नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में मंगलवार (14 अक्टूबर) को ‘निर्माणाधीन’ कल्कि धाम मंदिर के पास स्थित करीब 30 साल पुरानी एक मस्जिद को प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए ढहा दिया.
अधिकारियों के मुताबिक यह मस्जिद ‘सार्वजनिक पार्क के लिए निर्धारित’ ज़मीन पर बनी थी. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच यह बुलडोजर अभियान लगभग एक घंटे तक चला. लोगों के रोष से निपटने के लिए दो थानों की पुलिस और पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) के जवान मौके पर तैनात रहे.
अधिकारियों ने बताया कि सैदांगली-मनौटा गांव में 262 वर्ग मीटर भूमि पर बनी यह मस्जिद पार्क की ज़मीन पर ‘अवैध’ रूप से खड़ी की गई थी. करीब 20 दिन पहले तहसीलदार ने इस मस्जिद को हटाने का आदेश जारी किया था और मंगलवार को अदालत के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई.
यह मस्जिद, जिसे स्थानीय लोग ‘छोटी मस्जिद’ के नाम से जानते थे, लगभग तीन दशक से वहां मौजूद थी.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब चार महीने पहले ग्रामीणों ने राजस्व विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि श्री कल्कि धाम मंदिर के बगल में स्थित ‘छोटी मस्जिद’ पार्क की ज़मीन पर बनी है. जांच के बाद राजस्व अधिकारी ने इसकी पुष्टि की कि मस्जिद का निर्माण पार्क क्षेत्र में अतिक्रमण करके किया गया है.
जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम सभा बनाम जमी़ल अहमद नाम से यह मामला तहसीलदार की अदालत में दाखिल किया गया. मस्जिद प्रतिनिधियों को पहली नोटिस 11 जून को दी गई. कई बार की सुनवाई के बाद तहसीलदार डी.पी. सिंह ने 24 सितंबर को मस्जिद के ‘अवैध निर्माण’ को हटाने के निर्देश दिए.
मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई शुरू की गई.
अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय लोगों की ओर से इस बुलडोज़र की कार्रवाई का किसी तरह का विरोध नहीं हुआ. इस संरचना को गिराने के लिए दो बुलडोज़रों का इस्तेमाल किया गया. एक घंटे के भीतर मस्जिद पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया.
नायब तहसीलदार दीपक जुरेल ने कहा, ‘इस ज़मीन की रजिस्ट्री सार्वजनिक पार्क के रूप में दर्ज है. मस्जिद 262 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध रूप से बनी थी. पूरे निर्माण को हटा दिया गया है.’
सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई न्यायिक आदेशों के तहत की गई है और ‘पर्याप्त पुलिस व पीएसी बल की मौजूदगी में शांतिपूर्वक पूरी हुई.’
अधिकारियों के मुताबिक यह अवैध निर्माण कल्कि धाम मंदिर परियोजना से लगभग 400 मीटर की दूरी पर था. इस परियोजना की नींव 19 फरवरी, 2024 को रखी गई थी.
संभल में मस्जिदों के खिलाफ लगातार हो रही है कार्रवाई
ज़िले के असमोली थाना क्षेत्र अंतर्गत राय बुज़ुर्ग गांव में 2 अक्टूबर को प्रशासन ने कथित तौर पर तालाब की ज़मीन पर बने एक अवैध मैरिज हॉल को ढहा दिया. वहीं इसी भूमि पर बनी एक मस्जिद को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने चार दिन का समय देते हुए सेल्फ डिमॉलिशन नोटिस जारी किया था. जिसके बाद मस्जिद प्रशासन ने ख़ुद ही मस्जिद को गिरा दिया.
उसी सप्ताह हतीम सराय इलाके में एक मस्जिद और 80 घरों को तोड़े जाने का नोटिस दिया गया. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने दावा किया था कि ये निर्माण 12-13 साल पहले पुराने तालाब क्षेत्र में किए गए थे और इनका कोई वैध मुतवल्ली (प्रबंधक) नहीं है. हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसपर फ़िलहाल के लिए रोक लगा दी है.
इससे पहले जून में संभल जिला प्रशासन के अंतर्गत आने वाले चंदौसी स्थित रज़ा-ए-मुस्तफ़ा मस्जिद को भी नगरपालिका की ज़मीन पर बने होने के आरोप में गिराया गया था.
