नई दिल्ली: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महिला से बलात्कार करने और उसकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देते हुए उसे तीन महीने के भीतर पीड़िता से शादी करने का निर्देश दिया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस कृष्ण पहल की एकल पीठ द्वारा 20 फरवरी को सुनाया गया फैसला मंगलवार को उपलब्ध हुआ.
जस्टिस पहल ने अपने आदेश में कहा, ‘किसी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार, जो संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा गारंटीकृत है, को केवल इसलिए नहीं छीना जा सकता क्योंकि उस व्यक्ति पर अपराध करने का आरोप है, जब तक कि अपराध उचित संदेह से परे साबित न हो जाए.’
राजस्थान के सीकर जिले का रहने वाला आरोपी पिछले साल पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए एक कोचिंग सेंटर में पीड़िता से मिला था.
महिला के परिवार ने आरोप लगाया कि 23 वर्षीय युवती का फरवरी 2024 के बीच आरोपी ने कई बार यौन उत्पीड़न किया. उसके परिवार ने पिछले साल मई में 26 वर्षीय आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.
आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी) और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, उसे 21 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.
अक्टूबर में आगरा सत्र न्यायालय ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी थी, जिसके बाद आरोपी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.
पीड़िता के वकील ने दावा किया कि आरोपी ने महिला को यूपी पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के बहाने शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था. आरोपी ने कथित तौर पर महिला के साथ बलात्कार किया और मारपीट का वीडियो जारी करने की धमकी देकर उससे 9 लाख रुपये ऐंठ लिए.
आरोपी के वकील ने मंगलवार को अखबार को बताया, ‘अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन मेरे मुवक्किल द्वारा किया जाएगा. महिला को सूचित किया जाएगा और अदालत के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा.’
जस्टिस पहल ने पहले भी ऐसा आदेश दिए थे
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी थी, क्योंकि उसने अदालत को आश्वासन दिया था कि वह पीड़िता से शादी करेगा और उसके नवजात बच्चे की देखभाल करेगा.
जमानत देते हुए जस्टिस कृष्ण पहल ने आरोपी को पीड़िता से शादी करने, बच्चे की देखभाल करने और रिहाई के छह महीने के भीतर बच्चे के नाम पर 2 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया था.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर शादी का झांसा देकर 15 वर्षीय लड़की से बलात्कार किया, उसे गर्भवती कर दिया और बाद में उससे शादी करने से इनकार कर दिया. उसके खिलाफ सहारनपुर के चिलकाना थाने में आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था.
