असम: विपक्ष के नेता का चुनाव सामग्री वाले स्ट्रॉन्गरूम में बड़ी सुरक्षा चूक का आरोप

असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र समेत कई जगहों पर चुनाव के बाद की सामग्री के प्रबंधन और सुरक्षा में आयोग के दिशानिर्देशों का 'गंभीर उल्लंघन' हुआ है. उन्होंने ऐसे कई केंद्रों के अपर्याप्त ताले, कमज़ोर दरवाज़ों का हवाला देते हुए हुए जांच करवाने, सुरक्षा इंतज़ामों को बेहतर करने और कथित लापरवाहियों के लिए कार्रवाई की मांग की है.

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(प्रतीकात्मक फोटो साभार: फेसबुक/@/voiceofvotersup)

नई दिल्ली: असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कई निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव सामग्री रखने वाले स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा में ‘गंभीर उल्लंघन’ का आरोप लगाया है. उनके अनुसार, इन निर्वाचन क्षेत्रों में नाज़िरा भी शामिल है, जहां से वे कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल को संबोधित पत्र में सैकिया ने कहा कि चुनाव के बाद की सामग्री के प्रबंधन, भंडारण और सुरक्षा में चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का ‘गंभीर और चिंताजनक उल्लंघन’ हुआ है. उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में फोटो और वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं.

असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, मतगणना 4 मई को होगी.

शिवसागर सरकारी एचएस एंड एमपी स्कूल में स्थित स्ट्रॉन्गरूम का हवाला देते हुए सैकिया ने कहा कि 14 अप्रैल को मैटेरियल सेफ्टी सेल के दौरे के दौरान उन्होंने पाया कि कमरे संख्या 11, 12 और 13 का रखरखाव तय नियमों के मुताबिक नहीं किया जा रहा था.

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवेश द्वारों की स्थिति से सुरक्षा प्रोटोकॉल के ‘गंभीर उल्लंघन’ का पता चलता है. जांच किए गए दरवाजों में से केवल एक पर ताला लगा था और वह भी ठीक से सील नहीं था. कई दरवाज़े या तो ढीले बंद थे या अंदर से बंद थे, जिससे उन्हें आसानी से खोला जा सकता था.

सैकिया ने कहा, ‘कई मामलों में दरवाज़े या तो एक ताले से बंद थे या अंदर से बंद थे, जबकि अनिवार्य ‘दोहरे ताले’ (double-lock) की व्यवस्था का पालन नहीं किया गया था.’

उन्होंने आगे बताया कि चुनाव सामग्री रखने के लिए तय किए गए तीन कमरों में से, छह दरवाज़ों में से सिर्फ़ एक पर ही ‘डबल लॉक’ की सही व्यवस्था थी. बताया गया है कि नाज़िरा विधानसभा क्षेत्र की सामग्री रखे हुए दरवाज़ों में से एक दरवाज़ा बाहर से थोड़ा-सा ज़ोर लगाने पर ही खुल जाता है.

कांग्रेस नेता ने एक वीडियो क्लिप भी शेयर की, जिसमें वह संबंधित अधिकारियों को इन कमियों के बारे में बताते हुए दिख रहे हैं.

सैकिया ने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज़ों की सुरक्षा ठीक से नहीं की गई थी, जिससे चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि सामग्री रखने की जगह के पास कोई समर्पित सुरक्षा चौकी (sentry post) भी नहीं थी.

उनके मुताबिक, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने बताया कि उनकी तैनाती में चुनाव सामग्री वाले कमरों की सुरक्षा करना शामिल नहीं है, जिसे उन्होंने एक गंभीर चूक बताया. उन्होंने कहा, ‘ठीक से सीलिंग, डबल-लॉकिंग और सुरक्षा इंतज़ामों की कमी से चुनाव से जुड़ी ज़रूरी चीज़ों के साथ छेड़छाड़ या उनके गलत इस्तेमाल का बड़ा खतरा पैदा हो जाता है.’

चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए सैकिया ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी चीज़ों को या तो किसी ट्रेजरी, सब-ट्रेजरी, या फिर किसी ठीक से सुरक्षित स्ट्रॉन्गरूम में, जहां डबल-लॉक सिस्टम हो और जो किसी अधिकृत अधिकारी की देखरेख में हो, रखा जाना चाहिए.

उन्होंने तुरंत दखल देने की अपील की और जांच करवाने, दिशानिर्देशों का और सख्ती से पालन करने, सुरक्षा इंतज़ामों को और बेहतर बनाने (जिसमें एक खास संतरी चौकी भी शामिल हो), और कथित लापरवाहियों के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.