भारत

जम्मू कश्मीर: आतंकियों द्वारा एक कश्मीरी पंडित की गोली मारकर हत्या, एक अन्य घायल

शोपियां ज़िले में आतंकवादियों ने दो कश्मीरी पंडित भाइयों पर हमला किया, जिसमें एक की मौत हो गई और एक घायल हैं. वहीं, स्वतंत्रता दिवस की कड़ी सुरक्षा के बावजूद कश्मीर में रविवार और सोमवार को चार हमले हुए, जिनमें दो पुलिसकर्मी मारे गए और दो अन्य लोग घायल हो गए.

कश्मीरी पंडित भाइयों पर हमले के बाद उनके घर के बाहर जमा भीड़. (फोटो: एएनआई)

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों ने मंगलवार (16 अगस्त) को दो कश्मीरी पंडित भाइयों पर हमला कर दिया, जिसमें एक भाई की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान सुनील कुमार के तौर पर हुई है. वहीं, पिंटू कुमार हमले में घायल हो गए.

कश्मीर ज़ोन पुलिस ने ट्वीट के माध्यम से कहा, ‘शोपियां जिले के चोटीपुरा में सेब के एक बाग में आतंकवादियों ने नागरिकों पर हमला किया. उनकी गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया. घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इलाके की घेराबंदी की गई है. विस्तृत जानकारी जल्द मुहैया कराई जाएगी.’

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल समेत कई नेताओं ने घटना की निंदा की है.

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के कार्यालय की ओर से ट्वीट किया गया, ‘शोपियां जिले में नागरिकों पर किए गए घिनौने हमले की खबर से बेहद दुखी हूं. सुनील कुमार के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं है. घायल के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. इस हमले की सभी को कड़ी निंदा करनी चाहिए. इस बर्बर हमले में शामिल आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा.’

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘दक्षिण कश्मीर से आज बेहद दुखद खबर मिल रही है. एक हादसे और एक आतंकवादी हमले में कई लोग हताहत हुए हैं. मैं शोपियां जिले में आतंकवादी हमले की निंदा करता हूं, जिसमें सुनील कुमार की मौत हो गई और पिंटू कुमार घायल हो गए. परिवार के साथ मेरी संवेदनाए हैं.’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, ‘शोपियां में अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं, जिसमें सुनील कुमार की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता. हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए.’

पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने हमले की निंदा करते हुए इसे हिंसा का जघन्य कृत्य करार दिया और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में पिछले एक हफ्ते में आतंकवादियों ने हमले बढ़ा दिए हैं. नौहट्टा में रविवार को एक पुलिसकर्मी और पिछले हफ्ते बांदीपुरा में एक प्रवासी मजदूर की हत्या कर दी गई थी. बडगाम और श्रीनगर जिले में सोमवार को दो ग्रेनेड हमले किए गए थे.

जम्मू कश्मीर में हमलों का दौर जारी

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, 24 घंटों से कम समय में कश्मीर में पलायन न करने वाले पंडितों पर यह दूसरा हमला है.

सोमवार को स्वतंत्रता दिवस वाले दिन बडगाम में एक घर पर ग्रेनेड फेंक दिया गया था, जिसमें करन कुमार सिंह नामक एक व्यक्ति घायल हो गया था. सिंह श्रीनगर अस्पताल में इलाजरत हैं.

उसी दिन, एक अलग हमले में श्रीनगर के बटमालू इलाके में पुलिस कंट्रोल रूम पर ग्रेनेड फेंक दिया गया था.

दोनों हमले श्रीनगर के नौहट्टा में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ के एक दिन बाद हुए. इनमें एक पुलिस आरक्षक सरफराज अहमद की मौत हो गई. वहीं, एक लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी भी घायल हुआ.

कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस की कड़ी सुरक्षा के बावजूद भी कश्मीर में रविवार और सोमवार को हुए चार हमलों में दो पुलिसकर्मी मारे गए और दो अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें एक नागरिक भी शामिल है.

जांचकर्ताओं का कहना है कि उनके पास कुछ सुराग हैं. एक पुलिस अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया है कि इन हमलों के पीछे जो भी लोग हैं, वे जल्द ही पकड़े जाएंगे.

वहीं, बीते गुरुवार (11 अगस्त) को बांदीपुरा जिले में आतंकवादियों ने बिहार के एक प्रवासी मजदूर मोहम्मद अमरेज की गोली मारकर हत्या की थी.

अमरेज चौथे प्रवासी थे, जिनकी इस साल कश्मीर में लक्षित हत्या की गई है. इस साल आतंकवादियों द्वारा अब तक 14 आम नागरिकों और छह सुरक्षाबलों की लक्षित हत्या की गई है.

जनवरी में एक पुलिसकर्मी की अनंतनाग में लक्षित हत्या की गई थी. फरवरी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई.

वहीं, मार्च में सबसे अधिक सात ऐसी हत्याएं हुई जिनमें पांच आम लोग और एक सीआरपीएफ का जवान शामिल है जो छुट्टी पर शोपियां आया था जबकि विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) की बडगाम में हत्या कर दी गई थी. इस हमले में एसपीओ के भाई की भी मौत हो गई थी.

अप्रैल महीने में एक सरपंच सहित दो गैर-सैनिकों की हत्या की गई थी. वहीं, मई महीने में आतंकवादियों ने पांच लोगों की लक्षित हत्या की जिनमें दो पुलिसकर्मी और तीन आम नागरिक थे.

मई में आतंकवादियों द्वारा गए मारे गए आम नागरिकों में कश्मीरी पंडितों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज के तहत भर्ती सरकारी कर्मचारी राहुल भट, टीवी एंकर अमरीन भट और शिक्षिका रजनी बाला शामिल थीं.

जून महीने में एक प्रवासी बैंक प्रबंधक और एक प्रवासी मजदूर की आतंकवादियों ने हत्या कर दी, जबकि एक पुलिस उपनिरीक्षक भी आतंकवादियों के हमले में मारे गए.

अगस्त महीने में भी आतंकवादियों द्वारा अब तक दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या की जा चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)