मध्य प्रदेश के मैहर और उमरिया में नवरात्रि के दौरान मांस, मछली और अंडों पर प्रतिबंध

मध्य प्रदेश के मैहर और उमरिया में जिला अधिकारियों ने नवरात्रि के दौरान 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मांस, अंडे और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं, हरियाणा के गुड़गांव में विश्व हिंदू परिषद ने नवरात्रि के दौरान मांस और मछली की दुकानें बंद करने की मांग की है.

चैत नवरात्रि के दौरान गुरुग्राम के सदर बाज़ार की मीट मार्केट को बंद करवा दिया गया था. (फोटो: पीटीआई/1 अप्रैल, 2025)

नई दिल्ली: जिला अधिकारियों ने नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश के मैहर और उमरिया में मांस, अंडे और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि मैहर में मां शारदा का मंदिर है, जहां नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं. एसडीएम दिव्या पटेल ने कहा, ‘मैहर एक धार्मिक नगरी है और इसी समय नवरात्रि शुरू होती है, इसलिए प्रशासन 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मांस, मछली और अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रहा है.’

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मैहर को धार्मिक नगरी घोषित किया है. उन्होंने कहा, ‘22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मैहर में शारदीय नवरात्रि आयोजित किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने मैहर को धार्मिक नगरी घोषित किया है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर आते हैं.’

पटेल ने 20 सितंबर को मांस, मछली और अंडों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है, जो उपद्रव या संभावित खतरे के तत्काल मामलों में तत्काल निवारक आदेश जारी करने का अधिकार प्रदान करती है. प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर बीएनएसएस की धारा 233 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है, जिसमें छह महीने की कैद और 2,500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.

इसी तरह उमरिया में एसडीएम कमलेश नीरज ने कहा कि विभिन्न समुदायों के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है.

एसडीएम ने कहा, ‘हमने विभिन्न धार्मिक समुदायों के सदस्यों के साथ एक बैठक की. इस बैठक में प्रतिभागियों ने नवरात्रि के त्योहार को देखते हुए चिकन, अंडे और मछली जैसे मांसाहारी भोजन के सेवन पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया.’

अखबार के अनुसार, मैहर के लिए यह पहली बार नहीं है जब इस मंदिर नगरी ने मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है. इस वर्ष मार्च में स्थानीय अधिकारियों ने ‘मां शारदेय चैत्र नवरात्रि मेले’ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का हवाला देते हुए मांसाहारी भोजन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था.

मध्य प्रदेश के अन्य जिलों, जैसे भोपाल और इंदौर ने भी पहले राम नवमी, महावीर जयंती और बुद्ध पूर्णिमा जैसे धार्मिक त्योहारों के दौरान मांस की दुकानों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं.

गुड़गांव में विश्व हिंदू परिषद ने मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लागने की मांग की

इंडिया टुडे के मुताबिक, इस बीच, गुड़गांव में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर नवरात्रि के दौरान सभी मांस और मछली की दुकानें बंद करने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों के पास की दुकानें श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और नागरिकों को असुविधा पहुंचाती हैं.

इसमें आगे आरोप लगाया गया है कि कई दुकानें खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता मानदंडों का उल्लंघन करती हैं, जिससे जन स्वास्थ्य को खतरा होता है.

विहिप के जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र तंवर ने कहा कि प्रशासन से ‘धार्मिक भावनाओं और जनभावनाओं का सम्मान’ करने और मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया गया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्वच्छता मानकों को लागू किया जाए.