पहलगाम हमला: विपक्ष ने केंद्र की ‘विफलता’ की निंदा की, घाटी में सामान्य स्थिति के दावों पर सवाल उठाए

शीर्ष विपक्षी नेताओं ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की और घाटी में सामान्य स्थिति की वापसी के केंद्र सरकार के पिछले दावों पर भी सवाल उठाए तथा सरकार से जवाबदेही मांग की.

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम आतंकी हमले के स्थल के पास सुरक्षाकर्मी, बुधवार, 23 अप्रैल, 2025. मंगलवार को हुए आतंकी हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे. (पीटीआई फोटो)

नई दिल्ली: शीर्ष विपक्षी नेताओं ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की और 26 लोगों की मौत पर शोक जताया. हालांकि, उनमें से कुछ ने घाटी में सामान्य स्थिति की वापसी के केंद्र सरकार के पिछले दावों पर भी सवाल उठाए और क्षेत्र के पर्यटन स्थलों में से एक में हुए आतंकवादी हमले से स्पष्ट खुफिया और सुरक्षा विफलता को उजागर किया.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और दोनों ने सुझाव दिया कि यह राजनीति का समय नहीं है, हालांकि गांधी ने सरकार से ‘जवाबदेही’ मांगी और खरगे ने कहा कि हमले के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

शाह के श्रीनगर पहुंचने के बाद उनसे बात करने वाले गांधी ने बाद में एक्स पर कहा, ‘पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है. जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य होने के खोखले दावे करने के बजाय, सरकार को अब जवाबदेही लेनी चाहिए और ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी बर्बर घटनाएं न हों और निर्दोष भारतीयों को इस तरह अपनी जान न गंवानी पड़े.’

खरगे ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी ‘आतंकवाद के इस कायराना कृत्य और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की कड़े शब्दों में निंदा करती है. यह हमला हमारे देश की एकता और अखंडता पर सीधा हमला है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह पक्षपातपूर्ण राजनीति का समय नहीं है. यह सामूहिक संकल्प का समय है, ताकि इस आतंकी हमले के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाकर उन लोगों और उनके शोकाकुल परिवारों को न्याय सुनिश्चित किया जा सके, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है.’

खरगे ने कहा, ‘यह भारतीय राज्य पर सीधा हमला है. पूरा देश सदमे में है. एक पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली है. हमें इसका मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए. हम सब एक हैं और हम लड़ेंगे.’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार के साथ समन्वय और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है. हमने लगातार आतंकवाद और अलगाववाद का मुकाबला किया है और हमारे शीर्ष नेतृत्व ने इस लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति तक दी है.

वहीं, लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की ‘विफलता’ और अपर्याप्त ‘सुरक्षा व्यवस्था’ के लिए आलोचना की.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने अपनी सर्वोच्च कार्यकारी संस्था कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की आपात बैठक बुलाई है. वेणुगोपाल ने बुधवार सुबह श्रीनगर में हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी.

सीपीआईएम पोलित ब्यूरो ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया, ‘इस भयानक अपराध के अपराधियों को पकड़ा जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. पुलिस और सुरक्षा बल केंद्र सरकार के अधीन हैं. केंद्र सरकार को इस कायरतापूर्ण हमले के लिए जिम्मेदार बलों को न्याय के कटघरे में लाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए. अपराध के अपराधी राष्ट्र के दुश्मन हैं और कश्मीर के लोगों के तो और भी ज़्यादा. केंद्र सरकार का यह दायित्व है कि वह भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की कमी सहित हमले के सभी पहलुओं की जांच करे.’

स्वतंत्र सांसद कपिल सिब्बल ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के हालिया भाषण का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कश्मीर को ‘शिरा-ए-जिगर’ बताया था.

उन्होंने कहा, ‘स्पष्ट रूप से यह राज्य प्रायोजित है, बस एक सप्ताह पहले ही यह (भाषण) हुआ था… मैं गृह मंत्री से आग्रह करूंगा कि वे पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करें. हमें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में अभियोग दायर करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान का बहिष्कार करने का आग्रह करना चाहिए.’