल की हत्या के दो आरोपियों में से एक रियाज़ अटारी की तस्वीरें सामने आई थीं. साथ ही बताया गया था कि कथित तौर पर रियाज़ को लेकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के दो नेताओं ने पोस्ट भी लिखे थे.

उस समय कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि रियाज भाजपा का सदस्य है. पार्टी ने सवाल भी उठाया था कि क्या एक आरोपी के ‘भाजपा सदस्य’ होने के कारण ही केंद्र ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपने का फैसला किया था.

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने भाजपा नेताओं की कथित सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी कुछ तस्वीरें साझा करते हुए कहा था, ‘भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के दो नेताओं ने फेसबुक पोस्ट में कहा है कि उदयपुर की घटना का एक आरोपी रियाजी अटारी भाजपा का कार्यकर्ता है. रियाज अटारी भाजपा के नेता गुलाब चंद्र कटारिया के कार्यक्रमों में लगातार शामिल होता आया है. उदयपुर के स्थानीय नेता अपने फेसबुक पोस्ट में उसे ‘हमारे कार्यकर्ता रियाज भाई’ कहकर संबोधित करते हैं.’

खेड़ा ने यह भी कहना था, ‘हम समझ सकते हैं कि फेसबुक पर साझा की गईं तस्वीरें सामाजिक कार्यक्रमों की भी हो सकती हैं. लेकिन यह फेसबुक पोस्ट स्पष्ट कर रहा है कि कन्हैया लाल का हत्यारा रियाज अटारी भाजपा का सक्रिय सदस्य है.’

भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय समेत पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा और कुछ अन्य नेताओं ने इन आरोपों का खंडन किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)