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ऋतिक रोशन के ज़ोमैटो विज्ञापन पर विवाद, महाकाल मंदिर के पुजारियों ने वापस लेने की मांग की

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर स्थित महाकाल मंदिर के पुजारियों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ज़ौमैटो के इस विज्ञापन वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाता है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि विज्ञापन में ‘महाकाल’ शब्द का इस्तेमाल उज्जैन स्थित प्रसिद्ध मंदिर के संदर्भ में नहीं, बल्कि इसी नाम के रेस्टोरेंट के लिए किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के दो पुजारियों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ‘जोमैटो’ के बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के विज्ञापन को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाता है.

विज्ञापन में रोशन कहते हैं, ‘थाली (Food Platter) का मन किया, उज्जैन में हैं, तो ‘महाकाल’ से मंगा लिया.’ विज्ञापन की टैगलाइन ‘मन किया, जोमैटो किया’ है.

उज्जैन में भगवान शिव का महाकालेश्वर (महाकाल) मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां देश भर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं.

मंदिर के पुजारी महेश और आशीष ने कहा कि जोमैटो को तुरंत यह विज्ञापन वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि यहां भक्तों को एक थाली में ‘प्रसाद’ परोसा जाता है और यह विज्ञापन हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है.

पुजारियों ने कहा कि उन्होंने उज्जैन के जिलाधिकारी आशीष सिंह से भी संपर्क किया और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि कोई भी फिर से हिंदू धर्म का मजाक न उड़ाए.

जिलाधिकारी, महाकाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं.

पत्रकारों से बात करते हुए जिलाधिकारी  सिंह ने विज्ञापन को भ्रामक करार देते हुए कहा कि मंदिर ‘प्रसाद’ के रूप में मुफ्त भोजन थाली प्रदान करता है और इसे बेचा नहीं जाता है.

इस विवाद के तुरंत बाद ट्विटर पर ‘बॉयकॉट जोमैटो’ और ‘रितिक रोशन माफी मांग’ ट्रेंड करने लगा. एक यूजर ने लिखा, ‘धर्म-निरपेक्ष भारत में हिंदू धर्म से संबंधित इस तरह का विज्ञापन करते समय जोमैटों को पहले सोचना चाहिए.’

एक अन्य ने कहा, ‘जोमैटो जो मांसाहारी भोजन भी परोसता है, हिंदुओं के पवित्र महाकाल मंदिर की प्रसाद थाली को आधार बनाकर अपना व्यवसाय चलाना चाहता है. अब तो मेरे हिंदू बहादुर भाइयों को जगाओ और जोमैटो और ऋतिक रोशन को उनकी सही जगह दिखाओ.’

एक यूजर ने लिखा, बहुत हो गया, ‘जोमैटो के ऐप को अनइंस्टॉल कीजिए. वे स्वतंत्र रूप से भारत के संविधान द्वारा दी गई स्वतंत्रता का उपयोग कर रहे हैं और हिंदू भावनाओं को निशाना बना रहे हैं. वे ऐसा करने में सक्षम हैं, क्योंकि उनके पास बाहरी भारत विरोधी एजेंसियों द्वारा प्रदान किया गया पैसा है.’

जोमैटो का स्पष्टीकरण

एक ट्वीट के जवाब में जोमैटो ने स्पष्ट किया कि विज्ञापन उज्जैन के महाकाल रेस्तरां में मिलने वाली थाली के संदर्भ दिया गया है, यह श्रद्धेय श्री महाकालेश्वर मंदिर के बारे में नहीं है.

कंपनी द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, ‘महाकाल रेस्तरां उज्जैन में हमारे उच्च ऑर्डर दर वाले रेस्तरां में से एक है और संबंधित ‘थाली’ इस रेस्तरां के मेनू में शामिल व्यंजनों पर को लेकर है, श्रद्धेय श्री महाकालेश्वर मंदिर पर नहीं.’

आगे कहा गया, ‘वीडियो ऐड एक अखिल भारतीय अभियान का हिस्सा है, जिसके लिए हमने प्रत्येक शहर में लोकप्रियता के हिसाब से शीर्ष रेस्तरां और उनके शीर्ष व्यंजनों की पहचान की है.’

जोमैटो ने आगे कहा, ‘हम उज्जैन के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और विवाद पैदा करने वाला विज्ञापन अब नहीं चल रहा है. हम माफी मांगते हैं, क्योंकि यहां किसी की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)