दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्स पर पैरोडी अकाउंट डॉ. निमो यादव, नेहर हू को तत्काल बहाल करने का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक्स पर संचालित पैरोडी अकाउंट डॉ. निमो यादव और नेहर हु को तत्काल बहाल करने का आदेश दिया है. ये अकाउंट उन 12 अकाउंट्स में शामिल थे, जिन्हें बीते दिनों इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर ब्लॉक किया गया था.

एक्स ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर 12 एकाउंट्स को ब्लॉक किया गया था. (फोटो: एक्स)

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पैरोडी अकाउंट डॉ. निमो यादव और नेहर हू (Nehr_who) को तत्काल बहाल करने का आदेश दिया है. ये एक्स अकाउंट याचिकाकर्ता प्रतीक शर्मा और निर्देश कुमार नयन के हैं.

प्रतीक शर्मा और निर्देश कुमार नयन ने अपने अकाउंट को ब्लॉक किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, उस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह आदेश दिया.

ये अकाउंट उन 12 एक्स अकाउंट्स में शामिल थे, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर ब्लॉक किया गया था.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत जारी ब्लॉकिंग आदेशों की समीक्षा की. कुछ देर सुनवाई के बाद अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता का पूरा अकाउंट तुरंत बहाल किया जाए, हालांकि जिन ट्वीट्स को आपत्तिजनक बताया गया है, वे फिलहाल अस्थायी रूप से ब्लॉक रहेंगे.

अदालत ने याचिकाकर्ता को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की समीक्षा समिति के समक्ष पेश होने को कहा. और यह भी कहा कि मंत्रालय को यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित ट्वीट्स को धारा 69 ए के तहत सही तरीके से ब्लॉक किया गया है या नहीं. 

आदेश की विस्तृत प्रति का इंतजार है.

सुनवाई के दौरान क्या हुआ

वेबसाइट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता प्रतीक शर्मा की तरफ़ से पेश अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने 25 मार्च को हाईकोर्ट का रुख किया था, जब उन्हें एक्स की ओर से सूचना मिली कि 19 मार्च को उनके अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है.

उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार की ओर से कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी. उनके अनुसार, सरकार की ओर से संवाद तब आया जब हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की जा चुकी थी.

ग्रोवर ने कहा, ‘कानूनी प्रक्रिया यह नहीं हो सकती कि पहले आप मेरे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करें और जब मैं अदालत जाऊं, तब न्यायिक जांच से बचने के लिए जल्दबाजी में मुझे सूचना भेज दें.. आदेश में कारण होना जरूरी है, और ब्लॉकिंग सूचना की होनी चाहिए, न कि पूरे अकाउंट की.. यह पूरी तरह अवैध और मनमाना आदेश है.’

उन्होंने यह भी कहा कि यह आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के दायरे में नहीं आता.

वहीं, सरकार की तरफ़ से पेश एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि याचिकाकर्ता को समीक्षा समिति के सामने पेश होने के लिए ईमेल भेजे गए थे. उन्होंने ब्लॉकिंग नियमों के नियम 14 का हवाला देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता तुरंत समिति के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं.

अन्य याचिका और सरकार का पक्ष

इससे पहले, एक्स ने अदालत को बताया था कि निर्देश कुमार नयन द्वारा संचालित नेहर हु अकाउंट इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के आदेश पर ब्लॉक किया गया था, क्योंकि इसमें कथित तौर पर विवादित पोस्ट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री थी.

हाईकोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में ब्लॉकिंग आदेश में कहा गया कि उक्त एक्स अकाउंट पर ‘मानहानिकारक पोस्ट’ मौजूद हैं, जिनमें तस्वीरों, वीडियो और एआई से छेड़छाड़ की गई सामग्री का इस्तेमाल कर विवादित पोस्ट तैयार किए गए हैं, जो सरकार पर सवाल उठाते हैं और प्रधानमंत्री को बदनाम करते हैं.

एक्स ने केंद्र सरकार से 12 अकाउंट्स को ब्लॉक करने के आदेश की समीक्षा करने का भी आग्रह किया था, जिसमें ‘डॉ. निमो यादव’ अकाउंट भी शामिल है. एक्स ने इस आदेश को ‘असंगत’ बताया.

एक्स का आपत्ति पत्र

इससे पहले एक्स ने 19 मार्च को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को एक आपत्ति पत्र लिखकर कहा था कि 18 मार्च को जारी ब्लॉकिंग आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 ए का पालन नहीं करता.

एक्स ने यह भी कहा कि अकाउंट के उपयोगकर्ताओं को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और ब्लॉकिंग आदेश में यह भी नहीं बताया गया है कि जिन व्यक्ति की सामग्री को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया है, उनकी पहचान के लिए उचित प्रयास किए गए थे या नहीं.