नई दिल्ली: ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी आदिवासी आवासीय स्कूल में भोजन करने के बाद सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए और एक छात्रा की मौत हो गई.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, रविवार सुबह मयूरभंज जिले के काकाबांधा आश्रम स्कूल में बच्चों को नाश्ते में ‘पखाला’ (फर्मेंटेड चावल), आलू भर्ता और आम की चटनी दी गई थी. यह भोजन कथित तौर पर स्कूल के अधिकृत मेन्यू में शामिल नहीं था. खाना खाने के कुछ ही समय बाद बच्चों ने उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत करनी शुरू कर दी.
धीरे-धीरे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 100 से अधिक बच्चों को तत्काल पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहां से गंभीर हालत वाले कई बच्चों को बारिपदा स्थित पीएमआर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर करना पड़ा.
मौत और अस्पतालों में इलाज
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, करीब 150 बच्चों में से एक कक्षा 5 की छात्रा, रुपाली बेसरा, की हालत ज्यादा बिगड़ गई थी. उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई.
जिला कलेक्टर हेमा कांत साय ने बताया कि फिलहाल कई दर्जन बच्चे अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. कुछ और बच्चों को भी लगातार अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है.
परिजनों और गांव वालों का गुस्सा
घटना सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया. रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने रसगोविंदपुर-जलेश्वर सड़क को जाम कर दिया और मृत छात्रा के परिवार को मुआवजा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
माता-पिता ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बच्चों को बासी या खराब भोजन परोसा गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी.
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल पुलिस स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र रूप से भी कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि गलती कहां हुई.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, स्कूल के प्रधानाध्यापक जयंता कुमार पाणिग्रही को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मृत छात्रा की मां की शिकायत पर पुलिस केस भी दर्ज किया गया है.
मुआवजा और सरकार की प्रतिक्रिया
घटना के बाद राज्य सरकार ने मृत छात्रा के परिवार को मुआवजा देने की घोषणा की है. अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, यह राशि 3 लाख से 7 लाख रुपये के बीच बताई गई है. राज्य के मुख्यमंत्री ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.
साथ ही, राज्य के एक मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया.
