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गोरखपुरः दलित महिला से बलात्कार की कोशिश, पुलिस पर केस दर्ज न करने का आरोप

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर शहर के गोरखनाथ क्षेत्र का मामला. महिला ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत के बाद भी क़रीब दो महीने हो गए लेकिन आरोपी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज नहीं किया गया, जबकि आरोपी की शिकायत पर पैसे न चुकाने को लेकर उन पर केस दर्ज कर दिया गया है. पुलिस ने कहा कि महिला की शिकायत की जांच चल रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में एक दलित महिला से बलात्कार की कोशिश का मामला सामने आया है. आरोप है कि महिला के साथ मारपीट करने के अलावा उन्हें जातिसूचक गालियां भी दी गईं.

महिला का कहना है कि इस संबंध में थाने में कई बार शिकायत देने के बावजूद भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली दलित महिला के अनुसार, वह शहर के गोरखनाथ स्थित राजेंद्र नगर में किराये के मकान में रहती हैं और लगभग 3-4 महीने से इसी इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में सिलाई का काम का काम कर रही थीं.

महिला ने बताया, ‘15 जून 2022 को फैक्ट्री मालिक ने मेरा हाथ पकड़ने की कोशिश की थी, जिसके कारण में अगले दिन (16 जून) मैं फैक्ट्री नहीं गई. दोपहर में फैक्ट्री में साथ काम करने वाली एक महिला का फोन आया कि मालिक का जन्मदिन है, फैक्ट्री आ जाओ. उसने हमसे बहुत निवेदन किया, जिसके बाद मैं वहां चली गई.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं लगभग तीन बजे फैक्ट्री पहुंच गई, वहां मैंने देखा कोई जन्मदिन नहीं था. सब काम कर रहे थे. थोड़ी देर बाद मालिक ने बारी-बारी से सबकी छुट्टी कर दी और मुझसे कहां तुम्हारा हिसाब है, कर देता हूं. अब से काम पर मत आना.’

महिला ने आरोप लगाया, ‘उसके बाद वह अपने केबिन में चले गए. थोड़ी देर बाद उन्होंने अंदर आने को कहा. जब मैं अंदर गई तो सोफे पर बैठ दिया और कुछ देर बाद दरवाजा बंद करके मुझे पीछे से पकड़ने लगे. जबरदस्ती खींचने लगे और कपड़े भी उतार दिए.’

महिला ने कहा, ‘इसके बाद मैं भागने की कोशिश करने लगी तो उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी कुछ कहा तो तुम्हें मरवा देंगे. उसके बाद मेरे साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्द कहते हुए कहा कि तुम्हारा सारा घमंड चूर-चूर कर देंगे.’

उन्होंने बताया कि इसके बाद वह किसी तरह भागकर घर पहुंची और घरवालों को सारी बात बता दी.

आरोप है कि फैक्ट्री मालिक का उनके पास फोन आया और उन्होंने धमकाने हुए कहा कि अगर पुलिस में शिकायत की तो गोरखपुर में नहीं रहने देंगे. साथ ही उन्होंने महिला के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत करने की बात कही.

महिला के अनुसार, ‘मैंने गोरखनाथ थाने में जाकर शिकायत दी. उसके बाद वह सुलह करने के लिए दबाव बनाने लगे. धमकी दिए थे कि अगर सुलह नहीं की तो मरवा देंगे, जिसके बाद मेरा घर से बाहर निकलना भी बहुत मुश्किल हो गया हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने गोरखनाथ थाने में 3-4 लिखित शिकायत दी, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. क्राइम ब्रांच में भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कुछ नहीं हुआ.’

उनका आरोप है कि फैक्ट्री मालिक के पिता जज थे, इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं होने दे रहे हैं. फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई करने की जगह पुलिस ने उनके कहने पर मेरे ऊपर ही एडवांस पैसे नहीं चुकाने का बीते 22 जुलाई को केस दर्ज कर दिया है.

इस मामले को लेकर जब फैक्ट्री मालिक से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा, ‘मैंने उनको नौकरी से निकाल दिया हैं, इसलिए वह मुझ पर इस प्रकार के आरोप लगा रही हैं. उन्होंने मुझसे 9 हजार रुपये भी उधार ले रखे हैं, जिसकी मैंने एफआईआर भी दर्ज कराई है.’

इस संबंध में फोन पर गोरखनाथ थाना इंचार्ज से बात की तो उन्होंने कहा, ‘अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. मामले की जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही हैं, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अभी हम पीड़िता के किसी भी आरोप का जवाब नहीं दे सकते.’

वहीं, गोरखपुर थाने के सर्किल ऑफिसर रत्नेश सिंह ने कहा, ‘हम इस मामले के बारे में थाने से जानकारी लेने के बाद ही आपको कुछ बता पाएंगे.’

गोरखपुर पुलिस ने इस संबंध में अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से कहा है कि मामले में जांच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु पुलिस अधीक्षक अपराध को प्रेषित किया गया है.

(मोहम्मद अली स्वतंत्र पत्रकार हैं.)