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मध्य प्रदेश: चोरी के संदेह में दलित युवक को बेरहमी से पीटा, कपड़े उतरवाए

आरोप है कि 3 अगस्त को खरगोन ज़िले के बलकवाड़ा थानाक्षेत्र के निमरानी में एक फैक्ट्री परिसर में 24 साल के एक दलित शख़्स को पीटा गया. परिजनों का कहना है कि धर्म जानने के लिए पीड़ित के कपड़े भी उतरवाए गए. मामले में चार लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज हुआ है और एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रवर्ती/द वायर)

खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 24 वर्षीय एक दलित युवक की बेरहमी से पिटाई करने के मामले में चार नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और एक पुलिस उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है.

यह घटना तीन अगस्त को बलकवाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के निमरानी स्थित औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री परिसर में हुई. परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने पीड़ित के कपड़े भी उतरवाए.

खरगोन के पुलिस अधीक्षक धर्म वीर सिंह यादव ने यहां संवाददाताओं को बताया कि दलित युवक की चोरी की आशंका को लेकर बुरी तरह पिटाई होने का वीडियो वायरल होने के बाद उसके भाई की शिकायत पर नर्मदा फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री के प्रबंधक रामनिवास चौधरी समेत चार नामजदों सहित अन्य लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत मारपीट के लिए भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं. पिटाई करने वालों में इस फैक्ट्री के कर्मचारी शामिल थे जो उसे अच्छी तरह से जानते थे.

यादव ने बताया कि घटना को लेकर लापरवाही बरतने के चलते बलकवाड़ा थाना क्षेत्र की खलटाका चौकी के प्रभारी (उपनिरीक्षक) राजेन्द्र बघेल को निलंबित कर दिया गया है और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) मंडलेश्वर को जांच के निर्देश दिए हैं.

उन्होंने कहा कि जब दलित युवक को घायल अवस्था में पुलिस चौकी खलटाका लाया गया था तब चौकी प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की. घटना का संज्ञान न लेते हुए एकतरफा कार्रवाई कर दी.

वहीं, खरगोन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह पवार ने बताया कि युवक बाजा बजाने का काम करता है और उसे तीन अगस्त को नर्मदा फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री परिसर में देखा गया था. फैक्ट्री प्रबंधक की शिकायत पर अनाधिकृत प्रवेश और चोरी को लेकर उसके विरुद्ध मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था.

उन्होंने कहा कि शनिवार को वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि फैक्ट्री कर्मचारियों द्वारा उसकी बुरी तरह पिटाई की गई.

पवार ने बताया कि न्यायिक हिरासत में आदित्य का उपचार हुआ है और अब वह बेहतर है.

इसी बीच, दलित युवक की मां ने कहा कि वह उस दिन खलघाट ढोल बजाने गया था और नशे में फैक्ट्री के पास नाले में गिर गया था. फैक्ट्री प्रबंधक और कर्मचारियों ने उस पर चोरी का आरोप लगाकर जमकर पिटाई की और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

उनका आरोप है कि चोरी के शक में मारपीट के दौरान आरोपियों ने धर्म जानने के लिए उसके बेटे का अंडरवियर भी उतारा. हालांकि, पुलिस अधीक्षक सिंह ने इस आरोप का खंडन किया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, खरगोन के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने पीड़ित की मां के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनके बेटे को पीटा गया था क्योंकि आरोपियों को संदेह था कि वह मुस्लिम है.

एसपी ने कहा, ‘उनका दावा झूठा है और मनगढ़ंत लगता है. आरोपी व्यक्ति और पीड़ित एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)