असम सरकार ने नए साल पर तोहफ़े में पत्रकारों को बांटे मोबाइल फोन, दो ने लौटाए

असम सरकार की तरफ से नए साल के उपहार के तौर पर पत्रकारों को मोबाइल फोन दिए गए थे, जिसे द टेलीग्राफ के उमानंद जैसवाल और द इकोनॉमिक टाइम्स के बिकाश सिंह ने वापस लौटा दिया. अधिकारियों ने बताया है कि 2,200 से अधिक पंजीकृत पत्रकारों को मोबाइल फोन उपहार के रूप में दिए जाने हैं.

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: असम सरकार की ओर से नए साल के तोहफे के रूप में दिए गए मोबाइल फोन में से कम से कम दो पत्रकारों ने गुरुवार को ये उपकरण लौटा दिए हैं.

एक अधिकारी ने स्क्रॉल को बताया कि राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) में पंजीकृत 2,200 से अधिक पत्रकारों को मोबाइल फोन उपहार के रूप में दिए जाएंगे.

गुरुवार को गुवाहाटी में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ पत्रकारों को मोबाइल फोन दिए गए, जबकि अन्य को माघ बिहू (14 जनवरी) तक ज़िला आयुक्तों के माध्यम से ये फोन मिलने की उम्मीद है.

गौरतलब है कि असम में अगले चार महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.

अधिकारी ने स्क्रॉल से कहा, ‘सभी डीआईपीआर कार्डधारकों को सैमसंग गैलेक्सी F17 दिया जाएगा. हर साल हम पत्रकारों को कुछ न कुछ उपहार देते हैं. पहले हम लैपटॉप बैग, लेदर बैग, पानी की बोतल आदि दे चुके हैं.’

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इस मोबाइल फोन की कीमत 12,600 रुपये से 16,000 रुपये के बीच बताई जा रही है.

अधिकारी ने बताया कि अब तक द टेलीग्राफ के उमानंद जैसवाल और द इकोनॉमिक टाइम्स के बिकाश सिंह ने ये मोबाइल फोन लौटा दिए हैं.

इससे पहले वर्ष 2011 में राज्य में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भी मान्यता प्राप्त पत्रकारों और पेशे में 10 वर्ष पूरे कर चुके पत्रकारों को लैपटॉप वितरित किए थे.

छात्रों और महिलाओं के लिए योजनाएं

चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शर्मा ने गुरुवार को छात्रों और महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं की भी घोषणा की.

निजुत मोइना योजना की तर्ज़ पर – जिसके तहत छात्राओं को वित्तीय सहायता दी जाती है- मुख्यमंत्री ने बाबू असोनी कार्यक्रम की घोषणा की. इसके तहत सरकार पात्र स्नातकोत्तर छात्रों को 2,000 रुपये प्रति माह और पात्र स्नातक छात्रों को 1,000 रुपये प्रति माह की सहायता देगी.

शर्मा ने यह भी घोषणा की कि ओरुनोदोई योजना के तहत गरीब परिवारों में प्राथमिक देखभाल करने वाली महिलाओं को दी जाने वाली 1,250 रुपये प्रति माह की नकद सहायता चुनावों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल नहीं दी जाएगी. इसके बजाय 20 फरवरी को लाभार्थियों को 8,000 रुपये ‘एकमुश्त अग्रिम बोहाग बिहू उपहार’ के रूप में दिए जाएंगे.

भारतीय जनता पार्टी के नेता शर्मा ने कहा, ‘ताकि चुनाव के समय किसी को कोई परेशानी न हो, हम चार महीने की किस्त और बोनस एक साथ दे रहे हैं.’