आई लव मुहम्मद: कश्मीर के भाजपा नेता की इस्तीफ़े की धमकी, कहा- यूपी सीएम की टिप्पणी अस्वीकार्य

जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता जहांज़ैब सिरवाल ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुस्लिम समुदाय के खिलाफ़ टिप्पणियों को अस्वीकार्य और यूपी पुलिस के मुस्लिम समुदाय के प्रति प्रतिशोधी कहते हुए पार्टी से इस्तीफ़े की धमकी दी. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा मुसलमानों का विश्वास बहाल करने के लिए कोई क़दम नहीं उठाती है, तो उनके पास इस्तीफ़ा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.

जम्मू-कश्मीर भाजपा नेता जहांज़ैब सिरवाल और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता जहांज़ैब सिरवाल ने शुक्रवार (3 अक्टूबर) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणियों को ‘अस्वीकार्य’ और यूपी पुलिस के मुस्लिम समुदाय के प्रति प्रतिशोधी रवैये का हवाला देते हुए पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के दृष्टिकोण के विपरीत है. उन्होंने एक बयान में कहा कि यह ‘निराधार कानूनी कार्रवाई, और विभाजनकारी धमकियां’ इस सिद्धांत के साथ धोखा हैं.

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच में सभी दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, न कि केवल एक समुदाय को. सिरवाल ने कहा कि अगर भाजपा मुसलमानों का विश्वास बहाल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाती है, तो उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा.

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने 4 सितंबर को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में 24 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इसके बाद 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र की एक मस्जिद के बाहर ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टर लिए एक बड़ी भीड़ के इकट्ठा होने के बाद झड़पें हुईं थी.

पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय मौलवी सहित 68 लोगों को गिरफ्तार किया. इसी बीच मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

अपने बयान में सिरवाल ने कहा कि वह एक गौरवान्वित मुसलमान और भाजपा के एक प्रतिबद्ध नेता हैं, और उत्तर प्रदेश सरकार की हालिया कार्रवाइयों से बहुत आहत हैं, जिसने ‘आई लव मुहम्मद’ बैनर के माध्यम से मुस्लिम समुदाय की आस्था की अभिव्यक्ति को ‘निशाना’ बनाया है.

योगी के बयान

ज्ञात हो कि इसी विवाद को लेकर आदित्यनाथ की ‘डेंटिंग-पेंटिंग’ और पीढ़ियों को सबक सिखाने वाली टिप्पणी भी शामिल है.

‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद पर योगी आदित्यनाथ ने कई बयान दिए, जिसमें मुस्लिम समुदाय पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘कभी-कभी बुरी आदतें जाती नहीं है लोगों की, तो उसके लिए उनकी डेंटिंग पेंटिंग करवानी पड़ती है क़ायदे से, जिससे की हम उनकी बुरी आदतें ठीक कर सके.’

कश्मीर के भाजपा नेता ने कहा, ‘ऐसे बयान न केवल विभाजनकारी हैं, बल्कि अनुच्छेद 25 के तहत किसी के भी धर्म का स्वतंत्र रूप से पालन करने और उसे मानने के संवैधानिक अधिकार का भी अपमान करते हैं. ये भारत की उस भावना को कमज़ोर करते हैं, जहां हर धर्म को बिना किसी भय के फलना-फूलना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को किसी भी समुदाय को चुप कराने के लिए ‘धमकाने या डराने’ का कोई अधिकार नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘उनकी भड़काऊ बयानबाजी, जिसमें हमारी आस्था की अभिव्यक्तियों में ज़बरदस्ती सुधार शामिल हैं, लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ विश्वासघात और संविधान का अपमान है, जो किसी भी व्यक्ति के अधिकार से ऊपर है. हम मुसलमान होने के नाते ऐसी धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे और न ही पैगंबर के प्रति अपने पवित्र प्रेम को अपराध की श्रेणी में डालने देंगे.’

सिरवाल ने कहा कि एक मुस्लिम भाजपा नेता होने के नाते जब उनके समुदाय के अधिकारों का हनन हो रहा हो और राज्य की कार्रवाइयों से पार्टी की एकता के प्रति प्रतिबद्धता धूमिल हो रही हो, तो वे चुप नहीं रह सकते.

उन्होंने कहा, ‘मैं भाजपा नेतृत्व से निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं. अन्यायपूर्ण केस को रद्द करें, शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करें और कलह को बढ़ावा देने वाले बयानों को वापस लें. केंद्रीय नेतृत्व को यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए कि कोई भी मुख्यमंत्री संवैधानिक स्वतंत्रताओं को दबाने के लिए राज्य की शक्ति का इस्तेमाल न करे.’

उन्होंने कहा, ‘अगर ये कार्रवाइयां पार्टी के रुख को दर्शाती हैं, तो मैं विनम्रतापूर्वक निष्कासन स्वीकार करता हूं, क्योंकि मेरा ‘ईमान’ हमेशा सबसे ऊपर रहेगा. लेकिन मैं न्याय और एकता के प्रति हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता में विश्वास करता हूं, और मैं भारत की बहुलवादी आत्मा को बनाए रखने के लिए सुधार का आह्वान करता हूं.’