मेघालय ने स्टारलिंक के साथ समझौता किया, एलन मस्क का भारत में विस्तार तेज़

मेघालय एलन मस्क की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा के साथ औपचारिक साझेदारी करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है. इससे पहले महाराष्ट्र और गुजरात ने भी इसी तरह के समझौते किए थे.

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनरॉड संगमा. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मेघालय सरकार ने बुधवार (1 अप्रैल) को स्टारलिंक इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. इसके साथ ही मेघालय एलन मस्क की सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा के साथ औपचारिक साझेदारी करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है. इससे भारत में कंपनी के विस्तार को और गति मिली है.

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने नई दिल्ली में हुए इस समझौते की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस समझौते का मकसद राज्य के उन हिस्सों में स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण समुदायों तक संचार सुविधा पहुंचाना है, जहां अभी तक ज़मीन-आधारित दूरसंचार व्यवस्था नहीं पहुंच पाई है.

इस अवसर पर स्पेस-एक्स की अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी ग्विन शॉटवेल तथा स्टारलिंक संचालन की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर भी उपस्थित थीं.

मुख्यमंत्री ने एक्स पर कहा, ‘हमारे सबसे दूरदराज के स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और समुदायों को जोड़ना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. उन्नत सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से यह साझेदारी इस दूरी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी, छात्रों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और किसानों तथा ग्रामीण समुदायों को लाभ मिलेगा.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेघालय शिलांग को पूर्वोत्तर क्षेत्र का प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है.

नवंबर 2025 में महाराष्ट्र स्टारलिंक के साथ ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ (आशय पत्र) पर हस्ताक्षर करने वाला पहला भारतीय राज्य बना था. उस समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि यह समझौता राज्य के दूरदराज और कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में स्थित सरकारी संस्थानों, ग्रामीण समुदायों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को आपस में जोड़ने में मददगार साबित होगा.

इसके बाद फरवरी 2026 में गुजरात ने भी इसी तरह का समझौता किया, जिसमें सामान्य सेवा केंद्र, सरकारी विद्यालय, आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष, बंदरगाह और वन्यजीव क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध कराने की योजना शामिल है.

राज्य-स्तर पर किए गए ये सभी समझौते, पूरे भारत में स्टारलिंक के विस्तार की व्यापक योजना का ही एक हिस्सा हैं.

मार्च 2025 में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने स्पेस-एक्स के साथ अलग-अलग वितरण समझौते किए. यह एक बड़ा बदलाव था, क्योंकि इससे पहले दोनों कंपनियां इस सेवा का विरोध कर रही थीं.

रिलायंस जियो के प्रमुख मुकेश अंबानी और एयरटेल के प्रमुख सुनील भारती मित्तल पहले यह चाहते थे कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के माध्यम से हो, जबकि एलन मस्क प्रशासनिक तरीके से आवंटन के पक्ष में थे.

अक्टूबर 2024 में भारत सरकार ने प्रशासनिक आवंटन का निर्णय लिया. इसके बाद परिस्थितियां बदल गईं और कंपनियों ने अपना रुख बदल लिया.

फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क के बीच वॉशिंगटन में हुई मुलाकात में भी अंतरिक्ष तकनीक में सहयोग पर चर्चा हुई, जिससे इस प्रक्रिया को और गति मिली.