‘शहरी झुग्गियों में राजनीति की समझ कहीं ज़्यादा गहरी है’
ऐसा माना जाता है कि शहरी झुग्गियों में रहने वाले राजनीति को कम समझते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. पलायन और शहरी झुग्गियों पर किताब लिखने वाले स्कॉलर तारिक थैचिल कहते हैं कि झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले नेताओं के मोहरे भर नहीं हैं. उनसे वायर हिंदी के संपादक आशुतोष भारद्वाज की बातचीत.
