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तमिलनाडु: पेरियार के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने के लिए हिंदू संगठन के पदाधिकारी गिरफ़्तार

हिंदुत्ववादी संगठन हिंदू मुन्नणि के पदाधिकारी और तमिल सिनेमा में स्टंट कोरियोग्राफर कनल कन्नन ने दलितों-शोषितों के नेता पेरियार ईवी रामासामी के ख़िलाफ़ विवादास्पद टिप्पणी की थी. उन्हें 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

हिंदू मुन्नणि संगठन के पदाधिकारी कनल कन्नन. (फोटो साभार: फेसबुक)

चेन्नई: हिंदू मुन्नणि संगठन के पदाधिकारी कनल कन्नन को दलितों-शोषितों के नेता पेरियार ईवी रामासामी के खिलाफ उनकी हालिया टिप्पणी के लिए सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि एक द्रविड़ संगठन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है.

तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन हिंदू मुन्नणि ने स्वतंत्रता दिवस पर कन्नन की गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है. संगठन ने अपने ट्विटर हैंडल पर 16 अगस्त को कन्नन की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुन्नणि की कला और संस्कृति शाखा के सचिव कन्नन को पड़ोसी पुडुचेरी से गिरफ्तार कर यहां लाया गया.

उन्होंने बताया कि उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. स्टंट कोरियोग्राफर कन्नन तमिल सिनेमा की दुनिया में एक लोकप्रिय शख्सियत हैं.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें लोगों के बीच वैमनस्य और नफरत को बढ़ावा देना भी शामिल है.

हाल ही में यहां हिंदू मुन्नणि द्वारा आयोजित एक जनसभा में कन्नन ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

उनके बारे में उनकी टिप्पणी की क्लिपिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और थानथाई पेरियार द्रविड़ कषगम के एक पदाधिकारी ने कन्नन के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी.

साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. कन्नन की अग्रिम जमानत की अर्जी यहां की एक अदालत ने खारिज कर दी.

द न्यूज़ मिनट के मुताबिक, कनल कन्नन चेन्नई के मदुरावॉयल में एक सभा में पेरियार के बारे में विवादास्पद टिप्पणी की थी. वह हिंदू मुन्नानी द्वारा हिंदुओं के अधिकारों को पुन: प्राप्त करने के लिए आयोजित एक अभियान के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे.

कन्नन ने अपने भाषण में पेरियार की एक मूर्ति का उल्लेख करते हुए कहा था, ‘श्री रंगनाथर मंदिर के सामने किसी ऐसे व्यक्ति की मूर्ति है, जिसने भगवान के अस्तित्व को नकार दिया है, जिसके दर्शन के लिए हर दिन लाखों भक्त आते हैं. जिस दिन मूर्ति तोड़ी जाएगी, उसी दिन हिंदू फिर उठ खड़े होंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)