नई दिल्ली: पूर्व आईएएस अधिकारी नवनीत कुमार सहगल ने अपने कार्यकाल के मध्य में ही मंगलवार (2 दिसंबर) को प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा बुधवार को स्वीकार भी कर लिया गया है.
मालूम हो कि नवनीत कुमार सहगल को मार्च 2024 में प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल तीन साल का था. हालांकि, उन्होंने अपनी सेवा के डेढ़ साल बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है, जो अन्य कार्यों के अलावा दूरदर्शन प्रसारण सेवा और आकाशवाणी रेडियो सेवा का संचालन करता है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रसारण प्रशासन कार्यक्रम के निदेशक एएम कुमार द्वारा बुधवार को लिखे गए एक पत्र में सहगल को सूचित किया गया कि उन्हें प्रसार भारती के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है.
ज्ञात हो कि सहगल 1988 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. प्रसार भारती में उनकी नियुक्ति से पहले अध्यक्ष का पद करीब चार साल से खाली पड़ा था. सहगल की नियुक्ति के वक्त लोकसभा चुनावों में कुछ ही हफ्ते बाकी थे. सहगल से पहले ए. सूर्य प्रकाश प्रसार भारती के अध्यक्ष थे, जिन्होंने फरवरी, 2020 में अपना कार्यकाल पूरा किया था.
नवनीत सहगल अपनी नियुक्ति से पहले वह जुलाई 2023 में उत्तर प्रदेश सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर सिविल सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे.
सहगल का चयन तीन सदस्यीय चयन समिति ने किया था, जिसकी अध्यक्षता उस समय के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने की थी. समिति में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की चेयरपर्सन रंजन प्रकाश देसाई और राष्ट्रपति द्वारा नामित एक सदस्य भी शामिल थे.
प्रसार भारती की वेबसाइट के अनुसार, सहगल के पास केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों स्तरों पर नीतिगत सुधार और बड़े विभागों के संचालन में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव का उल्लेख किया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि सहगल को बहुजन समाज पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सबसे भरोसेमंद अधिकारी के रूप में जाना जाता था.
इसके बाद राज्य में सत्तासीन हुईं समाजवादी पार्टी और भाजपा सरकारों में भी सहगल का प्रभाव था. उन्हें उद्योगपतियों, फिल्म जगत के लोगों और खेल संगठनों से करीबी संबंध रखने वाला अधिकारी माना जाता है.
