नई दिल्ली: असम में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी मोर्चे को गुरुवार को तब बड़ी मजबूती मिली, जब रायजोर दल ने इसमें शामिल होने का फैसला किया. कार्यकर्ता से नेता बने रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने कहा कि उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच समझौता हुआ है.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को औपचारिक रूप देने के लिए एक समझौता पर हस्ताक्षर किए गए, जो 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है.
इसकी घोषणा जोरहाट में हुई एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जिसे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई और रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने संबोधित किया.
दोनों नेताओं ने इस गठबंधन को लेकर उम्मीद जताई और कहा कि इस साझेदारी का मकसद चुनावों में एक एकजुट मोर्चा पेश करना और असम के लोगों के व्यापक हितों के लिए काम करना है.
रिपोर्ट के अनुसार, गठबंधन को औपचारिक रूप दिए जाने के बाद दोनों पार्टियों के बीच हस्ताक्षर किए गए समझौता के मुताबिक, सीटों के बंटवारे का ब्योरा तय कर लिया गया है.
समझौते के अनुसार, रायजोर दल 11 विधानसभा सीटों – ढिंग, मानस, दलगांव, तेजपुर, सिसिबोरगांव, डिगबोई, शिवसागर, मरियानी, बोकाखात, कलियाबोर और मार्गेरिटा – पर अपने उम्मीदवार उतारेगा.
इसके अलावा, दोनों पार्टियां दो सीटों – गौरीपुर और गोआलपाड़ा पूर्व – में मैत्रीपूर्ण मुकाबले पर सहमति जताई है.
इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी मोर्चे में अब छह पार्टियां शामिल हैं – कांग्रेस, रायजोर दल, असम जातीय परिषद (एजेपी), सीपीआई (एम), सीपीआई (एम-एल) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (एपीएचएलसी).
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने अब तक 87 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है (जिनमें से एक ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है. पिता प्रद्युत के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रतीक बोरदोलोई ने असम चुनाव से नाम वापस लिया.), जबकि रायजोर दल ने 13, एजेपी ने 10, सीपीआई (एम) ने 2 और एपीएचएलसी ने 2 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. केवल दो सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस और रायजोर दल दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
बता दें कि असम के 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को मतगणना होगी.
