गुजरात आ रहे थाई जहाज़ को निशाना बनाए जाने के बाद भारत ने हमले की निंदा की

गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर आ रहे एक थाई मालवाहक जहाज़ पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में हमला होने के बाद भारत ने बयान जारी कर कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान वाणिज्यिक जहाज़ों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया जाना भारत के लिए अत्यंत खेदजनक है. तेहरान के जवाबी हमलों की निंदा करने वाले अन्य आधिकारिक बयानों की तरह ही विदेश मंत्रालय के इस बयान में भी ईरान का नाम नहीं लिया गया है.

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में ईरान द्वारा हमला किए जाने के बाद एमवी मयूरी नारी. (फोटो: रॉयल थाई नेवी/ फेसबुक)

नई दिल्ली: गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर आ रहे एक थाई मालवाहक जहाज़ पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में हमला होने के बाद – जिसकी जिम्मेदारी ईरान ने ली है – भारत ने बुधवार (11 मार्च) को कहा कि वह वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाए जाने की ‘निंदा’ करता है और ऐसे हमलों को रोकने की अपील करता है.

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान वाणिज्यिक जहाज़ों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया जाना भारत के लिए अत्यंत खेदजनक है.’

मंत्रालय ने कहा कि ऐसे कई हमलों में पहले ही ‘कीमती जानें, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जा चुकी हैं’ और इन हमलों की ‘तीव्रता और घातकता’ लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि ‘वाणिज्यिक जहाज़ों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालना, या समुद्री आवागमन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना’ टाला जाना चाहिए.

तेहरान के जवाबी हमलों की निंदा करने वाले अन्य आधिकारिक बयानों की तरह ही विदेश मंत्रालय के इस बयान में भी ईरान का नाम नहीं लिया गया. नई दिल्ली ने उस अमेरिकी-इज़रायली हमले की भी निंदा नहीं की है, जिसने इस संघर्ष को जन्म दिया.

रॉयल थाई नेवी के एक प्रवक्ता ने कहा कि थाई झंडे वाला बल्क कैरियर एमवी मायुरी नारी (MV Mayuree Naree) बुधवार सुबह ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में हमले का शिकार हुआ. यह जहाज़ संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से रवाना होने के लगभग आठ घंटे बाद हमला हुआ.

मस्कट स्थित थाई दूतावास के अधिकारियों से सहायता लेने को कहा गया और ओमान की नौसेना ने जहाज़ के 23 थाई क्रू सदस्यों में से 20 को बचा लिया. प्रवक्ता ने कहा कि जहाज़ पर मौजूद बाकी तीन लोगों को बचाने की कोशिश जारी थी.

जहाज़ के मालिक प्रेशियस शिपिंग के हवाले से बैंकॉक पोस्ट ने बताया कि जहाज़ पर कुल 23 थाई नागरिक थे. जहाज़ पर दो प्रोजेक्टाइल (गोले) लगे, जिससे इंजन रूम को नुकसान पहुंचा और आग लग गई. अख़बार के अनुसार, जहाज़ पर बचे तीन लोग संभवतः इंजन रूम में फंस गए थे.

हालांकि, थाई नौसेना ने कहा कि हमले के कारण की जांच की जा रही है, लेकिन ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने घोषणा की कि उसके लड़ाकों ने मायुरी नारी पर गोलीबारी की और उसे रोक दिया, क्योंकि उसने कथित तौर पर ‘चेतावनियों की अनदेखी की’ और ‘ग़ैरक़ानूनी रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने पर ज़ोर दिया.’

प्रेशियस शिपिंग की वेबसाइट के अनुसार, मायुरी नारी का निर्माण 2008 में विशाखापत्तनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड में हुआ था.

इसी दौरान बुधवार को फ़ारस की खाड़ी में दो अन्य जहाज़ – जापानी मूल का वन मैजेस्टी (One Majesty) और ग्रीक मूल का स्टार ग्वेनेथ (Star Gwyneth) – भी अज्ञात स्रोत से आए प्रोजेक्टाइल से क्षतिग्रस्त हुए. अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, और 1 मार्च से अब तक इस क्षेत्र में जहाज़ों पर 13 हमलों की पुष्टि हो चुकी है.

अमेरिका-इज़रायल के ईरान पर हमलों से शुरू हुए इस संघर्ष के कारण वैश्विक समुद्री यातायात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने वाला यातायात लगभग ठप हो गया है.

ईरान की सेना ने सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के माध्यम से जारी बयान में कहा कि वह ‘अमेरिका और उसके सहयोगियों के लाभ के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से एक बूंद तेल भी गुजरने नहीं देगी.’ उसने यह भी कहा, ‘आप तेल और ऊर्जा की कीमतों को कृत्रिम रूप से कम नहीं रख सकते.’

भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से गंभीर है, क्योंकि वह अपनी एलएनजी की 45%, एलपीजी की 60% और कच्चे तेल की लगभग 90% ज़रूरतों का आयात करता है. होर्मुज़ मार्ग पर यातायात बाधित होने से भारत में ईंधन आपूर्ति पर असर पड़ा है और ईंधन राशनिंग शुरू करनी पड़ी है, क्योंकि इन ईंधनों का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर आता है.

इस संघर्ष में अब तक दो भारतीयों की मौत हो चुकी है. ये दोनों एमकेडी व्योम और एमवी स्काइलाइट नामक व्यापारी जहाज़ों पर सवार थे, जिन पर ओमान के तट के पास हमला हुआ था. स्काइलाइट जहाज़ पर सवार एक और भारतीय नागरिक अभी लापता बताया जा रहा है.