महाराष्ट्र: मंत्री ने मराठी न पढ़ाने वाले स्कूलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की चेतावनी दी, कहा- मान्यता रद्द हो सकती है

महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में कहा कि सरकार उन स्कूलों के ख़िलाफ़ सख्त कदम उठाएगी, चाहे वे राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध ही क्यों न हों, जो मराठी पढ़ाने को अनिवार्य बनाने वाले कानून का पालन नहीं कर रहे हैं. उनकी मान्यता रद्द भी कर सकती है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि राज्य के कानून के तहत अनिवार्य रूप से मराठी न पढ़ाने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी मान्यता रद्द करने की संभावना भी शामिल है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में कहा कि सरकार उन स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी – चाहे वे राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध ही क्यों न हों – जो मराठी पढ़ाने को अनिवार्य बनाने वाले कानून का पालन नहीं कर रहे हैं.

भुसे ने राज्य विधानसभा को बताया कि सरकार निरीक्षण शुरू करेगी और यदि स्कूल मराठी पढ़ाने से संबंधित नियमों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द भी कर सकती है.

उन्होंने कहा कि राज्य के सभी स्कूलों में – चाहे वे राष्ट्रीय बोर्ड से जुड़े हों या अंतरराष्ट्रीय – कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए मराठी पढ़ना अनिवार्य किया गया है. इसके लिए राज्य सरकार पहले ही कानून बना चुकी है और 9 मार्च 2020 को इसकी अधिसूचना जारी की जा चुकी है.

मंत्री ने बताया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में मराठी को दूसरी या तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जा सकता है, लेकिन भाषा का अध्ययन करवाना अनिवार्य रहेगा. उन्होंने यह बात प्रश्नकाल के दौरान कही.

कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्कूल मराठी नहीं पढ़ा रहे हैं. इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार शिकायत मिलने पर ऐसे स्कूलों की जांच कराएगी.

उन्होंने कहा, ‘अगर जांच में पाया गया कि मराठी नहीं पढ़ाई जा रही है, तो पहले संस्थानों को नियमों का पालन करने के लिए कहा जाएगा और स्थिति सुधारने का मौका दिया जाएगा.’

हालांकि यदि मौका देने के बाद भी स्कूल इस अनिवार्य प्रावधान का पालन नहीं करते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, जिसमें मान्यता रद्द करना भी शामिल है.

भुसे ने विधायकों से यह भी कहा कि अगर उन्हें कोई ऐसा स्कूल मिले जो इस नियम का उल्लंघन कर रहा हो, तो सरकार को सूचित करें ताकि तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके.

उन्होंने दोहराया कि सरकार राज्य के सभी स्कूलों में मराठी पढ़ाने के कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.