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दिल्ली: जल बोर्ड अधिकारी ने भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

यमुना किनारे एक छठ स्थल पर पहुंचे पश्चिमी दिल्ली के भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए आरोप लगाया था कि वे नदी में ज़हरीले रसायनों का छिड़काव कर रहे हैं. अब अधिकारी ने वर्मा के साथ भाजपा नेता तजिंदर बग्गा के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज करवाई है.

भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी पर चिल्लाते हुए. (फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के एक अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा और पार्टी नेता तजिंदर सिंह बग्गा के खिलाफ कालिंदी कुंज में यमुना पर एक ‘एंटी-फोमिंग’ पदार्थ के इस्तेमाल की निगरानी के दौरान कथित तौर पर धमकाने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज की है.

डीजेबी के उपचार गुणवत्ता नियंत्रण निदेशक संजय शर्मा ने शुक्रवार को कालिंदी कुंज थाने में शिकायत दर्ज कराई.

शर्मा की शिकायत के अनुसार, वर्मा ने ‘बहुत अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और मेरे साथ दुर्व्यवहार किया. वह यह झूठा प्रचार भी कर रहे हैं कि मैं डीजेबी के अधिकारियों के साथ मिलकर यमुना नदी के पानी में जहर घोल रहा हूं.’

शिकायत में कहा गया है कि ‘एंटी-फोमिंग’ पदार्थ के इस प्रक्रिया स्प्रे को डीजेबी द्वारा विधिवत अनुमोदित किया गया है और केंद्रीय जल मंत्रालय के तहत स्वच्छ गंगा पर राष्ट्रीय मिशन द्वारा भी इसकी सिफारिश की गई है.

शर्मा ने दावा किया कि वर्मा ने बग्गा और अपने कुछ सहयोगियों के साथ उन्हें उनकी ड्यूटी करने से रोका और धमकी दी.

एनडीटीवी के मुताबिक, उन्होंने पुलिस से मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘श्री वर्मा का यह कृत्य मेरे जैसे ईमानदार सरकारी कर्मचारी पर हमला है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.इसने मुझे और मेरे सभी सहयोगियों को हतोत्साहित कर दिया है और डरा दिया है.’

सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर साझा किए गए एक वीडियो में, सांसद वर्मा को ओखला बैराज के नीचे भोला घाट पर एक छठ पूजा स्थल की यात्रा के दौरान डीजेबी अधिकारी पर चिल्लाते हुए देखा गया था. वर्मा कथित तौर पर अधिकारी से पूछते हैं कि क्या उन पर झाग-रोधी रसायन डाला गया है.

बाद में, आप विधायक और पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने घटना का एक वीडियो भी ट्वीट किया.

इससे पहले, वहीं, सांसद वर्मा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी थी और आरोप लगाया था कि ‘आप’ प्रमुख का गाजीपुर ढलाव घर का दौरा नदी में प्रदूषण के मुद्दे से ध्यान हटाने की एक चाल है.

वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी दिल्ली सरकार पर छठ पूजा से पहले यमुना से झाग हटाने के लिए उसमें जहरीले रसायन का छिड़काव करने का आरोप लगाया था.

तिवारी ने कहा था कि सरकार नदी में जहरीले रसायन का छिड़काव करके यमुना को साफ करने में अपनी विफलता को छिपाने की कोशिश कर रही है.

जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा था, ‘भाजपा नेताओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में कुछ सीखना चाहिए. डीजेबी की ‘एंटी-फोमिंग’ रासायनिक तकनीक की सिफारिश केंद्र सरकार के एनएमसीजी (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन) ने भी की है.’

वहीं, भाजपा के आरोपों के बीच डीजेबी अधिकारी संजय शर्मा ने रविवार (30 अक्टूबर) को यमुना में स्नान किया, जिस पर भारद्वाज ने ट्वीट करते हुए कहा कि यमुना का पानी सुरक्षित है. उन्होंने सांसद वर्मा को भी स्नान करने के लिए कहा.

गौरतलब है कि पिछले साल ऐसी वीडियो और तस्वीरें सामने आई थी जिनमें दिख रहा था कि छठ के दौरान श्रद्धालु झाग से भरी यमुना में पूजा कर रहे थे. इसके बाद ‘आप’ और भाजपा के बीच राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई थी. फिर दिल्ली सरकार ने झाग को दूर करने के लिए बांस की जाली लगाने और पानी के छिड़काव जैसे उपाय किए.

केंद्र ने इस महीने की शुरुआत में एनएमसीजी, ऊपरी यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी), उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), दिल्ली सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति का गठन किया था. इसका काम छठ पूजा के दौरान यमुना में ओखला बैराज के बाद झाग को नियंत्रित और न्यूनतम करने के लिए समन्वित प्रयास करना है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)